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पीएम आवास योजना की सूची से गरीबों को निकाला, सचिव निलंबित
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झांसी। गरीबों के लिए बनाई गई प्रधानमंत्री आवास योजना में मनमानी चल रही है। पात्रों को योजना का लाभ न देकर सूची से बाहर किया जा रहा है। बामौर के बरौरा गांव में मिलीभगत करके कई गरीबों को सूची से निकाल दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर हुई जांच में मामला सही पाए जाने पर ग्राम सचिव को निलंबित कर दिया गया है। एडीओ पंचायत, बीडीओ समेत चार लोगों को नोटिस जारी किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों का पिछले दिनों सत्यापन कराया गया। इस दौरान सूची से गांव के काफी लोगों को बाहर कर दिया गया। इस पर बामौर ब्लॉक के बरौरा ग्राम के तेरह लोगों ने आपत्ति की। उन्होंने खुद को पात्र बताते हुए सचिव एवं प्रधान पर मनमानी का आरोप लगाया। उन्होंने विकास भवन में प्रदर्शन भी किया। ग्रामीणों की शिकायत पर सीडीओ शैलेष कुमार ने जांच के निर्देश दिए। परियोजना अधिकारी पीडी गौतम ने जांच में सचिव गजेंद्र सिंह पर लगे आरोप सही पाए। पाया गया कि ग्राम प्रधान के साथ मिलकर सचिव ने मनमाने तरीके से शिकायतकर्ताओं को अपात्र दर्शा दिया। इस पर गजेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया। वहीं खंड विकास अधिकारी रामवंत वर्मा एवं एडीओ पंचायत चिंतामणि गौतम को लापरवाही बरतने पर नोटिस जारी किया गया। ग्राम प्रधान एवं रोजगार सेवक को भी इस मामले में दोषी पाया गया है। इनको भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई गई थी। सचिव की लापरवाही सामने आई है। योजनाओं को लागू करने में किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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शैलेष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
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प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों का पिछले दिनों सत्यापन कराया गया। इस दौरान सूची से गांव के काफी लोगों को बाहर कर दिया गया। इस पर बामौर ब्लॉक के बरौरा ग्राम के तेरह लोगों ने आपत्ति की। उन्होंने खुद को पात्र बताते हुए सचिव एवं प्रधान पर मनमानी का आरोप लगाया। उन्होंने विकास भवन में प्रदर्शन भी किया। ग्रामीणों की शिकायत पर सीडीओ शैलेष कुमार ने जांच के निर्देश दिए। परियोजना अधिकारी पीडी गौतम ने जांच में सचिव गजेंद्र सिंह पर लगे आरोप सही पाए। पाया गया कि ग्राम प्रधान के साथ मिलकर सचिव ने मनमाने तरीके से शिकायतकर्ताओं को अपात्र दर्शा दिया। इस पर गजेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया। वहीं खंड विकास अधिकारी रामवंत वर्मा एवं एडीओ पंचायत चिंतामणि गौतम को लापरवाही बरतने पर नोटिस जारी किया गया। ग्राम प्रधान एवं रोजगार सेवक को भी इस मामले में दोषी पाया गया है। इनको भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई गई थी। सचिव की लापरवाही सामने आई है। योजनाओं को लागू करने में किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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शैलेष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी