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पाइप लाइन फटी, दस हजार घरों में जल संकट
Thu, 25 Apr 2019 01:37 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Thu, 25 Apr 2019 01:37 AM IST
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water problems
- फोटो : demo
सीपरी बाजार के मसीहागंज (एसआईसी स्कूल के सामने ) पानी की टंकी भरने वाली राइजिंग पाइप लाइन फटने से दो दिन तक 10 हजार घरों में पानी नहीं पहुंचा। शिकायतों पर बुधवार की शाम पाइप लाइन को दुरुस्त कर लिया गया, मगर लोगों को सामान्य रूप से सप्लाई बृहस्पतिवार की सुबह से ही मिल सकेगी। वहीं, सिविल लाइन और लक्ष्मण गंज में भी पानी का संकट बना हुआ है, जिससे लोग परेशान हैं।
सीपरी बाजार के जर्मनी अस्पताल के पास मसीहागंज में बने सीडब्लूआर (स्वच्छ जलाशय) को पहले माताटीला बांध से आने वाले पानी से भरा जाता है। इसके बाद सीडब्लूआर से मोटर पंपों के जरिये एसआईसी स्कूल के सामने पहाड़ी पर बनी टंकी को भरा जाता है। टंकी के जरिये संबंधित क्षेत्रों को पानी की आपूर्ति की जाती है। टंकी को भरने वाली 18 इंची पाइप लाइन पहाड़ी की तरफ रहने वाले ठेकेदार बीपी शुक्ला के घर के बाहर पिछले एक महीने से लीक कर रही थी। लीकेज से पानी उनकी दीवारों के जरिये दूसरी तरफ खाली प्लाट की तरफ बह रहा था। इसी दौरान पाइप लाइन फट गई, जिससे पानी का बहाव ज्यादा तेज होने लगा। वह बराबर जलसंस्थान अधिकारियों से शिकायत कर रहे थे, लेकिन विभाग गंभीर नहीं हो रहा था। इस पर उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की। इसके बाद जलसंस्थान हरकत में आया। मंगलवार को पेयजल आपूर्ति बंद करके लीकेज को तलाशने का काम शुरू किया गया। बुधवार को करीब पांच मीटर गहरी खुदाई के बाद लीकेज मिल सका, जो देर शाम दुरुस्त हो सका। इधर, दो दिन तक पानी न आने से मसीहागंज, नालगंज, आईटीआई सिद्धेश्वर नगर, ब्रह्मनगर, साहनी कॉलोनी, नाथ की कोठी, मैला की टौरिया, कल्सी का बगीचा समेत आसपास क्षेत्र में रहने वाले दस हजार से अधिक परिवार परेशान रहे।
इधर, माताटीला बांध से पानी कम मिलने के कारण सिविल लाइन की टंकी बुधवार की सुबह नहीं भर सकी। इससे संबंधित क्षेत्रों मेें सुबह के वक्त पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। तहसील पानी की टंकी से जुड़े लक्ष्मण गंज में पाइप लाइन चोक होने से कई घरों में पानी नहीं आया। साथ ही जिन घरों में पानी पहुंचा भी तो वह बहुत गंदा था। इससे लोग परेशान रहे।
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‘मसीहागंज पाइप लाइन को दुरुस्त कर लिया गया है। बृहस्पतिवार से संबंधित क्षेत्रों को सामान्य दिनों की तरह ही सप्लाई दी जाएगी। लक्ष्मण गंज में पाइप लाइन चोक होने के कारणों का पता किया जा रहा है। एक दो दिन में यह समस्या दूर हो जाएगी।’
कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
माताटीला बांध पर करनी पड़ रही पंपिंग
माताटीला बांध से झांसी महानगर, बबीना, तालबेहट व आसपास के क्षेत्रों की जलापूर्ति होती है। बांध सेे सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने और बिजली की टर्बाइन चलने से जलस्तर लगातार घट रहा है। बांध का जलस्तर 1008 फीट से घटकर 993.15 फीट पर पहुंच गया है। चूंकि, बबीना आने वाली 11 हजार करोड़ लीटर (110 एमएलडी) और 4.0 करोड़ लीटर (40 एमएलडी) क्षमता कच्चे पानी की पाइप लाइनों के सीपी टैंक माताटीला बांध पर बने हैं। सीपी टैंक (कॉन्सटेंट प्रेशर टैंक) में पानी बांध के निचली सतह से लिया जाता है। 994 फीट तक जल निगम को बिना पंपिंग के पानी मिल जाता है। इससे कम जलस्तर होने पर पंपिंग कर कच्चा पानी लेना पड़ता है। मगर, यह स्थिति गर्मी के दिनों में ही बनती है। चूंकि, सिंचाई विभाग राजघाट बांध से पर्याप्त पानी लिए बिना ही माताटीला बांध का जलस्तर कम करता जा रहा है, इससे जल निगम को पानी की रफ्तार बनाए रखने के लिए कई बार बीच में पंपिंग करनी पड़ रही है।
