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नई कोच फैक्टरी के बजट पर रेल मंत्रालय में मंथन शुरू, काम जारी रखने के लिए जल्द मिलेगा पैसा

Sat, 06 Feb 2021 02:02 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2021 02:02 AM IST
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nayi coach factory ke bugdet par rail ministry me manthan shuru
झांसी। प्रेमनगर हाट का मैदान में बन रही नई कोच फैक्टरी का कार्य बजट की कमी से न रुक सके, इसके लिए रेल मंत्रालय में अफसरों के बीच मंथन शुरू हो गया है। जल्द ही रेल विकास निगम लिमिटेड को निर्माण कार्य के लिए बजट मिलने की उम्मीद है।
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भारतीय रेल विकास निगम लिमिटेड की निगरानी में प्रेमनगर के नगरा हाट के मैदान के पास 74 एकड़ में बनने वाली नई कोच फैक्टरी का काम तेजी के साथ चल रहा है। प्रेमनगर के लोगों के लिए नीम माता मंदिर के पास से कंक्रीट सड़क का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। हाट के मैदान की तरफ भी खुदाई के बाद सड़क डालने का काम शुरू हो गया है। तोड़े गए रेलवे आवासों के पास पेड़ काटने का काम प्रतिदिन किया जा रहा है। फैक्टरी के निर्माण का ठेका तमिलनाडु की यूआरसी कंपनी को दिया गया है। कंपनी ने मैदान में ही अपना ऑफिस बनाया है।
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कंपनी के 20 इंजीनियर काम की निगरानी कर रहे हैं। कई मशीनें आ चुकीं हैं और निर्माण सामग्री भी जगह- जगह डल गई है। कंपनी अभी तक 35 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर चुकी है। पिछले दिनों यह बात सामने आई थी कि रेलवे बोर्ड फैक्टरी के कार्य को तीन साल के लिए स्थगित करने जा रहा है। इससे कंपनी अधिकारी पशोपेश में थे, लेकिन आरवीएनएल के अधिकारियों ने उनको भरोसा दिलाया था कि काम पर ब्रेक नहीं लगेगा। आरवीएनएल के एक अधिकारी ने बताया कि रेल मंत्रालय से इस मामले को लगातार पत्राचार चल रहा था। मंत्रालय के अधिकारियों ने स्थगन आदेश पर मंथन शुरू कर दिया है। जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है। निर्माण कार्य चलता रहेगा।
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एलएचबी कोचों का होगा निर्माण
नई कोच फैक्टरी में लिंके हॉफमेन बुश (एलएचबी) डिब्बों का निर्माण होगा। यह एक ऐसी आधुनिक प्रौद्योगिकी है, जो ट्रेन के पटरी से उतरने के दौरान डिब्बों को पलटने से रोकती है। रेल मंत्रालय ने पारंपरिक आईसीएफ डिब्बों का निर्माण 2019 से पूरी तरह बंद कर दिया। सिर्फ एलएचबी डिब्बों का उपयोग होगा। इन कोचों की गति 160 से 200 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। इनमें एंटी टेलीस्कोपिक सिस्टम होता है, जिसके कारण यह डिब्बे आसानी से पटरी से नहीं उतर पाते। यह डिब्बे स्टेलनेस स्टील और एल्यूमीनियम के बने होते हैं, जबकि आईसीएफ डिब्बे माइल्ड स्टील के बने होते हैं। यह डिब्बे अलग तरह की कपलिंग से जोड़े जाते हैं। इन दिनों कोच कारखानों में एलएचबी डिब्बों को बनाने का काम तेजी से चल रहा है।
यह भी जानिए
- केंद्र सरकार ने रेल कोच नवीनीकरण कारखाना के निर्माण की 2018 में मंजूरी दी थी।
- 339 करोड़ की योजना हैं, जिसमें 37 करोड़ जीएसटी शामिल हैं।
- फैक्टरी का निर्माण 74 एकड़ जमीन पर होना है।
- तमिलनाडु की यूआरसी कंपनी को काम का ठेका सितंबर में दिया गया।
- कोरोना की वजह से जून 2020 में टेंडर खुला। पहले मार्च में खुलना था।
- फैक्टरी में 1400 पद कर्मचारियों के सृजित होंगे।
- फैक्टरी का निर्माण 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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