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Jhansi News: अब मेडिकल कॉलेज में भर्ती और ओपीडी मरीजों के मोबाइल पर पहुंचेगी जांच रिपोर्ट
Thu, 04 Apr 2024 01:30 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Thu, 04 Apr 2024 01:30 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के वार्डों में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को जांच रिपोर्ट अभी तक लैब से लेने जाना पड़ता है। लेकिन, जल्द ही अस्पताल की इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब पैथोलॉजी से वार्ड के स्वास्थ्यकर्मी और ओपीडी के मरीजों के मोबाइल फोन पर रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसे लेकर पैथोलॉजी विभाग ने तैयारी शुरू कर दी हैं।
प्रदेश की सबसे बड़ी पैथोलॉजी लैब में शुमार महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। यहां आने वाले सैकड़ों मरीजों को अब जांच के बाद रिपोर्ट व्हाट्सएप पर भेजी जाएगी। पैथोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि सबसे पहले मेडिकल कॉलेज के सभी वार्डों को डिजिटली रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था हो रही है। वार्ड में भर्ती मरीज की जांच रिपोर्ट आते ही वार्ड के स्वास्थ्य कर्मी के व्हाट्सएप पर रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद पैथोलॉजी विभाग ओपीडी में आने वाले मरीजों को भी डिजीटल रिपोर्ट भेजेगा। इसके लिए एक यूनिक नंबर और बार कोड होगा।
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सेंट्रल पैथोलॉजी में होती हैं महत्वपूर्ण जांचें
बायोकेमिस्ट्री जांच - 450
एबीजी जांच - 400
सीबीसी जांच - 300
हार्माेन जांच - 200
बोनमेरो जांच - माह में 15
टिश्यू की जांच - माह में 100 तक
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वर्जन
पैथोलॉजी में होने वाली जांचों की रिपोर्ट के लिए भर्ती मरीजों या तीमारदारों को लैब तक न आना पड़े। इसके लिए हम वार्ड में डिजिटल रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था कर रहे हैं, जो जल्द ही शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही ओपीडी मरीजों के लिए भी यह सुविधा शुरू करेंगे।
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- डॉ. मयंक कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष, पैथोलॉजी, मेडिकल कॉलेज।
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के वार्डों में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को जांच रिपोर्ट अभी तक लैब से लेने जाना पड़ता है। लेकिन, जल्द ही अस्पताल की इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब पैथोलॉजी से वार्ड के स्वास्थ्यकर्मी और ओपीडी के मरीजों के मोबाइल फोन पर रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसे लेकर पैथोलॉजी विभाग ने तैयारी शुरू कर दी हैं।
प्रदेश की सबसे बड़ी पैथोलॉजी लैब में शुमार महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। यहां आने वाले सैकड़ों मरीजों को अब जांच के बाद रिपोर्ट व्हाट्सएप पर भेजी जाएगी। पैथोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि सबसे पहले मेडिकल कॉलेज के सभी वार्डों को डिजिटली रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था हो रही है। वार्ड में भर्ती मरीज की जांच रिपोर्ट आते ही वार्ड के स्वास्थ्य कर्मी के व्हाट्सएप पर रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद पैथोलॉजी विभाग ओपीडी में आने वाले मरीजों को भी डिजीटल रिपोर्ट भेजेगा। इसके लिए एक यूनिक नंबर और बार कोड होगा।
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सेंट्रल पैथोलॉजी में होती हैं महत्वपूर्ण जांचें
बायोकेमिस्ट्री जांच - 450
एबीजी जांच - 400
सीबीसी जांच - 300
हार्माेन जांच - 200
बोनमेरो जांच - माह में 15
टिश्यू की जांच - माह में 100 तक
वर्जन
पैथोलॉजी में होने वाली जांचों की रिपोर्ट के लिए भर्ती मरीजों या तीमारदारों को लैब तक न आना पड़े। इसके लिए हम वार्ड में डिजिटल रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था कर रहे हैं, जो जल्द ही शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही ओपीडी मरीजों के लिए भी यह सुविधा शुरू करेंगे।
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- डॉ. मयंक कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष, पैथोलॉजी, मेडिकल कॉलेज।