{"_id":"66889010f4ce966a300387a4","slug":"no-baba-will-say-please-wash-my-feet-this-is-a-religious-belief-baby-rani-maurya-jhansi-news-c-11-jhs1002-346089-2024-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोई बाबा नहीं कहेगा मेरी चरण रज लो, यह तो धार्मिक आस्था : बेबी रानी मौर्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोई बाबा नहीं कहेगा मेरी चरण रज लो, यह तो धार्मिक आस्था : बेबी रानी मौर्य
विज्ञापन
- प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य बोलीं-जांच से पता चलेगा बाबा दोषी हैं या नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। हाथरस हादसे पर प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि सत्संग के लिए जितने लोगों की अनुमति मांगी गई थी, प्रशासन ने दी थी। लेकिन, वहां पर दोगुनी भीड़ आ गई। बाबा के निकल जाने के बाद हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि कोई बाबा नहीं कहेगा कि मेरी चरण रज लो। यह तो धार्मिक आस्था है। प्रभारी मंत्री शुक्रवार को विकास कार्यों की समीक्षा से पहले सर्किट हाउस में वार्ता कर रही थीं।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी झूठ बोलते हैं। इसमें सरकार का कोई फेल्योर नहीं है। साकार हरि बाबा को बचाने के सवाल पर कहा कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी जांच कर रही है। रिपोर्ट से पता चलेगा कि बाबा का दोष है या नहीं। एक सवाल के जवाब में कहा कि रज लेने के लिए भीड़ दौड़ी थी। बाबा तो निकल गए थे और उनके जाने के बाद हादसा हुआ। विपक्षियों को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि सीटें कम आने की वजह से वह सरकार नहीं बना पाए और अब खीज मिटा रहे हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। हाथरस हादसे पर प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि सत्संग के लिए जितने लोगों की अनुमति मांगी गई थी, प्रशासन ने दी थी। लेकिन, वहां पर दोगुनी भीड़ आ गई। बाबा के निकल जाने के बाद हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि कोई बाबा नहीं कहेगा कि मेरी चरण रज लो। यह तो धार्मिक आस्था है। प्रभारी मंत्री शुक्रवार को विकास कार्यों की समीक्षा से पहले सर्किट हाउस में वार्ता कर रही थीं।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी झूठ बोलते हैं। इसमें सरकार का कोई फेल्योर नहीं है। साकार हरि बाबा को बचाने के सवाल पर कहा कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी जांच कर रही है। रिपोर्ट से पता चलेगा कि बाबा का दोष है या नहीं। एक सवाल के जवाब में कहा कि रज लेने के लिए भीड़ दौड़ी थी। बाबा तो निकल गए थे और उनके जाने के बाद हादसा हुआ। विपक्षियों को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि सीटें कम आने की वजह से वह सरकार नहीं बना पाए और अब खीज मिटा रहे हैं।
विज्ञापन