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पहला नशा, पहला खुमार...पापोन की मधुर आवाज पर झूमे श्रोता
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झांसी महोत्सव में बृहस्पतिवार को अपनी आबाज का जादू बिखेरते मशहूर गायक पापोन। अमर उजाला
झांसी महोत्सव के छठे दिन जाने-माने बालीवुड गायक पापोन ने अपनी दिलकश आवाज का जादू बिखेरा। उनकी आवाज के जादू में युवा देर-रात तक झूमते रहे।
मुक्ताकाशी मंच पर बृहस्पतिवार को असमिया गायक एवं हाल में बालीवुड गाने के जरिए पहचान बनाने वाले पापोन ने अपना जलवा बिखेरा। परांपरागत तरीके से शुरुआत के बाद उन्होंने सदाबहार रोमांटिक गाना पहला नशा, पहला खुमार अपने खास अंदाज में गाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। शाम के बढ़ने के साथ दर्शकों का जुनून भी बढ़ता जा रहा था। दर्शकों के मूड के हिसाब से उन्होंने बाद तेरे बिन, दिल धड़के, बुल्लेया, की कोरे बोल्बो, कौन मेरा जैसे तमाम बालीवुड एलबम के गाने गाए। सबसे अधिक डिमांड उनके मशहूर गाने ‘मोह-मोह के धागे’ की रही।
काफी इंतजार के बाद जैसे ही पापोन ने इसे गाया दर्शकों ने तालियां से उनका स्वागत किया। करीब सवा घंटे की प्रस्तुति में उन्होंने दर्शकों की मांग पर भी कई गाने पेश किए। इसके पहले झांसी के विभिन्न विद्यालयों में पढ़ने वाले स्कूली बच्चों ने भी अपने हुनर का जलवा दिखाया। इनमें एमएलएम स्कूल के छात्रों, मां वैष्णो जूनियर हाईस्कूल सिंगरा एवं केसी शर्मा कन्या इंटर कॉलेज के छात्रों के प्रदर्शन को दर्शकों की काफी तारीफें मिलीं। इसके अलावा अंशुल सक्सेना ने शाम को गजल प्रस्तुत की। उधर, झांसी महोत्सव में शुक्रवार को आखिरी प्रस्तुति गायक मनकीरत औलख की रहेगी। वह अपनी टीम के साथ रात आठ बजे से अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी, सीडीओ निखिल टीकाराम फुंडे समेत अन्य अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।
सांउड सिस्टम खराब, दर्शकों ने की हूटिंग
नहीं सुन सके पीछे बैठे दर्शक, मायूस होकर लौटे तमाम युवा
पापोन की प्रस्तुति के दौरान सांउड सिस्टम ने अचानक ठीक से काम करना बंद कर दिया। इस वजह से पीछे खड़े श्रोताओं तक आवाज पहुंचना बंद हो गई। कुछ देर तक तो श्रोताओं ने इंतजार किया। उसके बाद पीछे खड़े सैकड़ों युवाओं ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बावजूद सांउड सिस्टम दुरुस्त करने की कोशिश नहीं हुई। इसके कुछ देर बाद वहां खड़े युवा हंगामा करने लगे। कई युवा बैरीकेडिंग फांदकर आगे ब्लॉक में घुस गए। इस अफरा-तफरी में पीछे के ब्लॉक में अव्यवस्था फैल गई। व्यवस्था बनाने में तैनात सुरक्षाकर्मी कार्यक्रम देखने में ही तल्लीन रहे। बढ़िया आवाज न पहुंचने पर पीछे खड़े श्रोताओं ने हूटिंग शुरू कर दी। खंडेराव गेट के समीप रहने वाले शिवम, नरेंद्र, अभिमन्यु, गौरव आदि ने सांउड सिस्टम खराब होने से निराशा जाहिर करते हुए लौटे। इन सभी का कहना था कि काफी उम्मीद लेकर वह सांस्कृतिक प्रस्तुति सुनने गए लेकिन, साउंड सिस्टम खराब होने से निराशा हाथ आई। पीछे की ओर अच्छी आवाज नहीं आ रही थी जबकि आगे सिर्फ विशेष लोगों के लिए ही स्थान निश्चित किया गया था। इसके पहले भी श्रोता साउंड सिस्टम को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके। मुक्ताकाशी मंच पर सिर्फ आगे की तरफ ही खास साउंड लगे हैं लेकिन, सबसे ज्यादा भीड़ पीछे की तरह रहती है लेकिन, उन तक बेहतरीन संगीत नहीं पहुंच पाता। इस वजह से बड़ी संख्या में श्रोता निराश होकर लौट रहे।
