03 वर्ष में नहीं पहुंची विकास की किरण
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झांसी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर महानगर की सीमा से सटे 62 गांवों को झांसी विकास प्राधिकरण में शामिल तो कर लिया गया, परंतु दो साल बाद भी इन ग्रामों में विकास की एक किरण तक नहीं पहुंच पाई है। यहां तक कि शामिल किए गए गांवों की जमीन का चिह्नांकन तक नहीं हो पाया है।
झांसी महानगर की सीमा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों के तेजी से विकास की दृष्टि से प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 27 सितंबर 2012 को 62 गांवों को झांसी विकास प्राधिकरण में शामिल करने की घोषणा की थी। इसके बाद 23 अक्तूबर 2013 को इसका शासनादेश जारी कर दिया गया था। 26 नवंबर 2013 को इन ग्रामों का गजट प्रकाशित किया गया था। तब उक्त ग्रामों के सुनियोजित विकास की उम्मीद जताई जा रही थी। लेकिन, दो साल बाद भी विकास कागजों से बाहर नहीं निकल पाया है। आलम यह है कि इन ग्रामों की 385 वर्ग किलोमीटर भूमि का चिहंकन भी नहीं हो पाया है। हालांकि, इसके लिए पूर्व में सेटेलाइट सर्वे कराने की तैयारियां की गईं थीं, ताकि भूमि का व्यावसायिक, आवासीय व कृषि में अलग - अलग चिह्नीकरण कर सुनियोजित विकास किया जा सके। लेकिन, इसके लिए फर्म का चयन अब तक नहीं हो पाया है। नतीजतन, कागजों में जेडीए में शामिल हो चुके यह गांव धरातल पर बुनियादी सुविधाओं से वंचित बने हुए हैं।
यह गांव हुए हैं शामिल झांसी। जेडीए सीमा में बरुआसागर क्षेत्र के लक्ष्मनपुरा, वनगुवां, नौटक्षीर, कोलवा, बरेठी, फुटेरा बरुआसागर, हरपुरा, ताल रमन्ना, घुघुवा, चिपलौटा, दानीपुरा, बड़ागांव क्षेत्र के दौन, दुनारा, सुजाटा, भूपनगर, बचावली खुर्द, बचावली बुजुर्ग, बड़ागांव, तौरबराटा, बराटा, पारीछा, रिछौरा, मथनपुरा- रमपुरा, मड़ोरा, गढ़मऊ, पठेश्वर, आरी, बेहटा, भरारी, लकारा, रूंदकरारी, रौनीजा, अंबाबाय, चंद्रा, कलोथरा, सारमऊ, सिमरा, गेवरा, रक्साक्षेत्र के पुनावली कलां, डोमागोर, ढिकौली, कोटखेरा, रक्सा, डगरवाहा, पठारी, डोंगरी, गुढ़ा, रमपुरा, मठ, बाजना, बमेर, राजापुर, गागौनी, बरुआपुरा, मुरारी, चमरुआ, किल्चवारा खुर्द, किल्चवारा बुजुर्ग, बैदोरा, खजराहा खुर्द और खजराहा बुजुर्ग को शामिल किया गया है।
‘सेटेलाइट सर्वे के लिए संस्थाओं से आवेदन लिए जा चुके हैं। लेकिन, इसके लिए उनके द्वारा ज्यादा धनराशि की डिमांड की जा रही है। हालांकि, जल्द ही किसी संस्था को यह जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। तदुपरांत, शामिल गांवों के सुनियोजित विकास का प्लान तैयार होगा।’ - आर के वर्मा, सहायक अभियंता - जेडीए