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PM Modi in Jhansi: डिफेंस कॉरिडोर खोलेगा विकास के द्वार, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार, करोड़ों के निवेश से योजना होगी साकार
Fri, 19 Nov 2021 09:22 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Fri, 19 Nov 2021 09:22 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के सबसे बड़े अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क का शिलान्यास किया। गरौठा तहसील के पांच गांवों की 3,023 एकड़ भूमि पर यह 3,013 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा।
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झांसी में पीएम मोदी।
- फोटो : ट्विटर एएनआई
विस्तार
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर शुक्रवार को झांसी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड में स्थापित होने वाली भारत डायनामिक्स लिमिटेड की इकाई की आधारशिला रखी। कंपनी यहां 400 करोड़ रुपये के निवेश से इकाई की स्थापना करेगी। इसमें एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का निर्माण होगा, जिससे पांच हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
फरवरी 2018 में लखनऊ में यूपी इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया था। समिट के दौरान पीएम ने देश में दो डिफेंस कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी, जिसमें से एक तमिलनाडु और दूसरा उत्तर प्रदेश को दिया गया था। प्रदेश में यह रक्षा गलियारा छह जनपद झांसी, चित्रकूट, आगरा, अलीगढ़, कानपुर व लखनऊ में विकसित किया जाना है। छहों जनपदों में बनने वाले डिफेंस कॉरिडोर का 59 फीसदी हिस्सा झांसी जनपद में विकसित किया जाना है। इसके लिए गरौठा तहसील के गांव एरच, गेंदा कबूला, झबरा, नेकारा, कठर्री व लभेरा में 1,034 हेक्टेयर भूमि ली गई है।
यह जमीन उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने किसानों से खरीदी है। इसमें से 183 एकड़ जमीन पर रक्षा मंत्रालय के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमण भारत डायनामिक्स लिमिटेड द्वारा इकाई स्थापित की जा रही है। कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए यहां आवासीय टाउनशिप भी विकसित करेगी। शुक्रवार को झांसी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किले के मैदान में आयोजित सेना के राष्ट्ररक्षा समर्पण पर्व के दौरान इस इकाई की आधारशिला रखी। बुंदेलखंड के विकास की दृष्टि से इसे बेहद अहम माना जा रहा है।
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16 महीने बाद शुरू हो जाएगा सोलर पार्क में बिजली का उत्पादन
शुक्रवार को झांसी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के सबसे बड़े अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क का शिलान्यास किया। गरौठा तहसील के पांच गांवों की 3,023 एकड़ भूमि पर यह 3,013 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। 16 महीने बाद सोलर पार्क में प्रतिदिन 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा। आने वाले समय में प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में झांसी में बनने वाला ये सोलर पार्क बेहद अहम साबित होगा।
लीज पर ली जा रही किसानों से जमीन
सौर ऊर्जा के उत्पादन की दृष्टि से बुंदेलखंड का वातावरण एकदम अनुकूल है। इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों टेहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड और नेडा के बीच झांसी में अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क लगाने का करार हुआ था। इसके लिए गरौठा तहसील के धसान नदी से सटे पांच गांव सुजानपुरा, जसवंतपुरा, जलालपुरा, पुरा व खड़ौरा की 3,023 भूमि चिह्नित की गई थी। गैर कृषि योग्य भूमि पार्क की स्थापना के लिए ली गई थी। 2,334 किसानों से उनकी जमीन 28 साल की लीज पर ली जा रही है, जिसका उन्हें वार्षिक किराया अदा किया जाएगा।
2700 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च
इस परियोजना से प्रदेश को सस्ती बिजली और ग्रिड स्थिरता का दोहरा लाभ मिलेगा। परियोजना की फेंसिंग का काम अगले माह दिसंबर में शुरू कर दिया जाएगा। जबकि, इसे पूर्ण करने की अवधि मार्च 2023 निर्धारित की गई है। यानी कि 16 महीने बाद अप्रैल 2023 से यहां प्रतिदिन 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा। पार्क के विकास पर 313 करोड़ और परियोजना विकसित करने पर 2700 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी।
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फरवरी 2018 में लखनऊ में यूपी इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया था। समिट के दौरान पीएम ने देश में दो डिफेंस कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी, जिसमें से एक तमिलनाडु और दूसरा उत्तर प्रदेश को दिया गया था। प्रदेश में यह रक्षा गलियारा छह जनपद झांसी, चित्रकूट, आगरा, अलीगढ़, कानपुर व लखनऊ में विकसित किया जाना है। छहों जनपदों में बनने वाले डिफेंस कॉरिडोर का 59 फीसदी हिस्सा झांसी जनपद में विकसित किया जाना है। इसके लिए गरौठा तहसील के गांव एरच, गेंदा कबूला, झबरा, नेकारा, कठर्री व लभेरा में 1,034 हेक्टेयर भूमि ली गई है।
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यह जमीन उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने किसानों से खरीदी है। इसमें से 183 एकड़ जमीन पर रक्षा मंत्रालय के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमण भारत डायनामिक्स लिमिटेड द्वारा इकाई स्थापित की जा रही है। कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए यहां आवासीय टाउनशिप भी विकसित करेगी। शुक्रवार को झांसी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किले के मैदान में आयोजित सेना के राष्ट्ररक्षा समर्पण पर्व के दौरान इस इकाई की आधारशिला रखी। बुंदेलखंड के विकास की दृष्टि से इसे बेहद अहम माना जा रहा है।
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16 महीने बाद शुरू हो जाएगा सोलर पार्क में बिजली का उत्पादन
शुक्रवार को झांसी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के सबसे बड़े अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क का शिलान्यास किया। गरौठा तहसील के पांच गांवों की 3,023 एकड़ भूमि पर यह 3,013 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। 16 महीने बाद सोलर पार्क में प्रतिदिन 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा। आने वाले समय में प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में झांसी में बनने वाला ये सोलर पार्क बेहद अहम साबित होगा।
लीज पर ली जा रही किसानों से जमीन
सौर ऊर्जा के उत्पादन की दृष्टि से बुंदेलखंड का वातावरण एकदम अनुकूल है। इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों टेहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड और नेडा के बीच झांसी में अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क लगाने का करार हुआ था। इसके लिए गरौठा तहसील के धसान नदी से सटे पांच गांव सुजानपुरा, जसवंतपुरा, जलालपुरा, पुरा व खड़ौरा की 3,023 भूमि चिह्नित की गई थी। गैर कृषि योग्य भूमि पार्क की स्थापना के लिए ली गई थी। 2,334 किसानों से उनकी जमीन 28 साल की लीज पर ली जा रही है, जिसका उन्हें वार्षिक किराया अदा किया जाएगा।
2700 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च
इस परियोजना से प्रदेश को सस्ती बिजली और ग्रिड स्थिरता का दोहरा लाभ मिलेगा। परियोजना की फेंसिंग का काम अगले माह दिसंबर में शुरू कर दिया जाएगा। जबकि, इसे पूर्ण करने की अवधि मार्च 2023 निर्धारित की गई है। यानी कि 16 महीने बाद अप्रैल 2023 से यहां प्रतिदिन 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा। पार्क के विकास पर 313 करोड़ और परियोजना विकसित करने पर 2700 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी।