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पांच चुनावों में कभी महिला को आरक्षित रही तो इस दफा नहीं होगी महिला सीट
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झांसी। नई आरक्षण नियमावली के मुताबिक प्रधान पदों का आरक्षण चक्रानुक्रम के मुताबिक होगा। इस वजह से पूर्व की आरक्षित सीटों का चुनावी गणित बदलना तय माना जा रहा। डीपीआरओ कार्यालय नई नियमावली के मुताबिक पिछले पांच चुनावों के आरक्षण संबंधी ब्योरों के साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत वार आबादी के आंकड़े भी जुटाए जा रहे। पहली आरक्षण सूची के दो मार्च तक आने की उम्मीद जताई जा रही।
नई नियमावली में कई जातियों के आरक्षण के मुताबिक सीटें निर्धारित करने का प्रावधान किया गया है। प्रावधान के मुताबिक अगर वर्ष 1995, 2000, 2005, 2010 एवं 2015 के चुनावों में कोई सीट महिला को आरक्षित की गई तो इस बार वह महिला को आरक्षित नहीं होगी। हालांकि अन्य वर्ग में आरक्षित होने का विकल्प खुला रहेगा। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं अगर कोई प्रधान पद वर्ष 2015 में पिछड़ा वर्ग महिला को आरक्षित था, तब उसके पिछड़ा वर्ग में जाने की गुंजाइश अधिक होगी। एसटी में आरक्षित सीट को एससी महिला में बदलने की संभावना अधिक होगी। अगर कोई सीट अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति एवं महिला को अब तक आरक्षित नहीं हुई, तब उसके जाति विशेष की महिला के लिए आरक्षित होने की संभावना सर्वाधिक होगी।
इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में सभी जातियों की आबादी अंकित करते हुए ग्राम पंचायतों की सूची वर्णमाला के मुताबिक बनाई जा रही। पिछले चुनाव में ग्राम पंचायत किस जाति को आरक्षित थी यह भी अंकित होगा। प्रावधान के मुताबिक प्रधानों के आरक्षित पदों की संख्या उस ब्लॉक में अलग-अलग पंचायतों में उस वर्ग की आबादी के अनुपात में अवरोही (गिरते हुए) क्रम में आवंटित होगी। फिलहाल डीपीआरओ कार्यालय में पिछले चुनावों के आरक्षण फीड किए जा रहे हैं। नियमावली के मुताबिक ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं ब्लॉक प्रमुखों के आरक्षण का निर्धारण जिलाधिकारी की ओर से होगा।
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इनसेट
पहली सूची दो मार्च तक आने की उम्मीद
आरक्षण को लेकर चल रही प्रशासनिक कवायद को देखते हुए दो मार्च को पहली सूची आने की उम्मीद जताई जा रही। इसके बाद चार से आठ मार्च के बीच इन पर आपत्ति दाखिल की जा सकेंगी। 10-12 मार्च के बीच इन आपत्तियों का निस्तारण कर दिया जाएगा। इसके पश्चात अंतिम आरक्षण की सूची 14 मार्च तक प्रकाशित होगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक 17 मार्च के बाद चुनावी अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।
इनसेट
इस वर्ग मिलेगी इतनी सीटें
सामान्य वर्ग- 165 सीट
अनुसूचित जनजाति (महिला) एक
अनुसूचित जनजाति एक
अनुसूचित जाति (महिला) 43
अनुसूचित जाति 77
पिछड़ा वर्ग (महिला) 47
पिछड़ा वर्ग 86
महिला 76
कुल ग्राम पंचायतें 496
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नई नियमावली में कई जातियों के आरक्षण के मुताबिक सीटें निर्धारित करने का प्रावधान किया गया है। प्रावधान के मुताबिक अगर वर्ष 1995, 2000, 2005, 2010 एवं 2015 के चुनावों में कोई सीट महिला को आरक्षित की गई तो इस बार वह महिला को आरक्षित नहीं होगी। हालांकि अन्य वर्ग में आरक्षित होने का विकल्प खुला रहेगा। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं अगर कोई प्रधान पद वर्ष 2015 में पिछड़ा वर्ग महिला को आरक्षित था, तब उसके पिछड़ा वर्ग में जाने की गुंजाइश अधिक होगी। एसटी में आरक्षित सीट को एससी महिला में बदलने की संभावना अधिक होगी। अगर कोई सीट अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति एवं महिला को अब तक आरक्षित नहीं हुई, तब उसके जाति विशेष की महिला के लिए आरक्षित होने की संभावना सर्वाधिक होगी।
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इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में सभी जातियों की आबादी अंकित करते हुए ग्राम पंचायतों की सूची वर्णमाला के मुताबिक बनाई जा रही। पिछले चुनाव में ग्राम पंचायत किस जाति को आरक्षित थी यह भी अंकित होगा। प्रावधान के मुताबिक प्रधानों के आरक्षित पदों की संख्या उस ब्लॉक में अलग-अलग पंचायतों में उस वर्ग की आबादी के अनुपात में अवरोही (गिरते हुए) क्रम में आवंटित होगी। फिलहाल डीपीआरओ कार्यालय में पिछले चुनावों के आरक्षण फीड किए जा रहे हैं। नियमावली के मुताबिक ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं ब्लॉक प्रमुखों के आरक्षण का निर्धारण जिलाधिकारी की ओर से होगा।
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पहली सूची दो मार्च तक आने की उम्मीद
आरक्षण को लेकर चल रही प्रशासनिक कवायद को देखते हुए दो मार्च को पहली सूची आने की उम्मीद जताई जा रही। इसके बाद चार से आठ मार्च के बीच इन पर आपत्ति दाखिल की जा सकेंगी। 10-12 मार्च के बीच इन आपत्तियों का निस्तारण कर दिया जाएगा। इसके पश्चात अंतिम आरक्षण की सूची 14 मार्च तक प्रकाशित होगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक 17 मार्च के बाद चुनावी अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।
इनसेट
इस वर्ग मिलेगी इतनी सीटें
सामान्य वर्ग- 165 सीट
अनुसूचित जनजाति (महिला) एक
अनुसूचित जनजाति एक
अनुसूचित जाति (महिला) 43
अनुसूचित जाति 77
पिछड़ा वर्ग (महिला) 47
पिछड़ा वर्ग 86
महिला 76
कुल ग्राम पंचायतें 496