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नई महायोजना में तैयार हो रही न्यू झांसी
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झांसी। नई महायोजना-2031 के जरिए न्यू झंासी का नक्शा बनाने की कवायद तेज हो गई है। पहली बार महायोजना में जेडीए सीमा में शामिल सभी 101 गांवों को भी शामिल किया गया है।
नई महायोजना में आवासीय रकबा में करीब 20 प्रतिशत भूमि का इजाफा हुआ है।
शहरी सीमा के साथ कुल 39 गांवों को मिलाकर झांसी विकास प्राधिकरण का गठन हुआ था। उस समय जेडीए की परिधि महज 320 वर्ग किमी थी। इसके बाद 26 नवंबर 2013 को इसकी सीमा में 61 गांव और जोड़ दिए गए। इसके बाद इसकी परिधि बढ़कर 690 वर्गकिमी हो गई। जेडीए सीमा की परिधि कचहरी चौराहा से करीब बीस किलोमीटर दूर तक फैल गई। अब जेडीए की सीमा शिवपुरी रोड पर ग्राम डेली से बढ़कर रक्सा, ग्वालियर रोड में करारी से बढ़कर अंबाबाय, कानपुर रोड में गोरामछिया से बढ़कर पारीछा, मऊरानीपुर रोड में भगवंतपुरा से बढ़कर बरुआसागर तक पहुंच गई है।
सीमा विस्तार के बाद अब पहली बार इन सभी इलाकों के लिए मास्टरप्लान-2031 तैयार कराया जा रहा है। आने वाले समय में आबादी में बढ़ोत्तरी समेत आवासीय जरूरत, व्यवसायिक जरूरत एवं अन्य आवश्यकताओं को देखते हुए महायोजना में भू-उपयोग तय किए जाएंगे। इसके मुताबिक ही इन इलाकों में गतिविधियों की इजाजत जेडीए देगा। हरित पट्टिका में किसी को घर बनाने की इजाजत नहीं होगी। मास्टर प्लान तैयार करने में जुटे अधिकारियों के मुताबिक पिछली बार के मुकाबले इस बार आवासीय रकबे में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। महायोजना-2021 में आवासीय के लिए 4637 हे.भूमि प्रस्तावित थी हालांकि इस भूमि का पूरा इस्तेमाल अभी भी नहीं हो सका है। सहयुुक्त नियोजक एनके पुष्कर्णा के मुताबिक ड्राफ्ट तैयार करने के बाद इसे मंजूरी के लिए जेडीए बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। उसकी मंजूरी के बाद अन्य प्रक्रियाएं पूरी होंगी।
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अब इन गांवों तक फैल चुका जेडीए
बरुआसागर क्षेत्र के लक्ष्मनपुरा, वनगुवां, नोटक्षीर, कोलवा, बरेठी, फुटेरा,बरुआसागर, हरपुरा, ताल रमन्ना, घुघुवा, चिपलौट, दानीपुरा जबकि बड़ागांव क्षेत्र के दौन, दुनारा, सुजाटा, भूपनगर, बचावली खुर्द, बचावली बुजुर्ग, बड़ागांव, तौरबराटा, बराटा, पारीछा, रिछौरा, मथनपुरा, रमपुरा, मड़ोरा, गढ़मऊ, पठेश्वर, आरी, बेहटा, भरारी, लकारा, रूंदकरारी, रौनीजा, अंबाबाय, चंद्रा, कलोथरा, सारमऊ, सिमरा, गेवरा, रक्साक्षेत्र के पुनावली कलां, डोमागोर, ढिकौली, कोटखेरा, रक्सा, डगरवाहा, पठारी, डोंगरी, गुढ़ा, रमपुरा, मठ, बाजना, बमेर, राजापुर, गागौनी, मुरारी, चमरुआ, किल्चवारा खुर्द, किल्चवारा बुजुर्ग, बैदोरा, खजराहा खुर्द एवं खजराहा बुजुर्ग गांव शामिल हैं।
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नई महायोजना में आवासीय रकबा में करीब 20 प्रतिशत भूमि का इजाफा हुआ है।
शहरी सीमा के साथ कुल 39 गांवों को मिलाकर झांसी विकास प्राधिकरण का गठन हुआ था। उस समय जेडीए की परिधि महज 320 वर्ग किमी थी। इसके बाद 26 नवंबर 2013 को इसकी सीमा में 61 गांव और जोड़ दिए गए। इसके बाद इसकी परिधि बढ़कर 690 वर्गकिमी हो गई। जेडीए सीमा की परिधि कचहरी चौराहा से करीब बीस किलोमीटर दूर तक फैल गई। अब जेडीए की सीमा शिवपुरी रोड पर ग्राम डेली से बढ़कर रक्सा, ग्वालियर रोड में करारी से बढ़कर अंबाबाय, कानपुर रोड में गोरामछिया से बढ़कर पारीछा, मऊरानीपुर रोड में भगवंतपुरा से बढ़कर बरुआसागर तक पहुंच गई है।
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सीमा विस्तार के बाद अब पहली बार इन सभी इलाकों के लिए मास्टरप्लान-2031 तैयार कराया जा रहा है। आने वाले समय में आबादी में बढ़ोत्तरी समेत आवासीय जरूरत, व्यवसायिक जरूरत एवं अन्य आवश्यकताओं को देखते हुए महायोजना में भू-उपयोग तय किए जाएंगे। इसके मुताबिक ही इन इलाकों में गतिविधियों की इजाजत जेडीए देगा। हरित पट्टिका में किसी को घर बनाने की इजाजत नहीं होगी। मास्टर प्लान तैयार करने में जुटे अधिकारियों के मुताबिक पिछली बार के मुकाबले इस बार आवासीय रकबे में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। महायोजना-2021 में आवासीय के लिए 4637 हे.भूमि प्रस्तावित थी हालांकि इस भूमि का पूरा इस्तेमाल अभी भी नहीं हो सका है। सहयुुक्त नियोजक एनके पुष्कर्णा के मुताबिक ड्राफ्ट तैयार करने के बाद इसे मंजूरी के लिए जेडीए बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। उसकी मंजूरी के बाद अन्य प्रक्रियाएं पूरी होंगी।
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अब इन गांवों तक फैल चुका जेडीए
बरुआसागर क्षेत्र के लक्ष्मनपुरा, वनगुवां, नोटक्षीर, कोलवा, बरेठी, फुटेरा,बरुआसागर, हरपुरा, ताल रमन्ना, घुघुवा, चिपलौट, दानीपुरा जबकि बड़ागांव क्षेत्र के दौन, दुनारा, सुजाटा, भूपनगर, बचावली खुर्द, बचावली बुजुर्ग, बड़ागांव, तौरबराटा, बराटा, पारीछा, रिछौरा, मथनपुरा, रमपुरा, मड़ोरा, गढ़मऊ, पठेश्वर, आरी, बेहटा, भरारी, लकारा, रूंदकरारी, रौनीजा, अंबाबाय, चंद्रा, कलोथरा, सारमऊ, सिमरा, गेवरा, रक्साक्षेत्र के पुनावली कलां, डोमागोर, ढिकौली, कोटखेरा, रक्सा, डगरवाहा, पठारी, डोंगरी, गुढ़ा, रमपुरा, मठ, बाजना, बमेर, राजापुर, गागौनी, मुरारी, चमरुआ, किल्चवारा खुर्द, किल्चवारा बुजुर्ग, बैदोरा, खजराहा खुर्द एवं खजराहा बुजुर्ग गांव शामिल हैं।