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Jhansi News: डेढ़ हजार कैंसर मरीजों को सिकाई के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर
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- मेडिकल कॉलेज में छह महीने में शुरू होगी रेडियोथेरेपी, शासन ने फिजिसिस्ट किया तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में छह महीने में कैंसर मरीजों की रेडियोथेरेपी (सिकाई) शुरू हो जाएगी। शासन ने मशीन चलाने के लिए मेडिकल फिजिसिस्ट की तैनाती कर दी है। जल्द ही कोबाल्ट मशीन भी आ जाएगी। ऐसे में हर साल रेडियोथेरेपी कराने के लिए बाहर जाने वाले बुंदेलखंड के लगभग डेढ़ हजार मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
बुंदेलखंड में अभी कहीं पर भी रेडियोथेरेपी की सुविधा नहीं है। ऐसे में कैंसर मरीजों को सिकाई कराने के लिए कानपुर, लखनऊ, ग्वालियर, दिल्ली और मुंबई जाना पड़ता है। अब मेडिकल कॉलेज में ही रेडियोथेरेपी शुरू होने जा रही है। इसके लिए जनप्रतिनिधि भी कई बार शासन को पत्र लिख चुके हैं। इसी क्रम में अब शासन ने मेडिकल कॉलेज में फिजिसिस्ट की तैनाती कर दी है। बोर्ड ऑफ रेडियोआइसोटोप में फिजिसिस्ट का पंजीकरण कराया जा रहा है। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में कोबाल्ट मशीन मंगवाई जाएगी। कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि छह महीने में कॉलेज में रेडियोथेरेपी शुरू हो जाएगी। अफसरों का कहना है कि रेडियोथेरेपी के दौरान रेडिएशन से डॉक्टर, कर्मचारी को बचाने के लिए टीएलडी बैच मंगवाए जाएंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में छह महीने में कैंसर मरीजों की रेडियोथेरेपी (सिकाई) शुरू हो जाएगी। शासन ने मशीन चलाने के लिए मेडिकल फिजिसिस्ट की तैनाती कर दी है। जल्द ही कोबाल्ट मशीन भी आ जाएगी। ऐसे में हर साल रेडियोथेरेपी कराने के लिए बाहर जाने वाले बुंदेलखंड के लगभग डेढ़ हजार मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
बुंदेलखंड में अभी कहीं पर भी रेडियोथेरेपी की सुविधा नहीं है। ऐसे में कैंसर मरीजों को सिकाई कराने के लिए कानपुर, लखनऊ, ग्वालियर, दिल्ली और मुंबई जाना पड़ता है। अब मेडिकल कॉलेज में ही रेडियोथेरेपी शुरू होने जा रही है। इसके लिए जनप्रतिनिधि भी कई बार शासन को पत्र लिख चुके हैं। इसी क्रम में अब शासन ने मेडिकल कॉलेज में फिजिसिस्ट की तैनाती कर दी है। बोर्ड ऑफ रेडियोआइसोटोप में फिजिसिस्ट का पंजीकरण कराया जा रहा है। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में कोबाल्ट मशीन मंगवाई जाएगी। कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि छह महीने में कॉलेज में रेडियोथेरेपी शुरू हो जाएगी। अफसरों का कहना है कि रेडियोथेरेपी के दौरान रेडिएशन से डॉक्टर, कर्मचारी को बचाने के लिए टीएलडी बैच मंगवाए जाएंगे।
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