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कुछ ने नोटा दबाया, तो कुछ ने ठेंगा दिखाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Feb 2017 01:06 AM IST
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कुछ ने नोटा दबाया, तो कुछ ने ठेंगा दिखाया
- फोटो : demo
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पानी की समस्या से जूझ रहे गुमनावारा के कुछ लोगों ने विरोध स्वरूप वोटिंग को ठेंगा दिखाया। वोट डालने वालों में से कई ऐसे थे, जिन्होंने नोटा का बटन दबाने की बात कही। यहां कुल पचास प्रतिशत ही मतदान हुआ। गौरतलब हो कि पानी की समस्या के चलते यहां के लोगों ने जुलूस निकालकर लोगों से वोट न डालने अथवा नोटा का बटन दबाने की अपील की थी।
पानी की समस्या को दूर करने के लिए पिछले कई दिनों से वार्ड के लोग आंदोलन कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने आसपास के मोहल्लों में रैली निकालकर लोगों से मतदान न करने या नोटा का बटन दबाने की अपील की। बृहस्पतिवार को मतदान के लिए बनाए गए गुरुकुल इंटर कॉलेज, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, पिछोर के कन्या प्राथमिक विद्यालय में केंद्रों पर लगभग पचास प्रतिशत ही वोट पड़े। जल संघर्ष समिति के महामंत्री प्रदीप सिंह चौहान ने बताया कि वार्ड में लगभग 15 हजार वोटर हैं। हम लोगों ने नोटा का बटन दबाने या मतदान न करने की अपील की थी। पचास प्रतिशत लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया है। वोट देने वाले अधिकतर लोगों ने नोटा का बटन दबाया है।
पानी की समस्या के लिए वकील कालोनी, जेडीए कॉलोनी, पिछोर, महाराणा प्रताप नगर, करगुंवा जी और मेडिकल के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया है। हमारी मुहिम इस चुनाव के बाद भी जारी रहेगी और समस्या का निदान न होने तक मतदान का बहिष्कार करेंगे।
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मतदान केंद्रों पर रही भीड़
वार्ड नंबर 29 के लिए बनाए गए मतदान केंद्रों पर सुबह आठ बजे से ही लोग मतदान करने के लिए पहुंचने लगे थे। सुबह 11 बजे तक लाइनें घट गई और इक्का-दुक्का मतदाता ही आते रहे और अपने मत का प्रयोग करते रहे।
प्रत्याशी नहीं, नोटा चुना
पिछले सोलह सालों से प्रत्याशियों को जिताते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक पानी की समस्या हल नहीं हुई। इस बार हमने नोटा का बटन दबाया है और समस्या के समाधान न होने तक दबाते ही रहेंगे।
हेमंत कुमार, छात्र
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पानी की समस्या को दूर करने के लिए पिछले कई दिनों से वार्ड के लोग आंदोलन कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने आसपास के मोहल्लों में रैली निकालकर लोगों से मतदान न करने या नोटा का बटन दबाने की अपील की। बृहस्पतिवार को मतदान के लिए बनाए गए गुरुकुल इंटर कॉलेज, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, पिछोर के कन्या प्राथमिक विद्यालय में केंद्रों पर लगभग पचास प्रतिशत ही वोट पड़े। जल संघर्ष समिति के महामंत्री प्रदीप सिंह चौहान ने बताया कि वार्ड में लगभग 15 हजार वोटर हैं। हम लोगों ने नोटा का बटन दबाने या मतदान न करने की अपील की थी। पचास प्रतिशत लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया है। वोट देने वाले अधिकतर लोगों ने नोटा का बटन दबाया है।
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पानी की समस्या के लिए वकील कालोनी, जेडीए कॉलोनी, पिछोर, महाराणा प्रताप नगर, करगुंवा जी और मेडिकल के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया है। हमारी मुहिम इस चुनाव के बाद भी जारी रहेगी और समस्या का निदान न होने तक मतदान का बहिष्कार करेंगे।
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मतदान केंद्रों पर रही भीड़
वार्ड नंबर 29 के लिए बनाए गए मतदान केंद्रों पर सुबह आठ बजे से ही लोग मतदान करने के लिए पहुंचने लगे थे। सुबह 11 बजे तक लाइनें घट गई और इक्का-दुक्का मतदाता ही आते रहे और अपने मत का प्रयोग करते रहे।
प्रत्याशी नहीं, नोटा चुना
पिछले सोलह सालों से प्रत्याशियों को जिताते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक पानी की समस्या हल नहीं हुई। इस बार हमने नोटा का बटन दबाया है और समस्या के समाधान न होने तक दबाते ही रहेंगे।
हेमंत कुमार, छात्र