फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   psychopath new cases increase in lockdown

कोरोना दौर में बढ़ा मनोविकार, 15 फीसदी नए केस सामने आए

Tue, 28 Jul 2020 12:57 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2020 12:57 AM IST
विज्ञापन
psychopath new cases increase in lockdown
झांसी। कोरोना वायरस के दौर में मनोविकार में इजाफा हुआ है। हाइपोकॉन्ड्रिकल डिस्ऑर्डर, ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिस्ऑर्डर, ओसीडी के समेत कई प्रकार के मानसिक रोगियों की संख्या 15 फीसदी तक बढ़ गई है। मनोचिकित्सकों के मुताबिक इन बीमारियों के चलते कोरोना के डर से बेवजह हाथ धोने, बार-बार नहाने, हल्की सी शारीरिक समस्या होने पर खुद को कोरोना पॉजिटिव समझ लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है।
विज्ञापन

कोरोना बीमारी को लेकर लोगों के मन में खौफ बढ़ता जा रहा है। इसी का दुष्परिणाम है कि कई लोग मनोविकार तक का शिकार हो रहे हैं। दिनभर कोरोना के बारे में सुनते रहना, चर्चा करना, घरों में बंद रहना, मनोरंजन के साधन बेहद सीमित हो जाने आदि की वजह से मेंटल डिस्ऑर्डर के केसों में इजाफा हुआ है। कई लोग हाइपोकॉन्ड्रिकल डिस्ऑर्डर का शिकार हो गए हैं। इसमें व्यक्ति यह सोचता रहता है कि उसे कोई बढ़ी बीमारी हो गई है। चूंकि, मौजूदा समय में कोरोना वायरस फैला हुआ है। ऐसे में कई लोग मनोविकार की वजह से हल्की सी खांसी, जुकाम और बुखार को सीधे कोरोना वायरस से जोड़कर देखने लगते है। उसके मन में यह बात घर कर जाती है कि वह कोरोना पॉजिटिव हो गया है। अब उससे उसके परिजन भी पॉजिटिव हो जाएंगे। कभी-कभी को लगने लगता है कि उसे सांस नहीं आ रही है। जबकि, वास्तविकता में ऐसा कुछ होता नहीं है। वहीं, ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिस्ऑर्डर के रोगियों में भी इजाफा हुआ है। इसके शिकार बिना वजह दिनभर में कई बार हाथ धुलते रहते हैं। कुछ लोग तो अपने बच्चों समेत परिजनों को बार-बार नहलाते रहते हैं। चाहें वह घर से बाहर गया हो अथवा नहीं। मनोचिकित्सकों के पास इन बीमारियों समेत घबराहट, डिप्रेशन को मिलकार मनोविकार के 15 फीसदी नए केस बढ़ गए हैं।
विज्ञापन

केस-1
बच्ची को लगने लगा उसे सांस नहीं आ रही
घर में दिनभर कोरोना को लेकर बातचीत सुनते-सुनते आठ साल की बच्ची में बीमारी को लेकर खौफ बैठ गया। एक दिन बच्ची को अचानक से लगने लगा कि उसे सांस नहीं आ रही है। परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर आए। जांच पड़ताल में डॉक्टर ने पाया कि उसे कोई समस्या नहीं है। सिर्फ बीमारी को लेकर वहम है। समझा-बुझाकर बीमारी के प्रति डर दूर होने के बाद उसे घर भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस-2
रात में ठंडे पानी से बच्चे को नहलाया, हुआ बीमार
सीपरी बाजार निवासी एक व्यक्ति में कोरोना को लेकर डर इस कदर भर गया कि वह दिनभर में सात-आठ बार नहाने लगा। परिजनों को भी नहाने के लिए कहने लगा। एक दिन रात में घर पर मिलने के लिए कुछ लोग आ गए। जब वह गए तो व्यक्ति ने अपने बच्चे को रात में ठंडे पानी से नहला दिया। इससे बच्चे की तबीयत काफी बिगड़ गई। बाद में उसे अस्पताल ले गए। जहां जांच में निमोनिया की पुष्टि हुई।
कोरोना के दौर में मेंटल डिस्ऑर्डर के केसों में काफी इजाफा हुआ है। बेवजह हाथ धोने, खुद को बीमार समझने, डिप्रेशन समेत कई प्रकार के नए मनोरोगी सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोग भी दिनभर कोरोना को लेकर घर पर चर्चा न करते रहें। घर का माहौल खुशनुमा और सकारात्मक बनाए रखें और समय मिलने पर बच्चों के साथ इंडोर खेल भी खेलें। - डॉ. शिकाफा जाफरीन, मनोचिकित्सक।

कोरोना वायरस के चलते ज्यादातर घरों में रहने, घूमने-फिरने न जा पाने आदि वजहों से हाइपोकॉन्ड्रिकल और ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिस्ऑर्डर, डिप्रेशन, घबराहट समेत विभिन्न मनोविकार वाले रोगियों की संख्या में 10 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। हालांकि, इनमें वो रोगी भी शामिल हैं, जिन्हें यह बीमारी होने की संभावना भी काफी प्रबल थी। - डॉ. अमन किशोर, मनोचिकित्सक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed