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पांच साल में एक तिहाई ही बचे संस्कृत छात्र, एक स्कूल भी बंद
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झांसी। जिले में संस्कृत विद्यालयों की हालात बेहद खराब हो गए हैं। कई स्कूलों में प्रधानाचार्य और शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। इसी वजह से पिछले पांच सालों में संस्कृत के छात्र-छात्राओं की संख्या घटकर एक तिहाई रह गई है। जबकि, एक विद्यालय भी बंद हो गया है।
जिले में अभी छह संस्कृत विद्यालय संचालित हैं। सबसे ज्यादा छात्र टहरौली के विद्यालय में पढ़ते हैं, जबकि, सबसे कम गुरसराय के स्कूल में। संस्कृत स्कूल के वरिष्ठ शिक्षकों ने बताया कि पांच साल पहले लक्ष्मीगेट स्थित सर्वभौम संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय बंद हो चुका है। उस समय सभी स्कूलों को मिलाकर झांसी में लगभग 1200 छात्र-छात्राएं पढ़ते थे। इस साल सिर्फ सवा चार सौ के आसपास छात्र छह स्कूलों में पढ़ रहे हैं। किसी स्कूल में एक, किसी में दो तो कहीं पर सभी स्थायी शिक्षकों के पद रिक्त हैं। किसी प्रधानाचार्य पर दो-दो विद्यालयों का चार्ज है। गुरसराय के स्कूल का तो हाल ये है कि यहां पर पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक नहीं है। छात्र सिर्फ परीक्षा फॉर्म भरने के लिए स्कूल आते हैं। पढ़ाने वाला कोई न होने से इनका भविष्य राम भरोसे है।
चपरासी और बाबू का काम कर रहे शिक्षक
जिले के किसी भी स्कूल में कर्मचारी और चपरासी की तैनाती नहीं है। ऐसे में इन कर्मचारियों का भी काम स्कूलों में तैनात शिक्षकों को करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने बताया कि उनका काफी समय तो कागजी कार्रवाई में ही बीत जाता है।
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अभी भी स्कूलों में नहीं आ रहे हैं छात्र
अधिकतर संस्कृत स्कूलों में छात्र-छात्राएं अभी भी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में शिक्षक उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई ही करवा रहे हैं। सदर बाजार स्थिति स्कूल में मंगलवार को कोई विद्यार्थी स्कूल में नहीं मिला। शिक्षकों ने बताया कि बच्चे अभी ऑनलाइन पढ़ाई ही करना चाहते हैं।
किस स्कूल की क्या है स्थिति
1. स्कूल: विक्रम संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सदर बाजार
पंजीकृत छात्र-48, तैनात शिक्षक-3, प्रधानाचार्य-कोई नहीं
2. पार्श्वनाथ दिगंबर जैन संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, बरुआसागर
पंजीकृत छात्र-76, तैनात शिक्षक-1, पद रिक्त-2, प्रधानाचार्य- कोई नहीं
3. रामकृष्ण संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मऊरानीपुर
पंजीकृत छात्र-52, तैनात शिक्षक-1, पद रिक्त-2, प्रधानाचार्य-कोई नहीं
4. संस्कृत विद्यापीठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बमनुवा, टहरौली
पंजीकृत छात्र-161, शिक्षक-4, प्रधानाचार्य-कोई नहीं
5. जोगेश्वर संस्कृत माध्यमिक विद्यालय, मौजा मढ़ा मऊरानीपुर
पंजीकृत छात्र-68, शिक्षक-3, प्रधानाचार्य-1
6. स्वराज्यानंद संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, मड़ोरी गुरसराय
पंजीकृत छात्र-30, शिक्षक-कोई नहीं, पद रिक्त-3, प्रधानाचार्य-कोई नहीं
गुरसराय के स्कूल का विवाद कोर्ट में चल रहा है। इस कारण यहां पर शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पा रहा है। अन्य स्कूलों में स्थायी नियुक्ति न होने तक मानदेय पर शिक्षकों को रखा गया है। सदर बाजार के स्कूल में तीन और बमनुआं में दो संविदा शिक्षक रखे गए हैं। अब स्कूलों में छात्रों की संख्या में इजाफा होगा। - कोमल यादव, डीआईओएस, झांसी।
