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ओरछा और ग्वालयिर यूनेस्को की परियोजना में शामिल

Wed, 21 Jul 2021 01:57 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 01:57 AM IST
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Orchha and Gwalior included in UNESCO project
ओरछा । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर एवं ओरछा के लिए यूनेस्को की हिस्टोरिक अर्बन लैण्ड स्केप परियोजना का शुभारंभ किया । मुख्यमंत्री ने कहा है कि तेजी से विकसित हो रहे ऐतिहासिक नगरों की संस्कृति एवं विरासत को संरक्षित करते हुए वहाँ के समावेशी एवं सुनियोजित विकास के लिए यूनेस्को की हिस्टोरिक अर्बन लैण्ड स्केप परियोजना का शुभारंभ वर्ष 2011 में किया गया था।
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चौहान ने कहा कि यूनेस्को द्वारा इस परियोजना में ग्वालियर एवं ओरछा नगरों का चयन किया गया है। इन चयनित नगरों का यूनेस्को भारत सरकार तथा मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सम्मलित रूप से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्वरूप निखारते हुए विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रें सिंग के माध्यम से प्रदेश के ग्वालियर एवं ओरछा नगरों के लिए यूनेस्को की हिस्टोरिक अर्बन लैण्डस्केप परियोजना का वर्चुअल शुभारंभ किया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, प्रमुख सचिव पर्यटन संस्कृति शिव शेखर शुक्ला आदि उपस्थित रहे। नई दिल्ली से यूनेस्को के श्री एरिक फ ाल्ट, सुश्री जुन्ही हॉन, सुश्री नेहा देवान, निशांत उपाध्याय तथा यूएस से श्री रैण्ड पिच वीडियो कान्फ्रेन्स के माध्यम से शामिल हुए।
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अब भारत के चार शहर इस परियोजना में शामिल हो गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस परियोजना में दक्षिण एशिया के 6 नगर पहले से शामिल हैं। भारत के अजमेर एवं वाराणसी पहले से ही इसमें शामिल हैं। ओरछा एवं ग्वालियर को 7वें एवं 8वें नगर के रूप में शामिल किया गया है। इन शहरों के विकास के प्रबंधन योजना यूनेस्को द्वारा बनाई जाएगी। यहाँ के इतिहास, संस्कृति, खानपान, रहन.सहन, आर्थिक विकास, सामुदायिक विकास सहित सभी पहलुओं को इसमें शामिल किया जाएगा।
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प्रदेश में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यूनेस्को की इस परियोजना से मध्यप्रदेश में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। यूनेस्को द्वारा बनाई जाने वाली ओरछा एवं ग्वालियर की विकास परियोजना के अनुरूप अन्य नगरों की विकास परियोजनाएँ भी बनाई जाएंगी। पर्यटन के विकास के साथ ही रोजगार के अतिरिक्त अवसरों का भी सृजन होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए रिस्पोन्सिबिल टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन, बफ र में सफर नाइट सफ ारी, वेलनेस एण्ड माइंडफ ुल टूरिज्म, युवा साहसिक पर्यटन की अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखकर विकास यूनेस्को के एरिक फाल्ट ने कहा कि परियोजना के माध्यम से ओरछा एवं ग्वालियर शहरों का इतिहास एवं सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विकास किया जाएगा, साथ ही पर्यावरण एवं समुदाय के विकास पर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा।
विकास पर दिया जाएगा विशेष ध्यान
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने कहा कि यूनेस्को द्वारा दोनों शहरों के विकास के लिए बनाई जा रही योजना पर अमल करते हुए हम न केवल ओरछा एवं ग्वालियर को अपितु प्रदेश के सभी ऐतिहासिक नगरों को विकास के चरम पर ले जाएंगे। नगरों के विकास में वहां की संस्कृति इतिहास, प्रकृति, परंपराओं और विरासत का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

विकास के 2030 के एजेंडे पर अमल
यूनेस्को भारत की सुश्री जून्ही हॉन ने कहा कि संवहनीय विकास ;सस्टेनेबल डेवलपमेंट 2030 के एजेंडे को ध्यान में रखते हुए नगरों का विकास किया जाएगा। यूनेस्को एवं मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की साझेदारी से ओरछा एवं ग्वालियर नगरों का उनके सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विकास किया जाएगा
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