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नगर निगम ने 35 लाख से सड़क बनाई, स्मार्ट सिटी के लिए काट दी
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झांसी। नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों में समन्वय का अभाव नजर आ रहा है। नगर निगम जहां सड़कें बना रहा है, उसे स्मार्ट सिटी के लिए काट दिया जा रहा है। इलाइट चौराहे से इलाहाबाद बैंक चौराहा मार्ग पर सप्ताहभर पहले 35 लाख रुपये से बनाई गई सड़क को स्मार्ट सिटी के लिए काट दिया गया। इसे लेकर पार्षदों ने रोष जताया। पार्षदों ने इसे विधायक के निर्देशों की अवहेलना करार दिया है।
दरअसल, महानगर में मौजूदा समय में पेयजल पाइपलाइन, स्मार्ट सिटी के लिए निजी कंपनियां केबल डालने का काम कर रही हैं। बीते दिनों सदन की बैठक में तय किया गया था कि नगर निगम अधिकारी किसी भी सड़क पर निर्माण कराने से पहले जल निगम और स्मार्ट सिटी से अंडरग्राउंड केबल और पाइपलाइन डालने का नक्शा लेंगे। ताकि एक साथ सड़क बनाई जा सके।
इसे लेकर सदर विधायक ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए थे। लेकिन महानगर में सड़कों को बनाने के बाद काटा जा रहा है। नगर निगम ने सप्ताहभर 35 लाख रुपये की लागत से इलाइट चौराहे से इलाहाबाद बैंक चौराहा जाने वाले मार्ग का डामरीकरण कराया था। जिसे स्मार्ट सिटी के तहत कैमरे लगाने के लिए काट दिया गया। जबकि नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारी एक ही कार्यालय में बैठते हैं और नगर निगम के अधिकारियों पर ही स्मार्ट सिटी का जिम्मा है। ऐेसे में दोनों विभागों के बीच समन्वय का अभाव नजर आ रहा है। मामले को लेकर पार्षदों ने रोष जताया। पार्षदों ने इसे सदर विधायक के निर्देशों की अवहेलना करार दिया है।
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जियो कंपनी ने नहीं भरा जुर्माना
पिछले दिनों जियो कंपनी पर नगरा क्षेत्र में बिना अनुमति रोड कटिंग करने पर नगर निगम ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। लेकिन आज तक कंपनी ने जुर्माना अदा नहीं किया है। मामले में नगर निगम अधिकारी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने से बच रहे हैं।
कहते हैं पार्षद
एक ओर नगर निगम के पास बजट का अभाव है। दूसरी ओर नई सड़कों की कटिंग की जा रही है। दोनों कामों को देखने वाले अधिकारी एक ही हैं। ऐसे में बजट का अपव्यय हो रहा है।
विकास खत्री, पार्षद
सदन में सदर विधायक ने अधिकारियों को ऐसे कामों के लिए पहले विभागों से नक्शा मांगने को कहा था। लेकिन उनके निर्देश भी अधिकारियों को समझ नहीं आ रहे हैं।
विमलकिशोर, पार्षद
इनका कहना है
जो भी कंपनी रोड कटिंग करेगी वही सड़क को रिपेयर करेगी। जहां सड़क का निर्माण कार्य प्रस्तावित है, उसे लेकर अन्य विभागों से चर्चा की जाएगी। ताकि बाद में रोड कटिंग की स्थिति न बने। इसे लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। भविष्य में ऐसा नहीं होगा।
अवनीश राय, नगर आयुक्त
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दरअसल, महानगर में मौजूदा समय में पेयजल पाइपलाइन, स्मार्ट सिटी के लिए निजी कंपनियां केबल डालने का काम कर रही हैं। बीते दिनों सदन की बैठक में तय किया गया था कि नगर निगम अधिकारी किसी भी सड़क पर निर्माण कराने से पहले जल निगम और स्मार्ट सिटी से अंडरग्राउंड केबल और पाइपलाइन डालने का नक्शा लेंगे। ताकि एक साथ सड़क बनाई जा सके।
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इसे लेकर सदर विधायक ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए थे। लेकिन महानगर में सड़कों को बनाने के बाद काटा जा रहा है। नगर निगम ने सप्ताहभर 35 लाख रुपये की लागत से इलाइट चौराहे से इलाहाबाद बैंक चौराहा जाने वाले मार्ग का डामरीकरण कराया था। जिसे स्मार्ट सिटी के तहत कैमरे लगाने के लिए काट दिया गया। जबकि नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारी एक ही कार्यालय में बैठते हैं और नगर निगम के अधिकारियों पर ही स्मार्ट सिटी का जिम्मा है। ऐेसे में दोनों विभागों के बीच समन्वय का अभाव नजर आ रहा है। मामले को लेकर पार्षदों ने रोष जताया। पार्षदों ने इसे सदर विधायक के निर्देशों की अवहेलना करार दिया है।
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जियो कंपनी ने नहीं भरा जुर्माना
पिछले दिनों जियो कंपनी पर नगरा क्षेत्र में बिना अनुमति रोड कटिंग करने पर नगर निगम ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। लेकिन आज तक कंपनी ने जुर्माना अदा नहीं किया है। मामले में नगर निगम अधिकारी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने से बच रहे हैं।
कहते हैं पार्षद
एक ओर नगर निगम के पास बजट का अभाव है। दूसरी ओर नई सड़कों की कटिंग की जा रही है। दोनों कामों को देखने वाले अधिकारी एक ही हैं। ऐसे में बजट का अपव्यय हो रहा है।
विकास खत्री, पार्षद
सदन में सदर विधायक ने अधिकारियों को ऐसे कामों के लिए पहले विभागों से नक्शा मांगने को कहा था। लेकिन उनके निर्देश भी अधिकारियों को समझ नहीं आ रहे हैं।
विमलकिशोर, पार्षद
इनका कहना है
जो भी कंपनी रोड कटिंग करेगी वही सड़क को रिपेयर करेगी। जहां सड़क का निर्माण कार्य प्रस्तावित है, उसे लेकर अन्य विभागों से चर्चा की जाएगी। ताकि बाद में रोड कटिंग की स्थिति न बने। इसे लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। भविष्य में ऐसा नहीं होगा।
अवनीश राय, नगर आयुक्त