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जीएसटी में जुर्माने का प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:39 AM IST
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gst jhansi news
- फोटो : demo
जीएसटी में व्यापारियों को अगस्त का समरी रिटर्न 20 सितंबर तक जमा करना है। हालांकि, बाकी रिटर्न की तिथि बढ़ाकर पहले ही 10 नवंबर की जा चुकी हैं। ऐसे व्यापारी जो खरीद-बिक्री न भी कर रहे हो उनको भी निल का रिटर्न दाखिल करना है।
कारोबारियों को जीएसटी में महीने में चार तरीके से रिटर्न दाखिल करना है। यह व्यवस्था इस महीने से लागू हो गई है। इसमें कारोबारियों को महीने की पांच तारीख तक बिक्री (जीएसटीआर वन), 10 तक खरीद (जीएसटी टू) और 15 (जीएसटीआर 3 बी) तक टैक्स संबंधी ब्यौरा ऑनलाइन भरना है। 20 तारीख तक (जीएसटीआर 3) फार्म पर मुख्य रिटर्न जमा करना है। रिटर्न भरने में हो रही दिक्कतों के कारण कारोबारी बिक्री का ब्यौरा दस अक्तूबर, खरीद का 31 अक्तूबर और मुख्य रिटर्न दस नवंबर तक जमा कर सकते हैं। हालांकि, जीएसटीआर 3 बी (समरी रिटर्न) 20 सितंबर तक ही जमा करना है। साथ ही खरीद- बिक्री नहीं करने वाले पंजीकृत व्यापारियों को निल का रिटर्न दाखिल करना है। निल का रिटर्न दाखिल न करने पर जुर्माने का प्रावधान है।
‘समरी रिटर्न जरूर 20 सितंबर तक जमा कर दे। पंजीकृत कारोबारी या ठेकेदार जो खरीद-ब्रिकी नहीं कर रहे हैं, उनको भी निल का रिटर्न दिखाना जरूरी हैं। जीएसटी में रिटर्न न दाखिल करने वालों के खिलाफ जुर्माने का प्रावधान है।’
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एसएस मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) वाणिज्यकर।
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कारोबारियों को जीएसटी में महीने में चार तरीके से रिटर्न दाखिल करना है। यह व्यवस्था इस महीने से लागू हो गई है। इसमें कारोबारियों को महीने की पांच तारीख तक बिक्री (जीएसटीआर वन), 10 तक खरीद (जीएसटी टू) और 15 (जीएसटीआर 3 बी) तक टैक्स संबंधी ब्यौरा ऑनलाइन भरना है। 20 तारीख तक (जीएसटीआर 3) फार्म पर मुख्य रिटर्न जमा करना है। रिटर्न भरने में हो रही दिक्कतों के कारण कारोबारी बिक्री का ब्यौरा दस अक्तूबर, खरीद का 31 अक्तूबर और मुख्य रिटर्न दस नवंबर तक जमा कर सकते हैं। हालांकि, जीएसटीआर 3 बी (समरी रिटर्न) 20 सितंबर तक ही जमा करना है। साथ ही खरीद- बिक्री नहीं करने वाले पंजीकृत व्यापारियों को निल का रिटर्न दाखिल करना है। निल का रिटर्न दाखिल न करने पर जुर्माने का प्रावधान है।
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‘समरी रिटर्न जरूर 20 सितंबर तक जमा कर दे। पंजीकृत कारोबारी या ठेकेदार जो खरीद-ब्रिकी नहीं कर रहे हैं, उनको भी निल का रिटर्न दिखाना जरूरी हैं। जीएसटी में रिटर्न न दाखिल करने वालों के खिलाफ जुर्माने का प्रावधान है।’
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एसएस मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) वाणिज्यकर।