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झांसी में होगी रेडियोथैरेपी, बुंदेलखंड के डेढ़ हजार कैंसर मरीजों का होगा इलाज
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग में जल्द ही रेडियोथैरेपी शुरू हो जाएगी। इसके लिए नई मशीन आएगी। सिकाई शुरू होने के बाद बुंदेलखंड के लगभग डेढ़ हजार मरीजों को इलाज कराने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह बुंदेलखंड का एकमात्र संस्थान होगा, जहां ये सुविधा मिलेगी।
अभी बुंदेलखंड में कहीं पर भी रेडियोथैरेपी की सुविधा नहीं है। इससे कैंसर मरीजों को ग्वालियर, मुंबई, कानपुर, लखनऊ और दिल्ली में सिकाई कराने के लिए जाना पड़ता है। कुछ समय पहले यहां पर सिकाई की सुविधा शुरू कराने के लिए शासन ने टर्सियरी कैंसर केयर सेंटर को मंजूरी दी थी। मगर कागजी कार्रवाई पूरी न हो पाने की वजह से सेंटर की शुरूआत नहीं हो सकी। अब फिर से शासन स्तर से मेडिकल कॉलेज में कैंसर रोगियों के लिए रेडियोथैरेपी की सुविधा शुरू करने के लिए पहल की गई है। कॉलेज प्रशासन भी प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है। कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि जल्द ही कैंसर विभाग में सिकाई की मशीन आ जाएगी। इसके बाद यहां पर रेडियोथैरेपी शुरू होगी। हर साल बुंदेलखंड के लगभग डेढ़ हजार मरीज झांसी से बाहर रेडियोथैरेपी कराने के लिए जाते हैं। उन्हें झांसी में ही इलाज मिलेगा।
ये भी जानें
- मेडिकल कॉलेज में हर साल 700 नए कैंसर मरीज पंजीकृत होते।
- हर समय 10 से 12 मरीज विभाग में भर्ती रहते हैं।
- मौजूदा समय में यहां ऑपरेशन और कीमोथैरेपी की सुविधा है।
- इलाज कराने के लिए बुंदेलखंड ही नहीं मध्य प्रदेश के भी मरीज आते।
टाटा मेमोरियल में ट्रेनिंग लेंगे झांसी के डॉक्टर
पिछले सप्ताह टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई की टीम मेडिकल कॉलेज आई थी। बैठक में अभी टेली कंसल्टेशन शुरू करने पर सहमति बनी। टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर कैंसर के मरीजों के इलाज के संबंध में आपस में चर्चा करेंगे। टाटा मेमोरियल की टीम ने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन, सर्जरी, रेडियोथैरेपी और पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टर छह-छह महीने के अंतराल में मुंबई जाकर ट्रेनिंग लें। इस पर सहमति बन गई।
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अभी बुंदेलखंड में कहीं पर भी रेडियोथैरेपी की सुविधा नहीं है। इससे कैंसर मरीजों को ग्वालियर, मुंबई, कानपुर, लखनऊ और दिल्ली में सिकाई कराने के लिए जाना पड़ता है। कुछ समय पहले यहां पर सिकाई की सुविधा शुरू कराने के लिए शासन ने टर्सियरी कैंसर केयर सेंटर को मंजूरी दी थी। मगर कागजी कार्रवाई पूरी न हो पाने की वजह से सेंटर की शुरूआत नहीं हो सकी। अब फिर से शासन स्तर से मेडिकल कॉलेज में कैंसर रोगियों के लिए रेडियोथैरेपी की सुविधा शुरू करने के लिए पहल की गई है। कॉलेज प्रशासन भी प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है। कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि जल्द ही कैंसर विभाग में सिकाई की मशीन आ जाएगी। इसके बाद यहां पर रेडियोथैरेपी शुरू होगी। हर साल बुंदेलखंड के लगभग डेढ़ हजार मरीज झांसी से बाहर रेडियोथैरेपी कराने के लिए जाते हैं। उन्हें झांसी में ही इलाज मिलेगा।
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ये भी जानें
- मेडिकल कॉलेज में हर साल 700 नए कैंसर मरीज पंजीकृत होते।
- हर समय 10 से 12 मरीज विभाग में भर्ती रहते हैं।
- मौजूदा समय में यहां ऑपरेशन और कीमोथैरेपी की सुविधा है।
- इलाज कराने के लिए बुंदेलखंड ही नहीं मध्य प्रदेश के भी मरीज आते।
टाटा मेमोरियल में ट्रेनिंग लेंगे झांसी के डॉक्टर
पिछले सप्ताह टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई की टीम मेडिकल कॉलेज आई थी। बैठक में अभी टेली कंसल्टेशन शुरू करने पर सहमति बनी। टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर कैंसर के मरीजों के इलाज के संबंध में आपस में चर्चा करेंगे। टाटा मेमोरियल की टीम ने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन, सर्जरी, रेडियोथैरेपी और पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टर छह-छह महीने के अंतराल में मुंबई जाकर ट्रेनिंग लें। इस पर सहमति बन गई।
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