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मुक्ताकाशी मंच पर बृहस्पतिवार को असमिया गायक एवं हाल में बालीवुड गाने के जरिए पहचान बनाने वाले पापोन ने अपना जलवा बिखेरा। परांपरागत तरीके से शुरुआत के बाद उन्होंने सदाबहार रोमांटिक गाना पहला नशा, पहला खुमार अपने खास अंदाज में गाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। शाम के बढ़ने के साथ दर्शकों का जुनून भी बढ़ता जा रहा था। दर्शकों के मूड के हिसाब से उन्होंने बाद तेरे बिन, दिल धड़के, बुल्लेया, की कोरे बोल्बो, कौन मेरा जैसे तमाम बालीवुड एलबम के गाने गाए। सबसे अधिक डिमांड उनके मशहूर गाने ‘मोह-मोह के धागे’ की रही।
काफी इंतजार के बाद जैसे ही पापोन ने इसे गाया दर्शकों ने तालियां से उनका स्वागत किया। करीब सवा घंटे की प्रस्तुति में उन्होंने दर्शकों की मांग पर भी कई गाने पेश किए। इसके पहले झांसी के विभिन्न विद्यालयों में पढ़ने वाले स्कूली बच्चों ने भी अपने हुनर का जलवा दिखाया। इनमें एमएलएम स्कूल के छात्रों, मां वैष्णो जूनियर हाईस्कूल सिंगरा एवं केसी शर्मा कन्या इंटर कॉलेज के छात्रों के प्रदर्शन को दर्शकों की काफी तारीफें मिलीं। इसके अलावा अंशुल सक्सेना ने शाम को गजल प्रस्तुत की। उधर, झांसी महोत्सव में शुक्रवार को आखिरी प्रस्तुति गायक मनकीरत औलख की रहेगी। वह अपनी टीम के साथ रात आठ बजे से अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी, सीडीओ निखिल टीकाराम फुंडे समेत अन्य अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।
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सांउड सिस्टम खराब, दर्शकों ने की हूटिंग
नहीं सुन सके पीछे बैठे दर्शक, मायूस होकर लौटे तमाम युवा
पापोन की प्रस्तुति के दौरान सांउड सिस्टम ने अचानक ठीक से काम करना बंद कर दिया। इस वजह से पीछे खड़े श्रोताओं तक आवाज पहुंचना बंद हो गई। कुछ देर तक तो श्रोताओं ने इंतजार किया। उसके बाद पीछे खड़े सैकड़ों युवाओं ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बावजूद सांउड सिस्टम दुरुस्त करने की कोशिश नहीं हुई। इसके कुछ देर बाद वहां खड़े युवा हंगामा करने लगे। कई युवा बैरीकेडिंग फांदकर आगे ब्लॉक में घुस गए। इस अफरा-तफरी में पीछे के ब्लॉक में अव्यवस्था फैल गई। व्यवस्था बनाने में तैनात सुरक्षाकर्मी कार्यक्रम देखने में ही तल्लीन रहे। बढ़िया आवाज न पहुंचने पर पीछे खड़े श्रोताओं ने हूटिंग शुरू कर दी। खंडेराव गेट के समीप रहने वाले शिवम, नरेंद्र, अभिमन्यु, गौरव आदि ने सांउड सिस्टम खराब होने से निराशा जाहिर करते हुए लौटे। इन सभी का कहना था कि काफी उम्मीद लेकर वह सांस्कृतिक प्रस्तुति सुनने गए लेकिन, साउंड सिस्टम खराब होने से निराशा हाथ आई। पीछे की ओर अच्छी आवाज नहीं आ रही थी जबकि आगे सिर्फ विशेष लोगों के लिए ही स्थान निश्चित किया गया था। इसके पहले भी श्रोता साउंड सिस्टम को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके। मुक्ताकाशी मंच पर सिर्फ आगे की तरफ ही खास साउंड लगे हैं लेकिन, सबसे ज्यादा भीड़ पीछे की तरह रहती है लेकिन, उन तक बेहतरीन संगीत नहीं पहुंच पाता। इस वजह से बड़ी संख्या में श्रोता निराश होकर लौट रहे।
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