{"_id":"5fcd41538ebc3ecfc21d1f01","slug":"nehar-me-likejh-se-kheto-me-bhar-rha-pani-jhansi-news-jhs182841568","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहर में लीकेज से खेतों में भर रहा है पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहर में लीकेज से खेतों में भर रहा है पानी
विज्ञापन
नहर में लीकेज होने की वजह से गढ़मऊ में एक खेत में भरा पानी।
- फोटो : REPORTERS
नहर में लीकेज से खेतों में भर रहा पानी
झांसी। नहर में लगातार पानी रिसने की वजह से गढ़मऊ के किसान परेशान हैं। नहर से सटे खेतों में जलभराव होने की वजह से किसान सिर्फ धान की फसल ही उठा पा रहे हैं। स्थिति ये है कि रबी की बुवाई तक नहीं कर पाते हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
गढ़मऊ ताल से निकली नहर आसपास के तमाम गांवों में खेतों की सिंचाई का प्रमुख साधन है। लेकिन, नहर से सटे गढ़मऊ के कई किसानों के लिए ये परेशानी का सबब बनी हुई है। चूंकि, ताल से नजदीक होने की वजह से गढ़मऊ में नहर का वेग सर्वाधिक होता है। ऐसे में इसमें लीकेज होने की वजह से नहर से सटे गढ़मऊ गांव के खेतों में पानी भर जाता है। किसानों के लिए ये स्थिति परेशानी का सबब बनी हुई है। पानी भरने की वजह से किसान जमीन की बखराई नहीं कर पाते हैं। केवल धान की फसल ही उठा पाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए कई बार सिंचाई विभाग का दरवाजा खटखटा चुके हैं। बावजूद, समस्या जस की तस बनी हुई है।
किसान नेता अविनाश भार्गव ने बताया कि सिंचाई बंधु की बैठक में भी ये मुद्दा उठाया जा चुका है। बावजूद, समाधान नहीं हुआ है। वहीं, प्रभावित किसान हृदेश भार्गव ने बताया कि आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा चुकी है। लेकिन, ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नहर से सटे खेतों में धान को छोड़ अन्य कोई खेती नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। नहर में लगातार पानी रिसने की वजह से गढ़मऊ के किसान परेशान हैं। नहर से सटे खेतों में जलभराव होने की वजह से किसान सिर्फ धान की फसल ही उठा पा रहे हैं। स्थिति ये है कि रबी की बुवाई तक नहीं कर पाते हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
गढ़मऊ ताल से निकली नहर आसपास के तमाम गांवों में खेतों की सिंचाई का प्रमुख साधन है। लेकिन, नहर से सटे गढ़मऊ के कई किसानों के लिए ये परेशानी का सबब बनी हुई है। चूंकि, ताल से नजदीक होने की वजह से गढ़मऊ में नहर का वेग सर्वाधिक होता है। ऐसे में इसमें लीकेज होने की वजह से नहर से सटे गढ़मऊ गांव के खेतों में पानी भर जाता है। किसानों के लिए ये स्थिति परेशानी का सबब बनी हुई है। पानी भरने की वजह से किसान जमीन की बखराई नहीं कर पाते हैं। केवल धान की फसल ही उठा पाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए कई बार सिंचाई विभाग का दरवाजा खटखटा चुके हैं। बावजूद, समस्या जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
किसान नेता अविनाश भार्गव ने बताया कि सिंचाई बंधु की बैठक में भी ये मुद्दा उठाया जा चुका है। बावजूद, समाधान नहीं हुआ है। वहीं, प्रभावित किसान हृदेश भार्गव ने बताया कि आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा चुकी है। लेकिन, ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नहर से सटे खेतों में धान को छोड़ अन्य कोई खेती नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन