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Jhansi News: अब शव की सुपुर्दगी के साथ ही मिलेगा मृत्यु प्रमाण-पत्र
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मेडिकल कॉलेज में सोमवार से लागू होगी नई व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अब मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए मृतक के परिजनों को मेडिकल कॉलेज के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सोमवार से मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आने वाले मरीज की मृत्यु की घोषणा करने वाला डाक्टर हाथों-हाथ मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाकर परिजनों को देगा। यदि कोई मृत अवस्था में पहुंचता है, तब भी यही किया जाएगा।
अभी तक मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मरने वालों को मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं। इस समस्या पर अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन सोमवार से विराम लगा रहा है। इसका फैसला बुधवार को प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। प्राचार्य डॉ. सेंगर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने की नई व्यवस्था बनाई गई है। इसके तहत फार्म चार और चार-ए तैयार करवा लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी रोगी की उपचार के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो सबसे पहले मृत्यु की घोषणा करने वाला डॉक्टर मृत्यु प्रमाण-पत्र (फार्म चार) बनाकर परिजनों को सौंपेगा। इसके बाद ही शव परिजनों को सौंपा जाएगा। वहीं, मेडिकल कॉलेज में आने के दौरान किसी की मृत्यु हो जाती है, तो इमरजेंसी का प्रभारी चिकित्सक उनके परिजनों को मृत्यु प्रमाण-पत्र (चार-ए) बनाकर सौंपेगा। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था सोमवार से लागू हो जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अब मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए मृतक के परिजनों को मेडिकल कॉलेज के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सोमवार से मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आने वाले मरीज की मृत्यु की घोषणा करने वाला डाक्टर हाथों-हाथ मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाकर परिजनों को देगा। यदि कोई मृत अवस्था में पहुंचता है, तब भी यही किया जाएगा।
अभी तक मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मरने वालों को मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं। इस समस्या पर अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन सोमवार से विराम लगा रहा है। इसका फैसला बुधवार को प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। प्राचार्य डॉ. सेंगर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने की नई व्यवस्था बनाई गई है। इसके तहत फार्म चार और चार-ए तैयार करवा लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी रोगी की उपचार के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो सबसे पहले मृत्यु की घोषणा करने वाला डॉक्टर मृत्यु प्रमाण-पत्र (फार्म चार) बनाकर परिजनों को सौंपेगा। इसके बाद ही शव परिजनों को सौंपा जाएगा। वहीं, मेडिकल कॉलेज में आने के दौरान किसी की मृत्यु हो जाती है, तो इमरजेंसी का प्रभारी चिकित्सक उनके परिजनों को मृत्यु प्रमाण-पत्र (चार-ए) बनाकर सौंपेगा। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था सोमवार से लागू हो जाएगी।
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