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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Number of child marriages going up in jhansi says national family health survey 

आईना : झांसी में बढ़ रहीं ‘बालिका वधू’, नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट खुलासा

Thu, 02 Dec 2021 03:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 02 Dec 2021 03:17 AM IST
सार

पहले से ग्राफ तीन फीसदी बढ़ा। मंडल के जालौन और ललितपुर में सुधार, युवकों की शादी तीस साल तक हो रही है। 

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Number of child marriages going up in jhansi says national family health survey 
child marriage

विस्तार

झांसी में बालिका वधू की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसका खुलासा नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (एनएफएचएस) से हुआ है। कम उम्र में शादी होना बेटियों की सेहत और भविष्य दोनों के लिए ही ठीक नहीं है। हालांकि, मंडल के जालौन और ललितपुर में स्थिति में सुधार हुआ है। 

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विवाह की सही और वैधानिक उम्र के प्रति समाज का लचीलापन नारी के स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। कम उम्र में मां बनने से जहां एक ओर महिला के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वहीं, जन्म लेने वाले बच्चे के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है। हाल ही में वर्ष 2020-2021 में 20 से 24 साल की महिलाओं पर एनएफएचएस-5 की सर्वे रिपोर्ट आई है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि झांसी में इस उम्र की महिलाओं से बातचीत में पता चला है कि 25.1 फीसदी की शादी 18 साल से कम उम्र में कर दी गई थी। जबकि, 2015-16 में हुए एनएफएचएस-4 के सर्वे में यह आंकड़ा 22.2 फीसदी था।
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ऐसे में अब 2.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ये आंकड़े आधी आबादी को लेकर चलाए जा रहे अभियानों और कानून की सख्ती के दावे को चोट पहुंचा रहे हैं। हालांकि, ललितपुर और जालौन में स्थिति में सुधार आया है। एनएफएचएस-4 सर्वे में ललितपुर में 49.3 फीसदी लड़कियों की शादी 18 साल से कम उम्र में हो जाती थी, जो कि सर्वे-5 में घटकर 42.5 प्रतिशत रह गई है। इसके अलावा जालौन में भी पहले सर्वे की तुलना में अब ये आंकड़ा 22.1 फीसदी से घटकर 16.9 प्रतिशत हो गया है। 

बेटों की शादी में नहीं कर रहे जल्दबाजी, 30 साल तक हो रहीं 
मंडल के तीनों जिलों में बेटों की शादी के मामलों में लोग जल्दबाजी नहीं कर हरे हैं। 25 से 29 साल के युवकों पर हुए एनएफएचएस-5 के सर्वे में पता चला है कि झांसी और ललितपुर में युवकों की 21 साल से पहले शादी होने के मामले में 1.3-1.3 प्रतिशत और जालौन में 3.4 फीसदी की गिरावट आई है। 30-30 साल तक युवकों की शादी हो रही है। 

ये हैं मूल कारण 

  • अशिक्षा
  • सामूहिक विवाह
  • कमजोर आर्थिक स्थिति
  • लड़की का बोझ समझना
  • बेटियों को उच्च शिक्षित न करना


ये भी ध्यान दें 

  • विवाह के बाद कम से कम दो साल तक एक-दूसरे को समझने और पारिवारिक जिम्मेदारियों को रखने का समय रखना चाहिए
  • लड़कियों का शरीर परिपक्व होने पर ही गर्भधारण के लिए ठीक होता है
  • 20-21 वर्ष की आयु पर विवाह होने और 23-24 साल की आयु पर प्रथम गर्भधारण होना चाहिए। तो स्वस्थ शिशु होता है
  • प्रथम गर्भधारण के कम से कम तीन साल तक दूसरा बच्चा नहीं होना चाहिए, इससे पहले बच्चे की पूरी देखभाल हो जाती है


18 साल से कम उम्र में लड़कियों की शादी करने से उनका विकास रुक जाता है। डिलीवरी में भी दिक्कतें आती हैं। उच्च शिक्षित न होने बच्चा होने के बाद उसकी देखभाल भी सही तरीके से नहीं हो पाती है।  


डॉ. संजया शर्मा, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ 

नाबालिग बेटियों की शादी नहीं करनी चाहिए। इसका बेटी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एनएफएचएस-5 सर्वे के ये आंकड़े झांसी के लोगों के लिए चिंता और सोचने का विषय है।  
आनंद चौबे, मंडलीय परियोजना प्रबंधक, एनएचएम

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