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किले में फिर गूंजेगी रानी की ललकार
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किले में फिर गूंजेगी रानी की ‘ललकार’
झांसी। किले में एक दशक पहले रानी की गौरव गाथा पर आधारित लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत की गई थी लेकिन अब इसकी ध्वनि और प्रकाश दोनों ही मंद पड़ गए हैं। झांसी विकास प्राधिकरण ने इसकी मरम्मत की योजना बनाई थी, लेकिन पुरातत्व विभाग की अनुमति नहीं मिली। इस पर जेडीए ने इस शो का संचालन बंद कर दिया। इसके विरोध में विभिन्न संगठन लामबंद हो गए। तब जाकर पुरातत्व विभाग ने इसके संचालन की अनुमति दे दी है। जल्द ही जेडीए इसका संचालन दोबारा से शुरू करने जा रहा है।
महारानी लक्ष्मीबाई की शौर्यगाथा को बयां करने वाले लाइट एंड साउंड शो को झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2008 को किले में शुरू किया गया था। शो में सन् 1857 की गदर को फिल्म अभिनेत्री सुष्मिता सेन व अभिनेता ओमपुरी की आवाज में दर्शाया जाता था, जिसको लोगों ने काफी पसंद किया। समय के साथ शो पुराना व जर्जर होने के कारण कई बार जेडीए ने पुरातत्व विभाग से मरम्मत करने के साथ ही डिजिटल करने की अनुमति मांगी थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। शो का सामान जर्जर होने के कारण जेडीए ने संचालन बंद कर दिया था। इस पर कई सामाजिक संगठनों ने आपत्ति की थी। अब पुरात्तव विभाग ने शो की मरम्मत करने की अनुमति दे दी है। इसके तहत किले में आधुनिक लाइटें लगेंगी। पुराने साउंड सिस्टम को भी बदला जाएगा। शो में रोशनी का भी पर्याप्त इंतजाम किया जाएगा। जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार ने बताया कि 40 लाख से लाइट एंड साउंड की मरम्मत का काम होगा। शो को भव्य व आधुनिक किया जाएगा। लाइटों का भी पर्याप्त इंतजाम होगा। इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर कार्य को शुरू किया जाएगा।
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झांसी। किले में एक दशक पहले रानी की गौरव गाथा पर आधारित लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत की गई थी लेकिन अब इसकी ध्वनि और प्रकाश दोनों ही मंद पड़ गए हैं। झांसी विकास प्राधिकरण ने इसकी मरम्मत की योजना बनाई थी, लेकिन पुरातत्व विभाग की अनुमति नहीं मिली। इस पर जेडीए ने इस शो का संचालन बंद कर दिया। इसके विरोध में विभिन्न संगठन लामबंद हो गए। तब जाकर पुरातत्व विभाग ने इसके संचालन की अनुमति दे दी है। जल्द ही जेडीए इसका संचालन दोबारा से शुरू करने जा रहा है।
महारानी लक्ष्मीबाई की शौर्यगाथा को बयां करने वाले लाइट एंड साउंड शो को झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2008 को किले में शुरू किया गया था। शो में सन् 1857 की गदर को फिल्म अभिनेत्री सुष्मिता सेन व अभिनेता ओमपुरी की आवाज में दर्शाया जाता था, जिसको लोगों ने काफी पसंद किया। समय के साथ शो पुराना व जर्जर होने के कारण कई बार जेडीए ने पुरातत्व विभाग से मरम्मत करने के साथ ही डिजिटल करने की अनुमति मांगी थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। शो का सामान जर्जर होने के कारण जेडीए ने संचालन बंद कर दिया था। इस पर कई सामाजिक संगठनों ने आपत्ति की थी। अब पुरात्तव विभाग ने शो की मरम्मत करने की अनुमति दे दी है। इसके तहत किले में आधुनिक लाइटें लगेंगी। पुराने साउंड सिस्टम को भी बदला जाएगा। शो में रोशनी का भी पर्याप्त इंतजाम किया जाएगा। जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार ने बताया कि 40 लाख से लाइट एंड साउंड की मरम्मत का काम होगा। शो को भव्य व आधुनिक किया जाएगा। लाइटों का भी पर्याप्त इंतजाम होगा। इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर कार्य को शुरू किया जाएगा।
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