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सप्ताह भर से गुमसुम था नंदू, किसी से बात भी नहीं कर रहा था, खाना भी खा रहा था कम

Fri, 09 Oct 2020 12:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2020 12:39 AM IST
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Prisoner silent a weak off, food eat less
झांसी। जेल में आत्महत्या करने वाला कैदी नंदू उर्फ नंदराम पिछले एक सप्ताह से बेहद गुमसुम था। किसी से ज्यादा बात भी नहीं कर रहा था। इसके अलावा खाना भी वो कम खा रहा था। इससे जाहिर है कि कई दिन पहले से वो अपनी मौत का तानाबाना बुन रहा था। हालांकि, आत्मघाती कदम उठाने के पीछे का कारण क्या था, ये जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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बबीना थाना इलाके के ग्राम बुढ़पुरा के मजरा धर्मपुरा निवासी रघुवीर ढीमर के पुत्र नंदू उर्फ नंदराम (35) हत्या के मामले में 17 नवंबर 2010 से जेल में बंद था। 18 दिसंबर 2012 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वो जेल की बैरक नंबर छह में अपनी सजा काट रहा था। बुधवार की देर शाम उसका शव बैरक के अहाते में लगे एक पेड़ से लटका मिला था। उसने गमछे को फंदा बनाकर मौत को गले लगाया था। इससे हड़कंप की स्थित मची रही। सूत्रों के अनुसार नंदू पिछले
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एक सप्ताह से बेहद गुमसुम चल रहा था। वो किसी से बात भी नहीं कर रहा था। जब कोई उससे बात करता था तो उसका सीमित जवाब देकर चुप्पी साध लेता था। इतना ही नहीं, खाने में भी उसकी दिलचस्पी नहीं थी। वो खाना भी बहुत खा रहा था। उसका स्वभाव बदला नजर आ रहा था। लेकिन, किसी को ये नहीं मालूम था कि वो मन ही मन अपनी मौत की योजना बना रहा है। बुधवार की शाम मौका मिलते ही उसने अपनी योजना को अंजाम दे दिया। योजनाबद्ध तरीके से नंदू ने पेड़ की बीस फीट ऊंची डाल से लटकर कर आत्महत्या कर ली। उसके शव को उतारने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। बृहस्पतिवार को उसके शव का पोस्टमार्टम कर शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
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जांच में होगा मौत के राज का पर्दाफाश
झांसी। आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी नंदू उर्फ नंदराम द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना की न्यायिक जांच होगी। इसके अलावा जेल प्रशासन भी अपनी जांच करेगा। इन जांचों के पूरा होने के बाद ही आत्महत्या का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
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