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जिले में अभी छह संस्कृत विद्यालय संचालित हैं। सबसे ज्यादा छात्र टहरौली के विद्यालय में पढ़ते हैं, जबकि, सबसे कम गुरसराय के स्कूल में। संस्कृत स्कूल के वरिष्ठ शिक्षकों ने बताया कि पांच साल पहले लक्ष्मीगेट स्थित सर्वभौम संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय बंद हो चुका है। उस समय सभी स्कूलों को मिलाकर झांसी में लगभग 1200 छात्र-छात्राएं पढ़ते थे। इस साल सिर्फ सवा चार सौ के आसपास छात्र छह स्कूलों में पढ़ रहे हैं। किसी स्कूल में एक, किसी में दो तो कहीं पर सभी स्थायी शिक्षकों के पद रिक्त हैं। किसी प्रधानाचार्य पर दो-दो विद्यालयों का चार्ज है। गुरसराय के स्कूल का तो हाल ये है कि यहां पर पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक नहीं है। छात्र सिर्फ परीक्षा फॉर्म भरने के लिए स्कूल आते हैं। पढ़ाने वाला कोई न होने से इनका भविष्य राम भरोसे है।
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चपरासी और बाबू का काम कर रहे शिक्षक
जिले के किसी भी स्कूल में कर्मचारी और चपरासी की तैनाती नहीं है। ऐसे में इन कर्मचारियों का भी काम स्कूलों में तैनात शिक्षकों को करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने बताया कि उनका काफी समय तो कागजी कार्रवाई में ही बीत जाता है।
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अभी भी स्कूलों में नहीं आ रहे हैं छात्र
अधिकतर संस्कृत स्कूलों में छात्र-छात्राएं अभी भी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में शिक्षक उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई ही करवा रहे हैं। सदर बाजार स्थिति स्कूल में मंगलवार को कोई विद्यार्थी स्कूल में नहीं मिला। शिक्षकों ने बताया कि बच्चे अभी ऑनलाइन पढ़ाई ही करना चाहते हैं।
किस स्कूल की क्या है स्थिति
1. स्कूल: विक्रम संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सदर बाजार
पंजीकृत छात्र-48, तैनात शिक्षक-3, प्रधानाचार्य-कोई नहीं
2. पार्श्वनाथ दिगंबर जैन संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, बरुआसागर
पंजीकृत छात्र-76, तैनात शिक्षक-1, पद रिक्त-2, प्रधानाचार्य- कोई नहीं
3. रामकृष्ण संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मऊरानीपुर
पंजीकृत छात्र-52, तैनात शिक्षक-1, पद रिक्त-2, प्रधानाचार्य-कोई नहीं
4. संस्कृत विद्यापीठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बमनुवा, टहरौली
पंजीकृत छात्र-161, शिक्षक-4, प्रधानाचार्य-कोई नहीं
5. जोगेश्वर संस्कृत माध्यमिक विद्यालय, मौजा मढ़ा मऊरानीपुर
पंजीकृत छात्र-68, शिक्षक-3, प्रधानाचार्य-1
6. स्वराज्यानंद संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, मड़ोरी गुरसराय
पंजीकृत छात्र-30, शिक्षक-कोई नहीं, पद रिक्त-3, प्रधानाचार्य-कोई नहीं
गुरसराय के स्कूल का विवाद कोर्ट में चल रहा है। इस कारण यहां पर शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पा रहा है। अन्य स्कूलों में स्थायी नियुक्ति न होने तक मानदेय पर शिक्षकों को रखा गया है। सदर बाजार के स्कूल में तीन और बमनुआं में दो संविदा शिक्षक रखे गए हैं। अब स्कूलों में छात्रों की संख्या में इजाफा होगा। - कोमल यादव, डीआईओएस, झांसी।