फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   nurshing home par karywahi nahi kar pa rahe officer

नर्सिंगहोमों से वसूली कर ली तो मुकदमा क्यों नहीं कराया...पूछ रहे झांसी वाले

Fri, 04 Jun 2021 01:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 01:52 AM IST
विज्ञापन
nurshing home par karywahi nahi kar pa rahe officer
झांसी। कोरोना महामारी में शासनादेश को ताक पर रखते हुए मनमाना पैसा वसूलने वाले नर्सिंगहोमों के खिलाफ जिले के अफसर ठोस कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। सरकार की सख्ती के बाद नर्सिंगहोमों से रिकवरी तो शुरू हो गई है मगर अब तक एक भी नर्सिंगहोम पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। जबकि, एक ही अस्पताल से दो-दो बार रिकवरी के आदेश हो चुके हैं। जिले के अफसरों की नाकामी और ढुलमुल रवैये से नर्सिंगहोमों के हौसले बुलंद हैं।
विज्ञापन

झांसी में कोरोना काल में स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह पटरी से उतर गई। शासन की तरफ से निजी अस्पतालों के लिए इलाज की दरें निर्धारित भी की गईं मगर जिले में कई नर्सिंगहोमों ने इस आदेश को हवा में उड़ा दिया। जनता अस्पतालों में लुटती रहीं और जिले के अफसर कुछ नहीं कर पाए। अफसरों की इस नाकामी के खिलाफ भाजपा के विधायक भी मुखर हुए। विधायक जवाहर राजपूत, राजीव सिंह पारीछा ने शासन को पत्र लिखकर इसकी शिकायत भी की। अब शासन की तरफ से वसूलीबाज नर्सिंगहोमों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश जारी हो चुके हैं। वसूली का शिकार हुए लोग भी लगातार शिकायतें कर रहे हैं। मगर शासन के आदेश को ताक पर रखने वाले नर्सिंगहोमों पर मुकदमा दर्ज होने के बजाए ‘समझौता’ कराया जा रहा है। कुछ समय पहले जिस नर्सिंगहोम से 60 हजार रुपये की रिकवरी करने के आदेश हुए हैं, अब दूसरे मामले में भी उससे 25 हजार रुपये की रिकवरी की गई है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज गेट नंबर एक के पास स्थित एक और अस्पताल से 23 हजार की रिकवरी के आदेश हो गए हैं। मगर किसी पर एफआईआर नहीं हुई। वहीं, इस मामले में जांच अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार का कहना है कि शिकायत सही मिलने पर नर्सिंगहोमों से वसूली की जा रही है। अब तक चार अस्पतालों से पैसा वापस कराया गया है।
विज्ञापन

कंट्रोल रूम या स्वास्थ्य विभाग में दर्ज करा सकते शिकायत
यदि आपसे भी शासन द्वारा निर्धारित शुल्क से ज्यादा पैसा कोरोना के इलाज के दौरान नर्सिंगहोमों ने वसूल किया है तो फिर कंट्रोल रूम पर फोन करके या फिर सीएमओ कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत के दौरान अस्पतालों के बिलों समेत जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी देनी होगी। जांच टीम दस्तावेजों का परीक्षण और संबंधित नर्सिंगहोम से रिपोर्ट तलब कर नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

निजी अस्पतालों में इलाज की ये हैं दरें
एनएबीएच से संबद्ध अस्पतालों के लिए रेट
जनपद ऑक्सीजन पर आईसीयू वेंटिलेटर
झांसी 8000 12000 14400
ललितपुर 6000 9000 10800
जालौन 6000 9000 10800
एनएबीएच से गैर संबद्ध अस्पतालों के लिए रेट
जनपद ऑक्सीजन पर आईसीयू वेंटिलेटर
झांसी 6400 10400 12000
ललितपुर 4800 7800 9000
जालौन 4800 7800 9000
(यह रेट प्रतिदन के हैं)।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed