फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Police vicles not complete paper but people cut challan

जनता के काट रहे चालान, खुद पुलिस वाहनों के पूरे नहीं कागजात

Tue, 27 Oct 2020 11:54 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2020 11:54 PM IST
विज्ञापन
Police vicles not complete paper but people cut challan
झांसी। यह जानकर आपको हैरत होगी, वाहन चेकिंग के दौरान लोगों का चालान काटने वाली पुलिस की गाड़ियों के खुद कागज पूरे नहीं हैं। जिले में यूपी 112 की जिले में 45 गाड़ियां हैं। इनमें किसी भी गाड़ी का बीमा नहीं है। ऐसे में यदि इन वाहनों से कोई दुर्घटना होती है तो ठीकरा चालक पर ही फोड़ा जाएगा।
विज्ञापन

जिले भर में पुलिस अभियान चलाकर वाहनों की चेकिंग करने के साथ ही जुर्माना वसूलकर यातायात नियमोें का पालन करने की हिदायत दे रही है। लेकिन, जनता को नियम कायदों की सीख देने वाला पुलिस महकमा खुद नियमों का पालन नहीं कर रहा है। जिले के कई पुलिस वाहन बिना बीमा के फर्राटा भर रहे हैं। वर्तमान में पुलिस के बेड़े में डेढ सौ से अधिक वाहन हैं। इनमें 45 वाहन डायल-112 के हैं। इनमें डायल 112 की किसी भी गाड़ी का बीमा नहीं है। सड़क पर उतरने की तारीख से लेकर अब तक किसी भी वाहन का बीमा नहीं हुआ।
विज्ञापन

अधिकारियों का तर्क है कि राजकीय वाहन एमवी एक्ट के अधीन नहीं आते। यानी सरकार का मानना है कि सड़कों पर दौड़ने वाले इन वाहनों से किसी को कोई खतरा नहीं। न ही फिटनेस के अभाव में ये दुर्घटनाग्रस्त होंगे और न ही इनसे किसी के जीवन को हानि पहुंच सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चालकों को उठाना पड़ता है खर्चा
वाहनों के बीमा लेकर अधिकारी भले ही कानून का हवाला दें, लेकिन हकीकत में देखा जाए तो विभाग के चालक भी इससे परेशान हैं। एक चालक ने बताया कि गाड़ी की पूरी जिम्मेदारी उनकी होती है। यदि कोई दुर्घटना होती है तो सरकार का तो पता नहीं, लेकिन सीधा उन पर मुकदमा होगा। बीच में कोई इंश्योरेंस कंपनी न होने के कारण जनहानि में पीड़ित परिवार को हर्जाना देने से लेकर गाड़ी की टूट-फूट खर्च भी खुद वहन करना पड़ेगा। छुटपुट टूट-फूट तो चालक और थाना प्रभारी को ही भुगतना पड़ता है।

नियम कानून सबके लिए बराबर है। सड़क पर उतरने वाले हर वाहन का बीमा जरूरी है। बीमा नहीं होने की दशा में क्लेम की भरपाई वाहन स्वामी को करनी होगी। वाहन सरकारी हो अथवा निजी, मोटर व्हीकल एक्ट सभी पर समान लागू होता है।
प्रणय श्रीवास्तव, महामंत्री - जिला अधिवक्ता संघ
सरकारी वाहन सरकार की प्रापर्टी है। उनके बीमा का कोई प्रावधान नहीं है। हादसा होने की स्थिति में क्लेम की भरपाई सरकार करती है।
ओपी सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed