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ननों व किशोरियों को दिल्ली से ही परेशान करना शुरू कर दिया था युवकों ने
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झांसी। झांसी से दिल्ली के बीच का सफर नन व किशोरियोें के लिए दुश्वारी भरा रहा। दिल्ली से राउरकेला (ओडिशा) के लिए ट्रेन में सवार होते ही उनको परेशान किया जाने लगा। सफर के दौरान युवकों ने खूब फब्तियां कसी। जबरन बात करने से मना करने पर एक युवक ने झांसी फोन कर धर्मांतरण कर किशोरियों को ले जाने की सूचना दे दी। यह बयान नन व किशोरियों ने मोबाइल से व्हाट्सएप पर अधिकारियों को दर्ज कराए।
19 मार्च को उत्कल एक्सप्रेस से उतारी गईं नन व किशोरियों के मामले में खूब हल्ला मचा हुआ है। प्रभारी एसपी सौमित्र यादव ने शुक्रवार को भी जांच की। बयान के लिए लीविया थोमस, हेमलता (ईसाई धर्म की नन), श्वेता और बीतरंग को झांसी बुलाया गया था। शुक्रवार को जांच के लिए चारों को झांसी आना था। लेकिन ननों ने बीमारी का हवाला देकर झांसी आने से मना कर दिया। अधिकारियों ने उनसे वार्ता कर मोबाइल पर बयान भेजने को कहा। इसके बाद चारों ने एक-एक कर मोबाइल पर अपने-अपने बयान अधिकारियों को भेजे। व्हाट्सएप पर भेजे बयान में चारों ने बताया कि दिल्ली से ट्रेन चलने के बाद ही उनको परेशान करने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो झांसी तक चला।
युवकों ने बार-बार बात करने की कोशिश की। मना करने पर उन पर आरोप लगाए जाने लगे। उनसे कहा गया कि वह दोनों किशोरियों को जबरन धर्मांतरण के लिए लेकर जा रही हैं। इसके बाद एक युवक ने इसकी सूचना एक नेता को दे दी। ट्रेन के झांसी पहुंचते ही पुलिस के साथ कई लोग पहुंच गए। पुलिस के साथ मौजूद लोग प्रमाण मांगते रहे। आधार कार्ड दिखाने के बाद भी उनको ट्रेन से उतार लिया गया। पुलिस के सामने ही उनसे अभद्रता की गई। बेगुनाह होने के बार-बार सुबूत दिए गए, लेकिन उनको अनसुना कर दिया गया। बयान आने के बाद एसपी ने देर शाम जांच रिपोर्ट पूरी कर ली है। एसपी ने कई अन्य लोगों के भी बयान दर्ज किए हैं।
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सिपाही ने ट्रेन तक पहुंचाने में की थी लोगों की मदद
जीआरपी के एक सिपाही ने लोगों की भीड़ को स्टेशन के अंदर पहुंचाने में मदद की थी। ट्रेन में महिलाओं को उतारते समय अभद्र भाषा का भी महिलाओं के साथ प्रयोग किया। यह बात महिलाओं ने अपने बयान में दर्ज कराई है। यदि यह सिपाही लोगों को अंदर पहुंचाने में मदद नहीं करता तो शायद मामला इतना बड़ा नहीं होता। सिपाही का कारनामा दिन भर चर्चाओं में रहा। एसपी के सामने भी यह मामला पहुंचा है। बिना टिकट लोगों के अंदर प्लेटफार्म तक पहुंचने के मामले को रेलवे ने भी गंभीरता से लिया है।
मोबाइल पर नन व किशोरियों के बयान आ चुके हैं। पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच रिपोर्ट तैयार होते ही लखनऊ भेजी जाएगी। आला अफसर अब इस पर निर्णय लेंगे।
सौमित्र यादव, प्रभारी एसपी, जीआरपी
कार्रवाई न होने से नाराज कांग्रेसियों ने स्टेशन पर किया प्रदर्शन
- पुलिस के खिलाफ जमकर की नारेबाजी, स्टेशन पर तैनात रहा भारी पुलिस फोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नन व किशोरियों को ट्रेन से उतारने के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज कांग्रेसियों ने स्टेशन पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिकारियों ने किसी तरह समझाकर शांत किया। कांग्रेसियों के प्रदर्शन को लेकर स्टेशन पर फोर्स तैनात रहा।
कांग्रेसियों के धरना प्रदर्शन की खबर मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ के साथ सिविल पुलिस ने स्टेशन पर डेरा डाल लिया था। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे कांग्रेसी एकत्रित होकर स्टेशन पहुंचे। नारेबाजी करते हुए सभी धरने पर बैठ गए। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस की जांच रिपोर्ट समय से पूरी न होने पर भी सवाल उठाए। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यहार को लेकर अब तक आरोपियों पर कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। गृह मंत्री के कहने के बाद भी जीआरपी जांच का बहाना बनाकर मामले को दबाने में जुटी हुई है। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस जिले भर में आंदोलन करेगी। इस मौके पर चंद्रशेखर तिवारी, अरविंद वशिष्ठ, इम्तियाज हुसैन, विवेक बाजपेई, अनिल रिछारिया, भरत राय, शंभू सेन, योगेंद्र सिंह पारीछा, किशन करौसिया, अरविंद बबलू पार्षद, किश्वर झा, पवन शाक्या मौजूद रहे।
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19 मार्च को उत्कल एक्सप्रेस से उतारी गईं नन व किशोरियों के मामले में खूब हल्ला मचा हुआ है। प्रभारी एसपी सौमित्र यादव ने शुक्रवार को भी जांच की। बयान के लिए लीविया थोमस, हेमलता (ईसाई धर्म की नन), श्वेता और बीतरंग को झांसी बुलाया गया था। शुक्रवार को जांच के लिए चारों को झांसी आना था। लेकिन ननों ने बीमारी का हवाला देकर झांसी आने से मना कर दिया। अधिकारियों ने उनसे वार्ता कर मोबाइल पर बयान भेजने को कहा। इसके बाद चारों ने एक-एक कर मोबाइल पर अपने-अपने बयान अधिकारियों को भेजे। व्हाट्सएप पर भेजे बयान में चारों ने बताया कि दिल्ली से ट्रेन चलने के बाद ही उनको परेशान करने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो झांसी तक चला।
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युवकों ने बार-बार बात करने की कोशिश की। मना करने पर उन पर आरोप लगाए जाने लगे। उनसे कहा गया कि वह दोनों किशोरियों को जबरन धर्मांतरण के लिए लेकर जा रही हैं। इसके बाद एक युवक ने इसकी सूचना एक नेता को दे दी। ट्रेन के झांसी पहुंचते ही पुलिस के साथ कई लोग पहुंच गए। पुलिस के साथ मौजूद लोग प्रमाण मांगते रहे। आधार कार्ड दिखाने के बाद भी उनको ट्रेन से उतार लिया गया। पुलिस के सामने ही उनसे अभद्रता की गई। बेगुनाह होने के बार-बार सुबूत दिए गए, लेकिन उनको अनसुना कर दिया गया। बयान आने के बाद एसपी ने देर शाम जांच रिपोर्ट पूरी कर ली है। एसपी ने कई अन्य लोगों के भी बयान दर्ज किए हैं।
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सिपाही ने ट्रेन तक पहुंचाने में की थी लोगों की मदद
जीआरपी के एक सिपाही ने लोगों की भीड़ को स्टेशन के अंदर पहुंचाने में मदद की थी। ट्रेन में महिलाओं को उतारते समय अभद्र भाषा का भी महिलाओं के साथ प्रयोग किया। यह बात महिलाओं ने अपने बयान में दर्ज कराई है। यदि यह सिपाही लोगों को अंदर पहुंचाने में मदद नहीं करता तो शायद मामला इतना बड़ा नहीं होता। सिपाही का कारनामा दिन भर चर्चाओं में रहा। एसपी के सामने भी यह मामला पहुंचा है। बिना टिकट लोगों के अंदर प्लेटफार्म तक पहुंचने के मामले को रेलवे ने भी गंभीरता से लिया है।
मोबाइल पर नन व किशोरियों के बयान आ चुके हैं। पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच रिपोर्ट तैयार होते ही लखनऊ भेजी जाएगी। आला अफसर अब इस पर निर्णय लेंगे।
सौमित्र यादव, प्रभारी एसपी, जीआरपी
कार्रवाई न होने से नाराज कांग्रेसियों ने स्टेशन पर किया प्रदर्शन
- पुलिस के खिलाफ जमकर की नारेबाजी, स्टेशन पर तैनात रहा भारी पुलिस फोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नन व किशोरियों को ट्रेन से उतारने के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज कांग्रेसियों ने स्टेशन पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिकारियों ने किसी तरह समझाकर शांत किया। कांग्रेसियों के प्रदर्शन को लेकर स्टेशन पर फोर्स तैनात रहा।
कांग्रेसियों के धरना प्रदर्शन की खबर मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ के साथ सिविल पुलिस ने स्टेशन पर डेरा डाल लिया था। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे कांग्रेसी एकत्रित होकर स्टेशन पहुंचे। नारेबाजी करते हुए सभी धरने पर बैठ गए। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस की जांच रिपोर्ट समय से पूरी न होने पर भी सवाल उठाए। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यहार को लेकर अब तक आरोपियों पर कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। गृह मंत्री के कहने के बाद भी जीआरपी जांच का बहाना बनाकर मामले को दबाने में जुटी हुई है। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस जिले भर में आंदोलन करेगी। इस मौके पर चंद्रशेखर तिवारी, अरविंद वशिष्ठ, इम्तियाज हुसैन, विवेक बाजपेई, अनिल रिछारिया, भरत राय, शंभू सेन, योगेंद्र सिंह पारीछा, किशन करौसिया, अरविंद बबलू पार्षद, किश्वर झा, पवन शाक्या मौजूद रहे।