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पुलिस का खेल : कच्ची शराब के माफिया को जेल की जगह थाने से मिल रही बेल
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कच्ची शराब के मामले में पुलिस आरोपियों पर कम धाराओं में कार्रवाई करती है।
- फोटो : ???? ????
पुलिस का खेल : कच्ची शराब के माफिया को जेल की जगह थाने से मिल रही बेल
झांसी। कच्ची शराब की कार्रवाई में पुलिस धाराओं का बड़ा खेल कर रही है। गंभीर धाराओं की जगह मामूली धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा रही है। इस कारण अवैध कारोबारी थाने से ही जमानत पाकर छूट रहे हैं। यही वजह है कि सख्त कार्रवाई न होने से जिले में में कच्ची शराब बनाने का धंधा कभी कमजोर नहीं पड़ा।
आबकारी अधिनियम की धारा 60 शराब के अवैध कारोबारियों के लिए अभयदान से कम नहीं है। इस धारा में मामला दर्ज होने पर आरोपियों को थाने से ही जमानत मिल जाती है। जबकि, ऐसे मामलों में आईपीसी की धारा 272 का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जिसमें सजा के कड़े प्रावधान हैं। अवैध कारोबारियों पर पुलिस की मेहरबानी को लेकर भी सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
जनवरी से अक्तूबर तक जिले में अवैध शराब के कारोबार में लिप्त 1,142 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अधिकांश कार्रवाई धारा 60 में की गई। सख्त कार्रवाई न होने से जगह-जगह कच्ची शराब की भट्ठियां भी खूब धधक रही हैं।
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अज्ञात में कार्रवाई होने का भी मिलता फायदा
विडंबना यह है कि मुखबिर की सूचना पर छापा मारने के दौरान अवैध कारोबारी हमेशा फरार हो जाते हैं। इसके बाद पुलिस और आबकारी टीम द्वारा अज्ञात कारोबारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है, जिसका फायदा अवैध कारोबारियों को मिलता रहा है। इसी कारण है कि यह धंधा इन क्षेत्रों में बंद नहीं हो सका।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जागी पुलिस
अवैध शराब पर रोक लगाने के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए। इसके बाद नींद से जागी पुलिस ने शनिवार व रविवार को कई स्थानों पर दबिश दी। पुलिस ने कई आरोपियों को भी पकड़ा। सीएम की सख्ती के बाद पुलिस ने संगीन धाराओं में कार्रवाई करना शुरू कर दी है।
अवैध व कच्ची शराब के कारोबारियों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। थानेदारों को कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि ऐसा है तो थानेदारों को अलग से निर्देश दिए जाएंगे।
विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी
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झांसी। कच्ची शराब की कार्रवाई में पुलिस धाराओं का बड़ा खेल कर रही है। गंभीर धाराओं की जगह मामूली धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा रही है। इस कारण अवैध कारोबारी थाने से ही जमानत पाकर छूट रहे हैं। यही वजह है कि सख्त कार्रवाई न होने से जिले में में कच्ची शराब बनाने का धंधा कभी कमजोर नहीं पड़ा।
आबकारी अधिनियम की धारा 60 शराब के अवैध कारोबारियों के लिए अभयदान से कम नहीं है। इस धारा में मामला दर्ज होने पर आरोपियों को थाने से ही जमानत मिल जाती है। जबकि, ऐसे मामलों में आईपीसी की धारा 272 का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जिसमें सजा के कड़े प्रावधान हैं। अवैध कारोबारियों पर पुलिस की मेहरबानी को लेकर भी सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
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जनवरी से अक्तूबर तक जिले में अवैध शराब के कारोबार में लिप्त 1,142 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अधिकांश कार्रवाई धारा 60 में की गई। सख्त कार्रवाई न होने से जगह-जगह कच्ची शराब की भट्ठियां भी खूब धधक रही हैं।
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अज्ञात में कार्रवाई होने का भी मिलता फायदा
विडंबना यह है कि मुखबिर की सूचना पर छापा मारने के दौरान अवैध कारोबारी हमेशा फरार हो जाते हैं। इसके बाद पुलिस और आबकारी टीम द्वारा अज्ञात कारोबारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है, जिसका फायदा अवैध कारोबारियों को मिलता रहा है। इसी कारण है कि यह धंधा इन क्षेत्रों में बंद नहीं हो सका।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जागी पुलिस
अवैध शराब पर रोक लगाने के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए। इसके बाद नींद से जागी पुलिस ने शनिवार व रविवार को कई स्थानों पर दबिश दी। पुलिस ने कई आरोपियों को भी पकड़ा। सीएम की सख्ती के बाद पुलिस ने संगीन धाराओं में कार्रवाई करना शुरू कर दी है।
अवैध व कच्ची शराब के कारोबारियों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। थानेदारों को कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि ऐसा है तो थानेदारों को अलग से निर्देश दिए जाएंगे।
विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी