गेहूं के बीच अफीम की खेती: पुलिस ने दो खेतों से बरामद किए 92743 पौधे, खसखस के बहाने आरोपी ने दिए थे बीज
रक्सा पुलिस को सूचना मिली थी कि दो स्थानों पर गेहूं की फसल के बीच में अफीम की खेती की जा रही है। गेहूं की फसल व अन्य सब्जियों के पौधों के बीच अफीम के पौधे रोपे गए, जिनमें फूल आने भी शुरू हो गए हैं।
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झांसी के रक्सा थाना इलाके में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती होते पाई गई। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि, तीन पुलिस की पकड़ से दूर बने हुए हैं। पुलिस ने दो खेतों से अफीम के 92,743 पौधे बरामद किए हैं।
रक्सा थाना पुलिस को सूचना मिली कि रक्सा में दो स्थानों पर गेहूं की फसल के बीच में अफीम की खेती की जा रही है। गेहूं की फसल व अन्य सब्जियों के पौधों के बीच अफीम के पौधे रोपे गए हैं, जिनमें फूल आना भी शुरू हो गया है। इस पर थानाध्यक्ष अरुण तिवारी की अगुवाई में टीम मौके पर पहुंच गई। दो खेतों में अफीम के 92,743 पौधे पाए। पुलिस की पड़ताल में पांच आरोपियों के नाम सामने आए। इनमें से अमरपुर निवासी जुगल किशोर कुशवाहा और धर्मेंद्र अहिरवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जबकि, भूरा यादव, रामकिशोर प्रजापति व जितेंद्र यादव फरार हो गए। तीनों की तलाश जारी है।
वहीं, पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि फरार आरोपी भूरा यादव ने उन्हें इसके बीज दिए थे। भूरा ने उन्हें बताया था कि बीज खसखस का है। इसकी खेती से कम लागत में अच्छा मुनाफा मिलेगा। उसने बताया था कि गांव के कुछ अन्य लोगों को भी इसका बीज खेती के लिए दिया है।
ललितपुर के बार में भी पकड़ी जा चुकी है अफीम की खेती
पिछले सप्ताह ललितपुर में भी बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पकड़ी गई थी। वहां भी गेहूं की फसल के बीच में अफीम की खेती की जा रही थी। ड्रोन के जरिए पुलिस ने पहचान कराई थी। इस मामले में भी कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
कइयों ने अपने खेतों से हटाए पौधे
रक्सा क्षेत्र में दो खेतों में पुलिस ने अफीम की खेती पकड़ी है। लेकिन, बताया गया है कि यहां कई खेतों में किसान गेहूं की फसल के बीच अफीम की खेती कर रहे थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद सभी ने आनन-फानन में अपने खेतों से अफीम के पौधे साफ कर दिए। यह भी बताया जा रहा है कि यहां बीते दो-तीन सालों से चोरी छुपे अफीम की खेती की जा रही थी।