{"_id":"5e16308e8ebc3e87ac773603","slug":"radharani-bihari-ji-arrived-with-a-musical-instrument-in-court-jhansi-news-jhs1570319150","type":"story","status":"publish","title_hn":"अदालत में पेशी पर गाजे-बाजे के साथ पहुंचे राधारानी - बिहारी जी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अदालत में पेशी पर गाजे-बाजे के साथ पहुंचे राधारानी - बिहारी जी
विज्ञापन
झांसी। बुधवार की दोपहर में पृथ्वीपुर के बिहारी जी मंदिर से भगवान कृष्ण और राधारानी की मूर्तियों को अदालत ले जाया गया। बाकायदा इनकी मूर्तियों की पेशी हुई थी। कोर्ट में सत्यापन कराया गया। भक्त भी अपने आराध्य की मूर्तियों को सजा-धजाकर गाजे-बाजे के साथ ले गए। रास्ते भर भगवान कृष्ण और राधा रानी के जयकारे गूंजते रहे।
मामला कुछ यूं हुआ कि मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर कस्बे में प्राचीन बिहारी जी मंदिर से राधा रानी और बिहारी जी की मूर्तियां चौदह जनवरी 2009 को चोरी हो गई थीं। पुलिस ने सात दिन के भीतर 21 जनवरी 2009 को चार बदमाशों को गिरफ्तार करके दोनों मूर्तियों को बरामद भी कर लिया था। कुछ दिनों बाद कोर्ट के आदेश पर राधा- कृष्ण की प्रतिमाओं को मंदिर के पुजारी के सुपुर्द कर दिया गया और फि र से उसी मंदिर में बिहारी जी और राधा रानी को विराजमान कर नित्य पूजा अर्चना शुरू कर दी गई थी। तब से लेकर अब तक प्रतिदिन मंदिर में पूजा-अर्चना व आरती के समय हजारों भक्त अपने आराध्य के दर्शनों को मंदिर पहुंचते रहे। लेकिन, अदालत ने कानूनी प्रक्रिया के तहत, इन मूर्तियों का एक बार फि र भौतिक सत्यापन किए जाने के लिए जनवरी 2020 में पुजारी बृजेश कुमार को पत्र भेजा कि वह चोरी के सुपुर्द सामान समेत कोर्ट में पेश हों, ताकि सत्यापन हो सके। पुजारी ने मंदिर में अदालत के पत्र वाली बात सभी भक्तों को बताई तो सभी ने निर्णय लिया कि वे अपने बिहारी जी व राधा रानी को गाजे-बाजे के साथ कोर्ट में पेशी के लिए ले जाएंगे। आठ जनवरी 2020 को पुजारी और भक्त गाजे बाजे के साथ अपने आराध्य को निवाड़ी कोर्ट में पेशी पर लेकर पहुंचे। भगवान का चल समारोह अदालत में पहुंचा, विमान में विराजमान बिहारी जी व राधारानी को निहारने के बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर मजिस्ट्रेट ने फिर से मंदिर ले जाने के आदेश कर दिए और भक्त नाचते गाते अपने प्रभु को लेकर पृथ्वीपुर के बिहारी जी मंदिर पहुंचे तथा उन्हें विराजमान कर दिया।
आरोपी सजा से न बच सकें इसके लिए मूर्तियों का सत्यापन किया गया है । यह न्यायालय की सतत प्रक्त्रिस्या है
विकास गर्ग जिला अभियोजन अधिकारी
भक्तों ने बड़े ही भाव से भगवान को अदालत तक पहुंचाया, उधर मौजूद लोगों ने भी बिहारी जी को पूरा मान दिया।
बृजेश पुजारी ;बिहारी जी मंदिर के पुजारी
विज्ञापन
मामला कुछ यूं हुआ कि मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर कस्बे में प्राचीन बिहारी जी मंदिर से राधा रानी और बिहारी जी की मूर्तियां चौदह जनवरी 2009 को चोरी हो गई थीं। पुलिस ने सात दिन के भीतर 21 जनवरी 2009 को चार बदमाशों को गिरफ्तार करके दोनों मूर्तियों को बरामद भी कर लिया था। कुछ दिनों बाद कोर्ट के आदेश पर राधा- कृष्ण की प्रतिमाओं को मंदिर के पुजारी के सुपुर्द कर दिया गया और फि र से उसी मंदिर में बिहारी जी और राधा रानी को विराजमान कर नित्य पूजा अर्चना शुरू कर दी गई थी। तब से लेकर अब तक प्रतिदिन मंदिर में पूजा-अर्चना व आरती के समय हजारों भक्त अपने आराध्य के दर्शनों को मंदिर पहुंचते रहे। लेकिन, अदालत ने कानूनी प्रक्रिया के तहत, इन मूर्तियों का एक बार फि र भौतिक सत्यापन किए जाने के लिए जनवरी 2020 में पुजारी बृजेश कुमार को पत्र भेजा कि वह चोरी के सुपुर्द सामान समेत कोर्ट में पेश हों, ताकि सत्यापन हो सके। पुजारी ने मंदिर में अदालत के पत्र वाली बात सभी भक्तों को बताई तो सभी ने निर्णय लिया कि वे अपने बिहारी जी व राधा रानी को गाजे-बाजे के साथ कोर्ट में पेशी के लिए ले जाएंगे। आठ जनवरी 2020 को पुजारी और भक्त गाजे बाजे के साथ अपने आराध्य को निवाड़ी कोर्ट में पेशी पर लेकर पहुंचे। भगवान का चल समारोह अदालत में पहुंचा, विमान में विराजमान बिहारी जी व राधारानी को निहारने के बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर मजिस्ट्रेट ने फिर से मंदिर ले जाने के आदेश कर दिए और भक्त नाचते गाते अपने प्रभु को लेकर पृथ्वीपुर के बिहारी जी मंदिर पहुंचे तथा उन्हें विराजमान कर दिया।
विज्ञापन
आरोपी सजा से न बच सकें इसके लिए मूर्तियों का सत्यापन किया गया है । यह न्यायालय की सतत प्रक्त्रिस्या है
विकास गर्ग जिला अभियोजन अधिकारी
भक्तों ने बड़े ही भाव से भगवान को अदालत तक पहुंचाया, उधर मौजूद लोगों ने भी बिहारी जी को पूरा मान दिया।
बृजेश पुजारी ;बिहारी जी मंदिर के पुजारी