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जीएसटी की नई दरें लागू: आज से घटेंगे कई वस्तुओं के दाम, सुधरेगा घर का बजट...सालाना 25.5 करोड़ की होगी बचत
Mon, 22 Sep 2025 12:38 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Mon, 22 Sep 2025 12:38 PM IST
सार
झांसी इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीलेश मोदी ने बताया कि लगभग 255 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बिकते हैं। 10 फीसदी जीएसटी घटने के बाद सीधे 25.5 करोड़ की बचत होगी।
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जीएसटी
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विस्तार
जीएसटी की नई दरें आज से लागू होने के बाद कई वस्तुओं के दाम भी घट जाएंगे। इससे घर का बजट सुधरेगा। जानकारों का कहना है कि खाद्य पदार्थ, साफ-सफाई की घरेलू वस्तुओं की खरीद में मासिक पांच प्रतिशत तो इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की खरीद पर ही सालाना 25.5 करोड़ की बचत होगी।
झांसी जिले में हर साल 30 करोड़ रुपये के 10 हजार एसी, 25 करोड़ के 10 हजार 32 इंच से बड़ी एलईडी टीवी बिकते हैं। झांसी इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीलेश मोदी ने बताया कि 100-100 करोड़ रुपये के सोलर उत्पाद और बैटरी की बिक्री होती है, ऐसे में लगभग 255 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बिकते हैं। 10 फीसदी जीएसटी घटने के बाद सीधे 25.5 करोड़ की बचत होगी।
उन्होंने बताया कि जीएसटी स्लैब में हुए बदलाव के बाद 30 से 35 हजार की कीमत वाले एसी की खरीद में ढाई से तीन हजार रुपये बचेंगे। इसी तरह, 32 इंच से बड़ी टीवी/एलईडी क्रय करने में पहले जहां 20000 रुपये खर्च होते थे, वो अब 18000 रुपये में ही मिल जाएगी। 13 से 15 हजार रुपये की इन्वर्टर आदि की बैटरी एक से डेढ़ हजार रुपये सस्ती मिलेगी। एक लाख कीमत वाले सोलर प्रोडक्ट अब लगभग सात हजार रुपये सस्ते मिलेंगे।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र एवं वित्त विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राधिका चौधरी ने जीएसटी की दरों में संशोधन को लेकर चार सदस्यों के मध्यमवर्गीय परिवार की अनुमानित बचत का आकलन किया है। नियमित खपत वाली वस्तुओं पर केंद्रित बजट तैयार किया है। उन्होंने बताया कि फल व सब्जी को छोड़ दें तो खाद्य सामग्री, स्टेशनरी, बच्चों के कपड़े-जूते, सफाई/स्वच्छता आदि पर लगभग 10,800 रुपये व्यय होता है, जो नई दरें लागू होने के बाद घटकर 10,200 हो जाएगा। ऐसे में करीब पांच फीसदी की बचत होगी।
हर फुटकर दवा व्यापारी की दुकान पर चस्पा होगा स्टीकर
बीपी और शुगर की दवाओं पर 12 फीसदी की जगह पांच प्रतिशत जीएसटी देय होगी। इससे दवा की कीमत 6.25 फीसदी कम हो जाएगी। प्रोटीन पाउडर पर पहले 18 फीसदी टैक्स लगता था, जो अब पांच प्रतिशत हो गया है। इसी तरह कॉस्मेटिक प्रोडक्ट पर 10 फीसदी, सभी तरह की एंटीबायोटिक, पेन किलर, कफ सिरप, बी-कॉम्प्लेक्स सिरप, आयरन सिरप कैप्सूल सभी पर पांच फीसदी जीएसटी लगेगी। ये एमआरपी से 6.25 फीसदी सस्ती मिलेंगी।
जिला केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव नितिन मोदी ने बताया कि केंद्र सरकार ने दवाओं पर लगने वाली जीएसटी में काफी कटौती की है। एसोसिएशन ने हर फुटकर व्यापारी को जानकारी दी है कि जो पुराना स्टॉक रखा है, उसको किस तरह एमआरपी कम करके आमजन को बेचनी है। सोमवार से हर फुटकर दवा व्यापारी की दुकान पर इस तरह का स्टीकर अंकित किया जाएगा।
ये बोले व्यापारी
व्यापारी धीरेश कुमार ने बताया कि मेरा सूटकेस का व्यापार है। जीएसटी स्लैब में हुए बदलाव के बाद अभी कंपनी की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। पुराना माल रखा है। असमंजस है कि इसे किस दाम पर बेचना पड़ेगा।
कपड़ा व्यापारी अरविंद साहू ने बताया अभी तक 1200 रुपये से अधिक कीमत वाले कपड़ों पर 12 फीसदी जीएसटी देय थी, जो अब घटकर पांच प्रतिशत रह गई है। इससे कपड़ा कारोबार में चमक आने की उम्मीद है, जो अभी मंद पड़ा है।
