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अपात्रों को बांट दी पीएम सम्मान निधि, अब वसूलने में छूट रहे पसीने
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झांसी। जनपद के 2489 अपात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बांट दी है। इसके बाद जब विभागों ने सर्वे किया तो वह अपात्र पाए गए। मुख्यालय से इनकी अगली किस्त तो रोक दी गई है। लेकिन 10 लाख की राशि इनके खातों में पहुंच चुकी है। अब विडंबना यह है कि दिल्ली मुख्यालय द्वारा सीधे ही इनके खाते से सम्मान निधि रोक दी गई है। इसकी वसूली के लिए अब जिला स्तर पर विभाग के पसीने छूट रहे हैं। इसका कारण यह है कि उनके पास नाम के अलावा अपात्रों की पूरी जानकारी ही नहीं है। अब सवाल यह है कि विभाग वसूली करे तो करे कैसे।
झांसी जनपद में 2489 ऐसे किसान हैं, जिनके खाते में तकरीबन दस लाख की राशि सम्मान निधि से पहुंच गई है। ऐसे में अब उनसे वसूली के आदेश जारी हुए हैं। लेकिन विडंबना यह है कि इन अपात्रों की पूरी जानकारी विभाग के पास नहीं है। उनके पास नाम और ब्लॉक का नाम उपलब्ध करवाया गया है लेकिन न तो गांव का ही नाम है और न अपात्र का कोई मोबाइल नंबर। पूरी जानकारी न होने की वजह से अपात्रों को नोटिस जारी नहीं हो पा रहे हैं जिस वजह से विभाग आंख मूंदकर हवा में तीर चला रहा है। रिकवरी तो दूर नोटिस तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद के अपात्रों की जांच और वसूली के लिए ऊपर से सिर्फ नाम आया है। पता, आधार संख्या और मोबाइल नंबर नहीं आए हैं, जिससे लोगों को ढूंढने में काफी परेशानी हो रही है। हालांकि विभाग द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। जैसे ही डॉटा मिलेगा, तुरंत ही सारी टीम अलर्ट हो जाएगी और वसूली के लिए नोटिस जारी कर दिए जाएंगे।
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कहते हैं आंकड़े
कुल किसान - 3,04,767
इन्हें मिला लाभ- 2,51,422
ये पाए गए थे अपात्र- 2489
अब तक भेजी गई राशि- 422.85 करोड़
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झांसी जनपद में 2489 ऐसे किसान हैं, जिनके खाते में तकरीबन दस लाख की राशि सम्मान निधि से पहुंच गई है। ऐसे में अब उनसे वसूली के आदेश जारी हुए हैं। लेकिन विडंबना यह है कि इन अपात्रों की पूरी जानकारी विभाग के पास नहीं है। उनके पास नाम और ब्लॉक का नाम उपलब्ध करवाया गया है लेकिन न तो गांव का ही नाम है और न अपात्र का कोई मोबाइल नंबर। पूरी जानकारी न होने की वजह से अपात्रों को नोटिस जारी नहीं हो पा रहे हैं जिस वजह से विभाग आंख मूंदकर हवा में तीर चला रहा है। रिकवरी तो दूर नोटिस तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
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इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद के अपात्रों की जांच और वसूली के लिए ऊपर से सिर्फ नाम आया है। पता, आधार संख्या और मोबाइल नंबर नहीं आए हैं, जिससे लोगों को ढूंढने में काफी परेशानी हो रही है। हालांकि विभाग द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। जैसे ही डॉटा मिलेगा, तुरंत ही सारी टीम अलर्ट हो जाएगी और वसूली के लिए नोटिस जारी कर दिए जाएंगे।
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कहते हैं आंकड़े
कुल किसान - 3,04,767
इन्हें मिला लाभ- 2,51,422
ये पाए गए थे अपात्र- 2489
अब तक भेजी गई राशि- 422.85 करोड़