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सरकारी अस्पतालों में एक लाख तो नर्सिंगहोमों में हुईं 71 हजार डिलीवरी

Tue, 04 Jan 2022 12:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jan 2022 12:51 AM IST
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One lakh in government hospitals and 71 thousand deliveries in nursing homes
झांसी। सरकारी अस्पतालों में शासन की तरफ से लगातार बढ़ाई जा रहीं सुविधाओं का असर दिखने लगा है। आर्थिक मदद, एंबुलेंस समेत तमाम सुविधाएं मिलने से झांसी में पिछले तीन सालों में नर्सिंगहोमों की तुलना में सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी तीन फीसदी बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2018-19 से 2020-21 तक सरकारी अस्पतालों में 1.03 लाख और नर्सिंगहोमों में 71 हजार से ज्यादा प्रसव हुए हैं।
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जच्चा-बच्चा के लिए शासन की ओर से जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन समेत कई योजनाएं संचालित हैं। इन योजनाओं का लाभ सरकारी अस्पतालों में आने वाले सभी लाभार्थियों को मिलता है। जेएसवाई के तहत ग्रामीण इलाकों की महिला का सरकारी अस्पताल में प्रसव होने पर 1400, शहरी क्षेत्र की महिला को 1000 रुपये मिलते हैं। घर से आने-जाने के लिए नि:शुल्क वाहन सुविधा उपलब्ध होती है। जब तक महिला अस्पताल में रुकती है तब तक खाने की व्यवस्था अस्पताल की तरफ से होती है। इसके अलावा पहला बच्चा होने पर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत तीन किस्तों में पांच हजार रुपये मिलते हैं। वहीं, प्रसव के दौरान ही यदि कोई अगला बच्चा नहीं चाहता है और नसबंदी करवाता है तो 1400 रुपये सरकार देती है। जबकि, निजी अस्पताल में डिलीवरी कराने पर 40 से 80 हजार रुपये तक का खर्चा आ जाता है। इसके अलावा डिलीवरी वाले कई नर्सिंगहोमों में बच्चों के लिए निक्कू की सुविधा नहीं होती है। जबकि, मेडिकल कॉलेज और महिला अस्पताल में ये सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में निजी अस्पतालों में डिलवरी का ग्राफ घट गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2018-19 में प्राइवेट अस्पतालों में 32.28 फीसदी प्रसव हुए थे, जो 2020-21 में घटकर 29.50 प्रतिशत रह गए।
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गंभीर केस में 20 हजार तक की दवाएं खर्च कर सकते
मेडिकल कॉलेज में गायनी विभाग में भी मॉड्यूलर ओटी शुरू हो चुकी है। यहां पर संक्रमण होने का खतरा बहुत कम रहता है। साथ ही आधुनिक मशीनें भी हैं। गंभीर केस में प्रसव कराने पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गायनी विभाग अलग से 20,000 हजार तक की दवाएं खरीद सकता है।
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वर्ष डिलीवरी सरकारी प्राइवेट
2018-19 36146 24475 11671 (32.28 प्रतिशत)
2019-20 35835 24795 11040 (30.80 प्रतिशत)
2020-21 31079 21908 9171 (29.50 प्रतिशत)
जेएसवाई, जेएसएसवाई समेत कई योजनाएं सरकार की ओर से चलाई जा रही हैं। इसका लाभ सीधे लाभार्थियों को मिलता है। मेडिकल कॉलेज में मॉड्यूलर ओटी, निक्कू, ब्लड, दवाएं समेत कई सुविधाएं मिलने से सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी बढ़ी है। - डॉ. संजया शर्मा, वरिष्ठ गायनिकोलॉजिस्ट, मेडिकल कॉलेज।

पिछले तीन सालों में सरकारी अस्पतालों की तुलना में नर्सिंगहोमों में तीन फीसदी डिलीवरी घट गई है। सरकार की तरफ से उपलब्ध कराई जा रहीं सुविधाओं की वजह से ऐसा हुआ है। प्रसूता को आर्थिक मदद के साथ-साथ खाने, एंबुलेंस तक की नि:शुल्क व्यवस्था मिलती है। - ऋषिराज सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक।
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