उपभोक्ता आशीष यादव का कहना है कि सबसे ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद और कार व दोपहिया वाहन की खरीद में राहत मिलेगी। इसके अलावा भी घरेलू उत्पाद सस्ते होंगे। इससे आमजन के घर के बजट में सुधार होगा। जीएसटी घटाना अच्छी पहल है।
राज मौर्य ने बताया कि कार और बाइकों की कीमतों में काफी कटौती होने जा रही है। अब पांच से सात लाख रुपये तक की कारों की बिक्री में भी इजाफा होगा। जीएसटी की दरें कम होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।
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झांसी जिले में हर साल 30 करोड़ रुपये के 10 हजार एसी, 25 करोड़ के 10 हजार 32 इंच से बड़ी एलईडी टीवी बिकते हैं। झांसी इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापार मंडल के अध्यक्ष नीलेश मोदी ने बताया कि 100-100 करोड़ रुपये के सोलर उत्पाद और बैटरी की बिक्री होती है, ऐसे में लगभग 255 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बिकते हैं। 10 फीसदी जीएसटी घटने के बाद सीधे 25.5 करोड़ की बचत होगी।
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उन्होंने बताया कि जीएसटी स्लैब में हुए बदलाव के बाद 30 से 35 हजार की कीमत वाले एसी की खरीद में ढाई से तीन हजार रुपये बचेंगे। इसी तरह, 32 इंच से बड़ी टीवी/एलईडी क्रय करने में पहले जहां 20000 रुपये खर्च होते थे, वो अब 18000 रुपये में ही मिल जाएगी। 13 से 15 हजार रुपये की इन्वर्टर आदि की बैटरी एक से डेढ़ हजार रुपये सस्ती मिलेगी। एक लाख कीमत वाले सोलर प्रोडक्ट अब लगभग सात हजार रुपये सस्ते मिलेंगे।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र एवं वित्त विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राधिका चौधरी ने जीएसटी की दरों में संशोधन को लेकर चार सदस्यों के मध्यमवर्गीय परिवार की अनुमानित बचत का आकलन किया है। नियमित खपत वाली वस्तुओं पर केंद्रित बजट तैयार किया है। उन्होंने बताया कि फल व सब्जी को छोड़ दें तो खाद्य सामग्री, स्टेशनरी, बच्चों के कपड़े-जूते, सफाई/स्वच्छता आदि पर लगभग 10,800 रुपये व्यय होता है, जो नई दरें लागू होने के बाद घटकर 10,200 हो जाएगा। ऐसे में करीब पांच फीसदी की बचत होगी।
हर फुटकर दवा व्यापारी की दुकान पर चस्पा होगा स्टीकर
बीपी और शुगर की दवाओं पर 12 फीसदी की जगह पांच प्रतिशत जीएसटी देय होगी। इससे दवा की कीमत 6.25 फीसदी कम हो जाएगी। प्रोटीन पाउडर पर पहले 18 फीसदी टैक्स लगता था, जो अब पांच प्रतिशत हो गया है। इसी तरह कॉस्मेटिक प्रोडक्ट पर 10 फीसदी, सभी तरह की एंटीबायोटिक, पेन किलर, कफ सिरप, बी-कॉम्प्लेक्स सिरप, आयरन सिरप कैप्सूल सभी पर पांच फीसदी जीएसटी लगेगी। ये एमआरपी से 6.25 फीसदी सस्ती मिलेंगी।
जिला केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव नितिन मोदी ने बताया कि केंद्र सरकार ने दवाओं पर लगने वाली जीएसटी में काफी कटौती की है। एसोसिएशन ने हर फुटकर व्यापारी को जानकारी दी है कि जो पुराना स्टॉक रखा है, उसको किस तरह एमआरपी कम करके आमजन को बेचनी है। सोमवार से हर फुटकर दवा व्यापारी की दुकान पर इस तरह का स्टीकर अंकित किया जाएगा।
ये बोले व्यापारी
व्यापारी धीरेश कुमार ने बताया कि मेरा सूटकेस का व्यापार है। जीएसटी स्लैब में हुए बदलाव के बाद अभी कंपनी की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। पुराना माल रखा है। असमंजस है कि इसे किस दाम पर बेचना पड़ेगा।
कपड़ा व्यापारी अरविंद साहू ने बताया अभी तक 1200 रुपये से अधिक कीमत वाले कपड़ों पर 12 फीसदी जीएसटी देय थी, जो अब घटकर पांच प्रतिशत रह गई है। इससे कपड़ा कारोबार में चमक आने की उम्मीद है, जो अभी मंद पड़ा है।
उपभोक्ता आशीष यादव का कहना है कि सबसे ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद और कार व दोपहिया वाहन की खरीद में राहत मिलेगी। इसके अलावा भी घरेलू उत्पाद सस्ते होंगे। इससे आमजन के घर के बजट में सुधार होगा। जीएसटी घटाना अच्छी पहल है।
राज मौर्य ने बताया कि कार और बाइकों की कीमतों में काफी कटौती होने जा रही है। अब पांच से सात लाख रुपये तक की कारों की बिक्री में भी इजाफा होगा। जीएसटी की दरें कम होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।