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खसरे में दर्ज होगा पराली जलाने का मुकदमा
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पराली जली
- फोटो : फाइल फोटो
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पराली जलाने के मुकदमे से किसान आसानी से पार नहीं पा सकेंगे। इसका उल्लेख राजस्व अभिलेख खसरे में भी दर्ज किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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पराली (फसल अवशेष) जलाने से होने वाले होने वाले प्रदूषण पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) और सुप्रीम कोर्ट का रुख सख्त है। इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन भी सख्ती बरत रहा है। धड़ाधड़ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस के बाद भी पराली जलाने वाले किसानों पर सीधी एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। अब तक 173 किसानों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
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लेकिन, अब किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे का ब्योरा उनके खसरे में भी दर्ज किया जाएगा। मुकदमा जारी रहने तक ये खसरे में दर्ज बना रहेगा। मुकदमा समाप्त होने पर ही ये खसरे से हटेगा। भविष्य में ये किसानों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। चुनाव लड़ने या अन्य किसी सरकारी योजना का लाभ लेने में ये आड़े आ सकता है।
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1.85 लाख जुर्माना वसूला
पराली जलाने वाले किसानों से जुर्माना वसूली का भी प्रावधान है। दो एकड़ तक ढाई हजार रुपये, पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये और इससे अधिक पर 15 हजार रुपये तक जुर्माना वसूल किया जा सकता है। ये जुर्माना प्रभावित जमीन के अनुसार वसूला जाता है। जिले में अब तक किसानों से एक लाख पचासी हजार रुपये जुर्माना वसूला जा चुका है।
किसान पराली न जलाएं, इसके लिए उन्हें लगातार जागरूक किया जा रहा है। उन्हें पराली जलाने के अलावा खेत से फसलों के अवशेष हटाने के अन्य विकल्प भी बताए जा रहे हैं। इसका असर भी हुआ है। बावजूद, कई किसान अब भी पराली जला रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और पुलिस क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भ्रमणशील रहकर इस पर नजर रखें।
- राम अक्षयवर चौहान, अपर जिलाधिकारी