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सीपरी बाजार के जर्मनी अस्पताल के पास मसीहागंज में बने सीडब्लूआर (स्वच्छ जलाशय) को पहले माताटीला बांध से आने वाले पानी से भरा जाता है। इसके बाद सीडब्लूआर से मोटर पंपों के जरिये एसआईसी स्कूल के सामने पहाड़ी पर बनी टंकी को भरा जाता है। टंकी के जरिये संबंधित क्षेत्रों को पानी की आपूर्ति की जाती है। टंकी को भरने वाली 18 इंची पाइप लाइन पहाड़ी की तरफ रहने वाले ठेकेदार बीपी शुक्ला के घर के बाहर पिछले एक महीने से लीक कर रही थी। लीकेज से पानी उनकी दीवारों के जरिये दूसरी तरफ खाली प्लाट की तरफ बह रहा था। इसी दौरान पाइप लाइन फट गई, जिससे पानी का बहाव ज्यादा तेज होने लगा। वह बराबर जलसंस्थान अधिकारियों से शिकायत कर रहे थे, लेकिन विभाग गंभीर नहीं हो रहा था। इस पर उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की। इसके बाद जलसंस्थान हरकत में आया। मंगलवार को पेयजल आपूर्ति बंद करके लीकेज को तलाशने का काम शुरू किया गया। बुधवार को करीब पांच मीटर गहरी खुदाई के बाद लीकेज मिल सका, जो देर शाम दुरुस्त हो सका। इधर, दो दिन तक पानी न आने से मसीहागंज, नालगंज, आईटीआई सिद्धेश्वर नगर, ब्रह्मनगर, साहनी कॉलोनी, नाथ की कोठी, मैला की टौरिया, कल्सी का बगीचा समेत आसपास क्षेत्र में रहने वाले दस हजार से अधिक परिवार परेशान रहे।
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इधर, माताटीला बांध से पानी कम मिलने के कारण सिविल लाइन की टंकी बुधवार की सुबह नहीं भर सकी। इससे संबंधित क्षेत्रों मेें सुबह के वक्त पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। तहसील पानी की टंकी से जुड़े लक्ष्मण गंज में पाइप लाइन चोक होने से कई घरों में पानी नहीं आया। साथ ही जिन घरों में पानी पहुंचा भी तो वह बहुत गंदा था। इससे लोग परेशान रहे।
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‘मसीहागंज पाइप लाइन को दुरुस्त कर लिया गया है। बृहस्पतिवार से संबंधित क्षेत्रों को सामान्य दिनों की तरह ही सप्लाई दी जाएगी। लक्ष्मण गंज में पाइप लाइन चोक होने के कारणों का पता किया जा रहा है। एक दो दिन में यह समस्या दूर हो जाएगी।’
कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
माताटीला बांध पर करनी पड़ रही पंपिंग
माताटीला बांध से झांसी महानगर, बबीना, तालबेहट व आसपास के क्षेत्रों की जलापूर्ति होती है। बांध सेे सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने और बिजली की टर्बाइन चलने से जलस्तर लगातार घट रहा है। बांध का जलस्तर 1008 फीट से घटकर 993.15 फीट पर पहुंच गया है। चूंकि, बबीना आने वाली 11 हजार करोड़ लीटर (110 एमएलडी) और 4.0 करोड़ लीटर (40 एमएलडी) क्षमता कच्चे पानी की पाइप लाइनों के सीपी टैंक माताटीला बांध पर बने हैं। सीपी टैंक (कॉन्सटेंट प्रेशर टैंक) में पानी बांध के निचली सतह से लिया जाता है। 994 फीट तक जल निगम को बिना पंपिंग के पानी मिल जाता है। इससे कम जलस्तर होने पर पंपिंग कर कच्चा पानी लेना पड़ता है। मगर, यह स्थिति गर्मी के दिनों में ही बनती है। चूंकि, सिंचाई विभाग राजघाट बांध से पर्याप्त पानी लिए बिना ही माताटीला बांध का जलस्तर कम करता जा रहा है, इससे जल निगम को पानी की रफ्तार बनाए रखने के लिए कई बार बीच में पंपिंग करनी पड़ रही है।