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कोच में मिलेगा शुद्ध पानी और सोने के लिए आरामदायक बर्थ
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झांसी। कोच मरम्मत कारखाने में पहली बार आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच को आवधिक मरम्मत कर तैयार किया गया है। इस कोच में यात्रियों को शुद्ध पानी की सुविधा के लिए आरओ, एलईडी लाइट, ग्रीन शौचालय प्रत्येक केबिन में दो मोबाइल चार्जर प्वाइंट व आरामदायक बर्थ लगाई गई है।
कोच मरम्मत कारखाने में 2015 से कोचों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। मगर, रेलवे बोर्ड ने पुनर्निर्माण पर तीन साल के लिए रोक लगा दी है। कारखाने में आईसीएफ कोचों की आवधिक मरम्मत (पीओएच) का कार्य चल रहा है। वर्तमान में एक महीने में 30 कोचों की आवधिक मरम्मत की जा रही है। अब आधुनिक एलएचबी कोचों की आवधिक मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है। अभी तक उत्तर मध्य रेलवे के एलएचबी कोचों की मरम्मत का काम गोरखपुर व अजमेर के कारखाने में कराया जा रहा था। झांसी कारखाने में एचएलबी कोचों की आवधिक मरम्मत शुरू होने से दूसरे जोन पर निर्भरता कम व समय की बचत होगी।
इस अवसर पर मुख्य कारखाना प्रबंधक दीपक निगम ने कहा कि कारखाने ने पिछले एक साल में कोरोना महामारी के बावजूद नए आयाम हासिल किए हैं। कारखाने का मासिक लक्ष्य 20 कोच से बढ़ाकर 30 कोच हो गया है। अब हर माह 20 एलएचबी कोचों की भी मरम्मत का कार्य होगा। महाप्रबंधक ने कारखाने के अच्छे कार्य के लिए 25 हजार प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है।
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इस मौके पर मुख्य कारखाना प्रबंधक (वैगन) एसपी तिवारी, एसटीसी निदेशक आरडी मौर्या, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अवधेश कुमार गुप्ता, उप मुख्य वित्त सलाहकार विष्णु तिवारी, उप मुख्य सामग्री प्रबंधक आकांक्षा तिवारी, उप मुख्य कार्मिक अधिकारी उल्लास कुमार, कार्य प्रबंधक सतीश निरंजन, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अवधेश कुमार गुप्ता, उप मुख्य सामग्री प्रबंधक राकेश गुप्ता मौजूद रहे।
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कोच मरम्मत कारखाने में 2015 से कोचों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। मगर, रेलवे बोर्ड ने पुनर्निर्माण पर तीन साल के लिए रोक लगा दी है। कारखाने में आईसीएफ कोचों की आवधिक मरम्मत (पीओएच) का कार्य चल रहा है। वर्तमान में एक महीने में 30 कोचों की आवधिक मरम्मत की जा रही है। अब आधुनिक एलएचबी कोचों की आवधिक मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है। अभी तक उत्तर मध्य रेलवे के एलएचबी कोचों की मरम्मत का काम गोरखपुर व अजमेर के कारखाने में कराया जा रहा था। झांसी कारखाने में एचएलबी कोचों की आवधिक मरम्मत शुरू होने से दूसरे जोन पर निर्भरता कम व समय की बचत होगी।
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इस अवसर पर मुख्य कारखाना प्रबंधक दीपक निगम ने कहा कि कारखाने ने पिछले एक साल में कोरोना महामारी के बावजूद नए आयाम हासिल किए हैं। कारखाने का मासिक लक्ष्य 20 कोच से बढ़ाकर 30 कोच हो गया है। अब हर माह 20 एलएचबी कोचों की भी मरम्मत का कार्य होगा। महाप्रबंधक ने कारखाने के अच्छे कार्य के लिए 25 हजार प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है।
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इस मौके पर मुख्य कारखाना प्रबंधक (वैगन) एसपी तिवारी, एसटीसी निदेशक आरडी मौर्या, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अवधेश कुमार गुप्ता, उप मुख्य वित्त सलाहकार विष्णु तिवारी, उप मुख्य सामग्री प्रबंधक आकांक्षा तिवारी, उप मुख्य कार्मिक अधिकारी उल्लास कुमार, कार्य प्रबंधक सतीश निरंजन, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अवधेश कुमार गुप्ता, उप मुख्य सामग्री प्रबंधक राकेश गुप्ता मौजूद रहे।