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Jhansi News: विद्यालय प्रबंधन से नाराज नवोदय छात्रों ने खुद को किया हॉस्टल में बंद
Thu, 17 Sep 2026 02:34 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Thu, 17 Sep 2026 02:34 AM IST
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बरुआसागर के जवाहर नवोदय विद्यालय में मौजूद प्रशासनिक अधिकारी
झांसी/बरुआसागर। जवाहर नवोदय विद्यालय के अरावली शिवालय हॉस्टल में कक्षा नौ से 12वीं तक के करीब 100 छात्रों ने बुधवार रात खुद को कमरों में बंद कर लिया। विद्यालय प्रबंधन से नाराज छात्रों ने असेंबली में जाने और खाना खाने से भी इन्कार कर दिया। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। देर रात तक अधिकारी उन्हें समझाने में जुटे रहे।
विद्यालय प्रबंधन ने छात्रों को मनाने की कोशिश की, लेकिन वे बाहर नहीं आए। इसके बाद रात करीब 10 बजे बरुआसागर पुलिस को सूचना दी गई। थानाध्यक्ष प्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की, मगर छात्र बाहर निकलने को तैयार नहीं हुए।
छात्रों के हॉस्टल में बंद होने की सूचना पर एसडीएम सदर देवेंद्र प्रताप सिंह, सीओ रक्षपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। आधी रात करीब 12 बजे एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ला भी पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाने का प्रयास किया। छात्रों ने हॉस्टल की लाइट भी बंद कर ली थी।
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प्रधानाचार्य को हटाने की मांग
हॉस्टल में बंद छात्रों ने प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुशवाह पर उत्पीड़न और मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अभिभावकों के विद्यालय आने पर उनके साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। दबाव बनाकर टीसी लेने के लिए मजबूर किया जाता है और बोर्ड कक्षाओं के छात्रों को अकारण निलंबित कर घर भेज दिया जाता है। छात्रों ने कक्षा 10 के एक छात्र का उदाहरण देते हुए बताया कि वह करीब एक माह बीमार रहने के बाद स्वस्थ होकर विद्यालय लौटा, लेकिन उसे दोबारा विद्यालय में नहीं लिया गया। छात्रों ने प्रधानाचार्य और पीटी शिक्षक को तत्काल हटाने की मांग की है।
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विद्यालय प्रबंधन ने छात्रों को मनाने की कोशिश की, लेकिन वे बाहर नहीं आए। इसके बाद रात करीब 10 बजे बरुआसागर पुलिस को सूचना दी गई। थानाध्यक्ष प्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की, मगर छात्र बाहर निकलने को तैयार नहीं हुए।
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छात्रों के हॉस्टल में बंद होने की सूचना पर एसडीएम सदर देवेंद्र प्रताप सिंह, सीओ रक्षपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। आधी रात करीब 12 बजे एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ला भी पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाने का प्रयास किया। छात्रों ने हॉस्टल की लाइट भी बंद कर ली थी।
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प्रधानाचार्य को हटाने की मांग
हॉस्टल में बंद छात्रों ने प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुशवाह पर उत्पीड़न और मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अभिभावकों के विद्यालय आने पर उनके साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। दबाव बनाकर टीसी लेने के लिए मजबूर किया जाता है और बोर्ड कक्षाओं के छात्रों को अकारण निलंबित कर घर भेज दिया जाता है। छात्रों ने कक्षा 10 के एक छात्र का उदाहरण देते हुए बताया कि वह करीब एक माह बीमार रहने के बाद स्वस्थ होकर विद्यालय लौटा, लेकिन उसे दोबारा विद्यालय में नहीं लिया गया। छात्रों ने प्रधानाचार्य और पीटी शिक्षक को तत्काल हटाने की मांग की है।