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ट्रेंड होंगे ‘प्रधानजी’
ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2016 12:29 AM IST
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झांसी। प्रधानों को उनके अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के लिए उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। इतना ही नहीं उन्हें योजनाओं के संचालन व उनकी जानकारी से संबंधित दिग्दर्शिका भी दी जाएगी। आचार संहिता समाप्त होते ही इसकी ट्रेनिंग व दिग्दर्शिका के प्रकाशन की तिथि तय कर दी जाएगी।
केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए तमाम योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। कई योजनाएं ऐसी हैं, जिनके बारे में ग्राम प्रधानों को जानकारी ही नहीं हैं। ऐसे में आम लोगों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।
कई गांवों के प्रधानों की शैक्षिक योग्यता कम होने के कारण गांव के प्रभावशाली लोग व ग्राम पंचायत सचिव अपने अनुसार उनसे काम कराते हैं। ऐसे में गांवों का विकास कार्य तो प्रभावित होता ही है, साथ ही योजनाओं का लाभ पात्रों को नहीं मिल पाता है।
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ऐसी परिस्थिति से बचने के लिए मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार ने प्रधानों को उनके अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति ट्रेंड करने का निर्णय लिया है। छह मार्च को विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के बाद ट्रेनिंग की तिथि तय कर दी जाएगी।
साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चल रही सभी विभागों की योजनाओं को एकत्र कर एक दिग्दर्शिका का प्रकाशन किया जाएगा। इसमें योजना का नाम, उसका उपयोग, उसके संचालन में प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव व लेखपाल आदि की भूमिका का विवरण होगा। ट्रेेनिंग व दिग्दर्शिका के प्रकाशन की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी केके सिंह को दी गई है।
सरकार का फोकस ग्रामों के विकास पर है। ग्राम प्रधानों को जागरूक किए बिना योजनाओं का सफल संचालन संभव नहीं है। ट्रेनिंग प्रधानों के लिए काफी फायदे मंद साबित होगी।
- संजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
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केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए तमाम योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। कई योजनाएं ऐसी हैं, जिनके बारे में ग्राम प्रधानों को जानकारी ही नहीं हैं। ऐसे में आम लोगों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।
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कई गांवों के प्रधानों की शैक्षिक योग्यता कम होने के कारण गांव के प्रभावशाली लोग व ग्राम पंचायत सचिव अपने अनुसार उनसे काम कराते हैं। ऐसे में गांवों का विकास कार्य तो प्रभावित होता ही है, साथ ही योजनाओं का लाभ पात्रों को नहीं मिल पाता है।
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ऐसी परिस्थिति से बचने के लिए मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार ने प्रधानों को उनके अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति ट्रेंड करने का निर्णय लिया है। छह मार्च को विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के बाद ट्रेनिंग की तिथि तय कर दी जाएगी।
साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चल रही सभी विभागों की योजनाओं को एकत्र कर एक दिग्दर्शिका का प्रकाशन किया जाएगा। इसमें योजना का नाम, उसका उपयोग, उसके संचालन में प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव व लेखपाल आदि की भूमिका का विवरण होगा। ट्रेेनिंग व दिग्दर्शिका के प्रकाशन की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी केके सिंह को दी गई है।
सरकार का फोकस ग्रामों के विकास पर है। ग्राम प्रधानों को जागरूक किए बिना योजनाओं का सफल संचालन संभव नहीं है। ट्रेनिंग प्रधानों के लिए काफी फायदे मंद साबित होगी।
- संजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी