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ललितपुर के बजाज पावर प्लांट की एक इकाई बंद
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झांसी। कोयले की कमी के चलते ललितपुर के बजाज पावर प्लांट की एक यूनिट बंद हो गई है। जिससे 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन घट गया है। वहीं पारीछा पावर प्लांट के पास भी केवल एक दिन का कोयला बचा है। अगर प्लांट को कोयला उपलब्ध नहीं हुआ तो सभी यूनिट बंद हो जाएंगी। इससे बिजली का संकट गहरा जाएगा। क्योंकि इस समय बिजली का मांग लगातार बढ़ रही है मगर उत्पादन घट रहा है।
ललितपुर के बजाज पावर प्लांट में 660 मेगावाट की तीन इकाइयों से 1980 मेगावाट बिजली का उत्पादन प्रतिदिन किया जाता है। लेकिन कोयले की कमी के कारण शनिवार को बजाज पावर प्लांट की एक इकाई बंद हो गई। जिससे बिजली का उत्पादन अचानक घट गया। प्लांट में अब सिर्फ डेढ़ दिन का ही कोयला स्टॉक में बचा हुआ है। यदि जल्द कोयले की पूर्ति नहीं हुई तो दूसरी इकाइयां भी बंद हो सकती हैं। उधर, पारीछा थर्मल पावर प्लांट में भी सिर्फ एक दिन का ही कोयला स्टॉक में बचा हुआ है। पारीछा थर्मल पावर प्लांट में दिन में मांग के अनुसार 500 मेगावाट और रात में 910 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
पारीछा थर्मल पावर प्लांट में सिर्फ एक दिन का कोयला स्टॉक में बचा है। दिन में मांग के अनुसार 500 और रात में 910 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। - एमके सचान मुख्य महाप्रबंधक (पारीछा थर्मल पावर प्लांट)
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बुंदेलखंड में बढ़ रही बिजली की कटौती
झांसी। शहरी क्षेत्रों में तो बिजली मिल भी जा रही है लेकिन कस्बाई और ग्रामीण इलाकों में बुरा हाल है। बिजली न मिल पाने से किसान नलकूप नहीं चला पा रहे हैं। मजबूरी में इंजन में डीजल फूंककर सिंचाई करनी पड़ रही है। ग्रामीण इलाकों में तो 8 से 9 घंटे बिजली भी लगातार नहीं मिल पा रही है। अंधाधुंध कटौती से लोगों में आक्रोश है।
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ललितपुर के बजाज पावर प्लांट में 660 मेगावाट की तीन इकाइयों से 1980 मेगावाट बिजली का उत्पादन प्रतिदिन किया जाता है। लेकिन कोयले की कमी के कारण शनिवार को बजाज पावर प्लांट की एक इकाई बंद हो गई। जिससे बिजली का उत्पादन अचानक घट गया। प्लांट में अब सिर्फ डेढ़ दिन का ही कोयला स्टॉक में बचा हुआ है। यदि जल्द कोयले की पूर्ति नहीं हुई तो दूसरी इकाइयां भी बंद हो सकती हैं। उधर, पारीछा थर्मल पावर प्लांट में भी सिर्फ एक दिन का ही कोयला स्टॉक में बचा हुआ है। पारीछा थर्मल पावर प्लांट में दिन में मांग के अनुसार 500 मेगावाट और रात में 910 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
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पारीछा थर्मल पावर प्लांट में सिर्फ एक दिन का कोयला स्टॉक में बचा है। दिन में मांग के अनुसार 500 और रात में 910 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। - एमके सचान मुख्य महाप्रबंधक (पारीछा थर्मल पावर प्लांट)
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झांसी। शहरी क्षेत्रों में तो बिजली मिल भी जा रही है लेकिन कस्बाई और ग्रामीण इलाकों में बुरा हाल है। बिजली न मिल पाने से किसान नलकूप नहीं चला पा रहे हैं। मजबूरी में इंजन में डीजल फूंककर सिंचाई करनी पड़ रही है। ग्रामीण इलाकों में तो 8 से 9 घंटे बिजली भी लगातार नहीं मिल पा रही है। अंधाधुंध कटौती से लोगों में आक्रोश है।