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बिजली सबस्टेशनों पर ठेकेदार की जगह अब होंगे कंपनी के कर्मचारी
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now company workers works in uppcl
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झांसी। बिजली विभाग ने सबस्टेशनों पर तैनात रहने वाले संविदा कर्मचारियों की व्यवस्था इंदौर की एक कंपनी के हाथों में सौंप दी है। अभी सबस्टेशनों पर अलग- अलग ठेकेदारों के कर्मचारी काम कर रहे हैं। हालांकि, कंपनी ने अभी ठेकेदारों के कर्मचारियों को ही अधिकृत कर लिया है। लॉकडाउन तक यथा स्थिति बनी रहेगी।
अभी जनपद के 65 बिजली सबस्टेशनों पर मेंटेनेंस काम के लिए ठेकेदार के संविदा कर्मचारियों की तैनाती हैं। इनमें महानगर के 16 सबस्टेशन शामिल हैं। यह कर्मचारी सबस्टेशन और लाइन मेंटेनेंस, फाल्ट ठीक करने, पेड़ काटने, नए कनेक्शन में मीटर लगाने जैसे सभी काम करते हैं। छोटे सबस्टेशन पर 12 और बड़े पर 18 कर्मचारी काम कर रहे हैं। अभी सबस्टेशनों पर ठेकेदार के संविदा कर्मचारी काम कर रहे हैं। किसी ठेकेदार के पास दो तो किसी के पास तीन या चार सबस्टेशनों की जिम्मेदारी है। लेकिन एक अप्रैल से जनपद के सभी सबस्टेशनों का ठेका इंदौर की मैसर्स वर्ड क्लास सर्विस लिमिटेड कंपनी को दे दिया गया है।
- दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निर्देश पर इंदौर की कंपनी को ठेका दिया गया है। कंपनी के आग्रह पर अभी ठेकेदार के ही कर्मचारी काम कर रहे हैं। लॉकडाउन तक यथा स्थिति रहेगी।
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डी यादवेंद्रु, अधिशासी अभियंता (प्रथम)।
यह करते हैं काम
एक गैंग में एक लाइनमैन और दो कुलियों की तैनाती रहती हैं। लाइनमैन का काम खंभे पर चढ़कर फाल्ट ठीक करना है, जबकि कुली सामान उठाने और लाइनमैन का सहयोग करने के लिए रहते हैं। कारपोरेशन ने श्रम विभाग के नियमानुसार लाइनमैन का वेतन दस हजार रुपये और कुली का आठ हजार रुपये निर्धारित कर रखा है। मगर, अब कंपनी इससे भी अधिक वेतन देगी।
एसएसओ हटेंगे
सबस्टेशनों की निगरानी के लिए अभी सब स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) के पद पर पूर्व सैनिकों की तैनाती है। एसएसओ बिजली आने- जाने और फाल्टों का पूरा लेखा जोखा रखते हैं। ब्रेकडाउन के वक्त शटडाउन भी उनके द्वारा ही दिया जाता है। मगर, एसएसओ के पद पर अब कंपनी के ही कर्मचारी तैनात होंगे। पूर्व सैनिक सिर्फ निर्धारित कोटे के हिसाब से रखे जाएंगे।
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अभी जनपद के 65 बिजली सबस्टेशनों पर मेंटेनेंस काम के लिए ठेकेदार के संविदा कर्मचारियों की तैनाती हैं। इनमें महानगर के 16 सबस्टेशन शामिल हैं। यह कर्मचारी सबस्टेशन और लाइन मेंटेनेंस, फाल्ट ठीक करने, पेड़ काटने, नए कनेक्शन में मीटर लगाने जैसे सभी काम करते हैं। छोटे सबस्टेशन पर 12 और बड़े पर 18 कर्मचारी काम कर रहे हैं। अभी सबस्टेशनों पर ठेकेदार के संविदा कर्मचारी काम कर रहे हैं। किसी ठेकेदार के पास दो तो किसी के पास तीन या चार सबस्टेशनों की जिम्मेदारी है। लेकिन एक अप्रैल से जनपद के सभी सबस्टेशनों का ठेका इंदौर की मैसर्स वर्ड क्लास सर्विस लिमिटेड कंपनी को दे दिया गया है।
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- दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निर्देश पर इंदौर की कंपनी को ठेका दिया गया है। कंपनी के आग्रह पर अभी ठेकेदार के ही कर्मचारी काम कर रहे हैं। लॉकडाउन तक यथा स्थिति रहेगी।
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डी यादवेंद्रु, अधिशासी अभियंता (प्रथम)।
यह करते हैं काम
एक गैंग में एक लाइनमैन और दो कुलियों की तैनाती रहती हैं। लाइनमैन का काम खंभे पर चढ़कर फाल्ट ठीक करना है, जबकि कुली सामान उठाने और लाइनमैन का सहयोग करने के लिए रहते हैं। कारपोरेशन ने श्रम विभाग के नियमानुसार लाइनमैन का वेतन दस हजार रुपये और कुली का आठ हजार रुपये निर्धारित कर रखा है। मगर, अब कंपनी इससे भी अधिक वेतन देगी।
एसएसओ हटेंगे
सबस्टेशनों की निगरानी के लिए अभी सब स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) के पद पर पूर्व सैनिकों की तैनाती है। एसएसओ बिजली आने- जाने और फाल्टों का पूरा लेखा जोखा रखते हैं। ब्रेकडाउन के वक्त शटडाउन भी उनके द्वारा ही दिया जाता है। मगर, एसएसओ के पद पर अब कंपनी के ही कर्मचारी तैनात होंगे। पूर्व सैनिक सिर्फ निर्धारित कोटे के हिसाब से रखे जाएंगे।