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Jhansi News: सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस अब तक तलाश नहीं सकी सीसीटीवी फुटेज
Mon, 09 Dec 2024 02:18 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Mon, 09 Dec 2024 02:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। डेढ़ साल पहले कोतवाली में दर्ज हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस अब तक न सीसीटीवी फुटेज जुटा सकी और न ही मोबाइल के सीडीआर निकाल सकी है। वहीं, इस मामले में अब एडीजी जोन ने पुलिस अफसरों की भूमिका तलाशने के लिए ललितपुर एसपी को जांच सौंपी है।
सीपरी बाजार निवासी मुकेश वर्मा के खिलाफ कोतवाली में 11 अगस्त 2023 को छेड़खानी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। धारा 164 के बयान में पीड़िता ने दुष्कर्म के भी आरोप लगा दिए। इसमें पीड़िता ने घटना स्थल अपना घर बताया लेकिन, घटना की तारीख एवं समय नहीं बताया। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने 20 अगस्त को इस मामले में सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी। तत्कालीन सीओ सिटी ने मामले की विवेचना की लेकिन, बचाव पक्ष ने पुलिस पर फर्जी जांच रिपोर्ट लगाने का आरोप लगाते हुए आईजीआरएस में शिकायत कर दी। बचाव पक्ष का कहना है कि जानबूझकर उसे फंसाने के लिए फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के निष्पक्ष विवेचना न करने की वजह से ही पुलिस ने अभी तक सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर को विवेचना में शामिल नहीं किया। बचाव पक्ष ने इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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झांसी। डेढ़ साल पहले कोतवाली में दर्ज हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस अब तक न सीसीटीवी फुटेज जुटा सकी और न ही मोबाइल के सीडीआर निकाल सकी है। वहीं, इस मामले में अब एडीजी जोन ने पुलिस अफसरों की भूमिका तलाशने के लिए ललितपुर एसपी को जांच सौंपी है।
सीपरी बाजार निवासी मुकेश वर्मा के खिलाफ कोतवाली में 11 अगस्त 2023 को छेड़खानी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। धारा 164 के बयान में पीड़िता ने दुष्कर्म के भी आरोप लगा दिए। इसमें पीड़िता ने घटना स्थल अपना घर बताया लेकिन, घटना की तारीख एवं समय नहीं बताया। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने 20 अगस्त को इस मामले में सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी। तत्कालीन सीओ सिटी ने मामले की विवेचना की लेकिन, बचाव पक्ष ने पुलिस पर फर्जी जांच रिपोर्ट लगाने का आरोप लगाते हुए आईजीआरएस में शिकायत कर दी। बचाव पक्ष का कहना है कि जानबूझकर उसे फंसाने के लिए फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के निष्पक्ष विवेचना न करने की वजह से ही पुलिस ने अभी तक सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर को विवेचना में शामिल नहीं किया। बचाव पक्ष ने इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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