फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Nine dangerous turns of Agra-Jhansi railway line are hindering the speed of trains.

Jhansi News: ट्रेनों की रफ्तार में बाधा बन रहे आगरा-झांसी रेलमार्ग के खतरनाक नौ मोड़

Fri, 09 Aug 2024 04:46 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Aug 2024 04:46 AM IST
विज्ञापन
Nine dangerous turns of Agra-Jhansi railway line are hindering the speed of trains.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

झांसी। रेलवे का उद्देश्य है कि मिशन गतिशक्ति के तहत मंडल में ट्रेनों की रफ्तार अधिकतम 130 किलोमीटर प्रतिघंटा से बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की जाए, लेकिन मंडल के मुख्य आगरा-झांसी रेलमार्ग के नौ मोड़ ऐसे हैं, जो इस लक्ष्य में बाधा बन रहे हैं। इनसे रफ्तार तो कम होती ही है, साथ ही पहियों को भी नुकसान पहुंच रहा है। इन पहियों की मरम्मत के लिए रेलवे ने कोच केयर सेंटर में आधुनिक मशीन भी लगाई है।
झांसी-आगरा रेलवे ट्रैक पर रोज 100 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है, लेकिन इस पूरे ट्रैक पर यूं तो 14 घुमाव हैं, लेकिन इनमें से नौ खतरनाक मोड़ ट्रेनों के पहियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इन मोड़ के चलते ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ रही है। हालात यह हैं कि गतिमान एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी इस रेलमार्ग पर रफ्तार नहीं पकड़ पा रही हैं। साथ ही यहां घुमाव होने के चलते ट्रेन के पहिये भी खराब हो रहे हैं। अब इन पहियों की मरम्मत के लिए झांसी रेल कोच केयर सेंटर में व्हील लेथ मशीन लगाई गई है। इस मशीन पर पूरा कोच एक बार में रखकर पहियों की मरम्मत की जा रही है। इसमें 30 से 50 मिनट का समय लगता है। बीते दो महीने में इस मशीन से 17 कोच के 136 पहिये ठीक किए जा चुके हैं।
विज्ञापन


------------------
- आगरा से निकलते ही कम हो जाती है ट्रेनों की गति

गतिमान एक्सप्रेस आगरा मंडल से झांसी तक 160 के स्थान पर अधिकतम 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ही चल पाती है। आगरा कैंट से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन तक 217 किलोमीटर की दूरी तय करने में गतिमान एक्सप्रेस को 2.40 घंटे का समय लगता है। यानि यह ट्रेन औसतन 90 किमी प्रतिघंटा की गति से चल पाती है। वहीं, हजरत निजामुद्दीन से आगरा कैंट तक 188 किलोमीटर की दूरी गतिमान एक्सप्रेस मात्र 1.40 घंटे में पूरी कर लेती है। इस मार्ग पर ट्रेन की औसत रफ्तार 134 किमी प्रतिघंटा होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


--------------------

- इस स्थिति में खराब होते हैं पहिये

कोच में जिस सिरे से पहिये और पटरी के बीच पकड़ बनती है, उस हिस्से की मोटाई 950 एमएम होती है। यदि यह मोटाई 855 एमएम पर आ जाए तो पहिया फिर ट्रेन में लगाने लायक नहीं रह जाता है। मंडल के खतरनाक मोड़ ट्रेन के पहिये के इसी हिस्से को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस हिस्से को फ्लेंज कहते हैं।


--
यहां हैं खतरनाक मोड़
धौलपुर, सिकरौदा, रायरू, हेतमपुर, ग्वालियर, आंतरी, सांक, संदलपुर, जाजौ।


--
वर्जन
मंडल में जहां भी रेल ट्रैक पर घुमाव हैं, वहां रेल संचालन संरक्षा को देखते हुए गति में परिवर्तन किया जाता है, लेकिन अब थिक वेब स्विच और ऑटोमेटिक सिग्नल प्रणाली से रफ्तार में बढ़ोतरी की जा रही है। इसके अलावा घुमाव के कारण पहियों में आई खराबी को सही करने के लिए कोच केयर सेंटर में आधुनिक मशीन भी लगाई गई है।
- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed