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डॉक्टरों ने नहीं किया इलाज, गर्भवती महिला ने तोड़ा दम

Sat, 16 May 2020 03:20 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Sat, 16 May 2020 03:20 AM IST
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pregnent woman died in jhansi in lack of treatment
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

शुक्रवार को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिला की मौत हो गई। परिजनों ने कोरोना वायरस के डर से महिला को भर्ती न करने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि महिला को भर्ती तक नहीं किया गया। इससे तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। बाद में सांस फूलते-फूलते महिला ने दम तोड़ दिया। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने इलाज में लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। मामले में गरौठा विधायक के हस्तक्षेप के बाद जांच समिति का गठन कर दिया गया है।

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थाना समथर के कडूरा गांव निवासी अजीत सिंह राजपूत की शादी दो साल पहले ही दीपिका (26) के साथ हुई थी। दीपिका आठ महीने की गर्भवती थी। बृहस्पतिवार को दीपिका की अचानक से तबीयत बिगड़ने लगी और उसे पेट दर्द शुरू हो गया। वह उसे झांसी के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मौजूद स्टाफ ने डॉक्टर न होने की बात कहते हुए भर्ती करने से इंकार कर दिया। इसके बाद परिजन गर्भवती को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंच गए।
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अजीत ने बताया कि वह रात लगभग 11 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंच गए थे लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती नहीं किया। दीपिका की तबीयत बिगड़ती चली गई और उसे पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। रात तीन बजे बार-बार कहने पर दीपिका को एक इंजेक्शन लगा दिया। बताया गया कि इंजेक्शन एसीडिटी का लगाया था।
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पति के अनुसार स्टाफ ने उनसे कहा कि सुबह आठ बजे डॉक्टर आएंगी वो देखकर ही भर्ती करेंगी। शुक्रवार की सुबह सात बजे दीपिका ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। मामले की सूचना गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत तक पहुंची तो उन्होंने कॉलेज प्रशासन से लेकर डीएम तक को फोन कर कार्रवाई करने के लिए कहा।

इसके बाद मामले की जांच के लिए कॉलेज प्रशासन ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि डॉक्टर पीपीई किट पहनकर लगातार डिलीवरी करा रही थीं। जैसे ही एक डॉक्टर डिलीवरी के बाद फ्री हुईं तो उन्होंने मरीज को बुलाने को कहा। तब गर्भवती और उसके परिजन चिकित्सालय में नहीं थे।


‘मौत नहीं तीन हत्याएं हुईं’
दीपिका की मौत के बाद उसका शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। गरौठा विधायक परिजनों से मिलने के लिए पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जहां परिजनों ने विधायक से इलाज न करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विधायक ने उन्हें कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, अजीत ने नवाबाद थाने में दी तहरीर में कहा है कि उनकी पत्नी के पेट में दो बच्चे थे। ऐसे में तीनों की मौत नहीं बल्कि हत्या की गई है। इसके सीधे जिम्मेदार कॉलेज प्रशासन, डॉक्टर और स्टाफ है।

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