बुंदेलखंड के लिए राहत: झांसी मेडिकल कॉलेज में अब कटे हुए अंग जुड़ सकेंगे
बुंदेलखंड का झांसी मेडिकल कॉलेज आस पास के क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यहां पर काफी दूर दूर से लोग अपना इलाज कराने आते हैं। अब यहां एक और सुविधा शुरू होने जा रही है, अगले माह से प्लास्टिक सर्जरी विभाग में कटे अंग भी जोड़े जा सकेंगे।
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मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में अगले महीने से कटे अंग भी जोड़े जा सकेंगे। साथ ही क्षतिग्रस्त अंगों पर शरीर के किसी भी हिस्से से ऊतक (टिश्यू) निकालकर लगाया जा सकेगा। टिश्यू की खून की नलियां तक लगाई जाएंगी, ताकि रक्त का प्रवाह जारी रहे। डॉक्टरों को दावा है कि ये सर्जरी शुरू करने वाला झांसी प्रदेश का पहला राजकीय मेडिकल कॉलेज होगा।
माइक्रो वैस्कुलर सर्जरी में छोटी-छोटी रक्त वाहिकाओं को माइक्रोस्कोप में देखते हुए सूक्ष्म उपकरणों के जरिए जोड़ा जाता है। विशेषज्ञों ने बताया कि इससे शरीर के दूसरे भाग के ऊतक लेकर जहां जरूरत हो वहां लगाते हैं। सड़क दुर्घटना, करंट से झुलसे और कैंसर मरीजों में ये सर्जरी बहुत उपयोगी साबित होती है। साथ ही उंगली व अन्य अंग कट जाने पर भी जोड़ा जा सकता है। अब तक प्लास्टिक सर्जरी विभाग में शरीर के किसी अंग का मांस निकल जाने पर आसपास से ही टिश्यू पलटकर लगा देते हैं।
शरीर का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने पर प्लास्टिक सर्जरी नहीं हो पाती है। मगर अगले महीने से केजीएमयू, एसजीपीजीआई की तर्ज पर झांसी मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में माइक्रो वैस्कुलर सर्जरी शुरू होने के बाद शरीर के किसी भी अंग से टिश्यू निकालकर प्रभावित हिस्से पर लगाया जा सकेगा।
माइक्रोस्कोप आया, बाकी उपकरण भी जल्द मिलेंगे
माइक्रो वैस्कुलर सर्जरी छोटी रक्त वाहिकाओं पर एक ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप, विशेष सर्जिकल उपकरणों और छोटी सुइयों का उपयोग करके की जाती है। प्लास्टिक सर्जरी विभाग में माइक्रोस्कोप आ गया है। जल्द ही छोटे-छोटे बेहद महत्वपूर्ण उपकरण भी आने वाले हैं।
अगले महीने से विभाग में माइक्रो वैस्कुलर सर्जरी शुरू हो जाएगी। इसके बाद न सिर्फ कटे अंग को जोड़ा जा सकेगा। वहीं, क्षतिग्रस्त अंग पर शरीर के किसी भी हिस्से का टिश्यू लगाया जा सकेगा। साथ में खून की नलियां भी लगाई जाएंगी। ताकि, रक्त का प्रवाह जारी रहे। ये सर्जरी शुरू करने वाला झांसी प्रदेश का पहला राजकीय मेडिकल कॉलेज होगा।
- डॉ. सुधीर कुमार, विभागाध्यक्ष, प्लास्टिक सर्जरी, मेडिकल कॉलेज।