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झांसी में 12 साल में दो बार लीक हो चुका पेपर
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झांसी। बलिया में पेपर लीक होने का मामला इन दिनों चर्चा में है। पेपर आउट होने की घटनाओं से झांसी भी अछूता नहीं रहा है। पिछले 12 साल में दो बार पेपर लीक हो चुका है। इसमें एक यूपी बोर्ड तो दूसरा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का था।
वर्ष 2009 में नगरा के एक विद्यालय में इंटरमीडिएट का गणित का प्रश्नपत्र लीक हो गया था। तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक के पास पेपर लीक होने की सूचना भी पहुंची थी। फिर उन्होंने एक के बाद एक स्कूलों में छापेमारी शुरू कर दी। नगरा के विद्यालय में उन्हें पेपर की सील खुली मिल गई। इसके बाद केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। साथ ही परीक्षा निरस्त कर दी गई थी।
16 मार्च 2020 को झांसी में बीएससी प्रथम वर्ष के केमिस्ट्री द्वितीय का पेपर एक दिन पहले खुल गया था। तत्कालीन कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन के पास किसी व्यक्ति ने फोन करके पेपर आउट होने की जानकारी दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि हाथ से लिखा हुआ प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सबूत के तौर पर कुलपति की ई-मेल पर भी पेपर भेजा गया था। दूसरी पाली का पेपर शुरू हुआ तो उसका मिलान किया गया। दोनों प्रश्नपत्र सशब्द एक जैसे पाए गए। इसके बाद बीयू प्रशासन ने परीक्षा समिति की बैठक में परीक्षा निरस्त कर दी। साथ ही परीक्षा केंद्र को भी डिबार कर दिया गया था।
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वर्ष 2009 में नगरा के एक विद्यालय में इंटरमीडिएट का गणित का प्रश्नपत्र लीक हो गया था। तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक के पास पेपर लीक होने की सूचना भी पहुंची थी। फिर उन्होंने एक के बाद एक स्कूलों में छापेमारी शुरू कर दी। नगरा के विद्यालय में उन्हें पेपर की सील खुली मिल गई। इसके बाद केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। साथ ही परीक्षा निरस्त कर दी गई थी।
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16 मार्च 2020 को झांसी में बीएससी प्रथम वर्ष के केमिस्ट्री द्वितीय का पेपर एक दिन पहले खुल गया था। तत्कालीन कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन के पास किसी व्यक्ति ने फोन करके पेपर आउट होने की जानकारी दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि हाथ से लिखा हुआ प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सबूत के तौर पर कुलपति की ई-मेल पर भी पेपर भेजा गया था। दूसरी पाली का पेपर शुरू हुआ तो उसका मिलान किया गया। दोनों प्रश्नपत्र सशब्द एक जैसे पाए गए। इसके बाद बीयू प्रशासन ने परीक्षा समिति की बैठक में परीक्षा निरस्त कर दी। साथ ही परीक्षा केंद्र को भी डिबार कर दिया गया था।
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