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शहर बदहाल, सड़कें खस्ताहाल खूब उठे सवाल जमकर हुआ हंगामा

Thu, 24 Dec 2020 01:26 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2020 01:26 AM IST
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Nagar nigam meeting hungama
नगर निगम में सदन की बैठक में जमकर हुआ हंगामा। अमर उजाला
झांसी। नगर निगम में बुधवार को हुई सदन की बैठक पार्षदों के सवालों में उलझी रही। तीन करोड़ रुपये की सड़क का निर्माण कराने, सड़कों की बदहाली, अतिक्रमण और स्मार्ट सिटी को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान नए प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो सकी। बाद में समय अधिक होने पर बैठक को फिर से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
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नगर निगम सदन की बैठक बीती 19 सितंबर को आयोजित की गई थी। जिसमें पुराने प्रस्तावों पर चर्चा होने के बाद समय अधिक होने पर स्थगित कर दिया गया था। बुधवार को फिर से सदन की बैठक का आयोजन महापौर रामतीर्थ सिंघल की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान पार्षद महेश गौतम ने बिजौली क्षेत्र में तीन करोड़ रुपये से सड़क निर्माण कराने का मुद्दा उठाया। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि नगर निगम एक ओर बजट का रोना रो रहा है, लेकिन बिजौली क्षेत्र में तीन करोड़ रुपये की लागत से लोक निर्माण विभाग की सड़क नगर निगम ने बना दी। इस पर जमकर हंगामा हुआ। पार्षद विमल किशोर ने कहा कि महानगर पूरा खुदा पड़ा है। पार्षदों के काम नहीं हो रहे हैं और नगर निगम अधिकारी सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसे लेकर पार्षदों ने महापौर और अधिकारियों से जवाब मांगा।
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पार्षदों ने पूछा कि किसके प्रस्ताव पर तीन करोड़ रुपये सड़क का निर्माण कराया गया। पार्षद महेश गौतम ने कहा कि एक निजी कॉलोनी में 70 लाख रुपये से सड़क का निर्माण कराया गया। काफी देर तक हंगामा होने के बाद अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो अधिकारी जवाब न दे सके। बाद में महापौर ने जवाब दिया कि लोक निर्माण विभाग की सड़कें पहले भी निगम ने बनाई है। साथ ही तीन करोड़ रुपये की सड़क 14वें वित्त आयोग से बनाई गई है। इस पर पार्षदों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। पार्षद कन्हैया कपूर ने कहा कि प्रस्तावक का नाम नहीं बताया गया। अधिकारी सड़कों के निर्माण से पहले निरीक्षण करने जाते ही नहीं हैं। इस दौरान मनोनीत पार्षद उमाशंकर राय और अमन राय ने प्रस्ताव देने के बाद भी निर्माण कार्य न होने पर रोष जताया।
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अतिक्रमण को लेकर एक राय नहीं दिखे पार्षद
बैठक के दौरान पार्षद निर्दोष अग्रवाल ने बड़ा बाजार में अतिक्रमण को लेकर सवाल किया। जिस पर पार्षद सुलेमान मंसूरी ने कहा कि पटरी दुकानदारों को दूसरी जगह दी जाए। इसके साथ ही कई पार्षद अतिक्रमण हटाने के पक्ष में थे, तो कई इसके पक्ष में नहीं थे। बाद में मनोनीत पार्षद मनु सिंह ने सुझाव दिया कि अतिक्रमण दस्ते के साथ निगम के अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही, अतिक्रमित क्षेत्र का सर्वे कराया जाए। इसके बाद नया स्थान चयनित कर कार्रवाई की जाए।
मार्गप्रकाश विभाग के कर्मियों की जांच को लेकर हंगामा
महिला पार्षद सुशीला दुबे ने सहायक अभियंता अगम कटियार को बुलाकर पूछा कि पिछली बैठक में उन्होंने मार्ग प्रकाश विभाग के कर्मचारी को लेकर टिप्पणी की थी। सहायक अभियंता ने कहा कि उन्होंने पार्षद के सवाल का जवाब दिया था। इस पर पार्षदों ने सहायक अभियंता को घेरना चाहा। बाद में पार्षद दिनेश दीपू और विकास खत्री ने मामले को सुलझाया।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
- उपसभापति राजेश त्रिपाठी ने अपने वार्ड में काम न होने पर आक्रोश जाहिर किया।
- रिंकू वर्मा ने सवा करोड़ के नाले की जांच की मांग और जमीन पर फेंसिंग न कराने का मुद्दा उठाया।
- पार्षद विद्या प्रकाश दुबे ने अमृत योजना के तहत सड़कों को खोदने के बाद सही न कराने पर सवाल किए।
- महापौर ने सफाई कर्मचारियों के समायोजन और निर्माण कार्य स्थल पर बोर्ड लगाने के लिए कहा।
- पार्षद अविनाश कुमार ने मप्र रोडवेज के हॉल को खाली कराने का मुद्दा उठाया।
- पार्षद नरेंद्र नामदेव ने नगरा क्षेत्र में विकास कार्य कराने और सड़क चौड़ी कराने की मांग की।
- पार्षद मुकेश सोनी और प्रदीप नगरिया ने अतिक्रमण को लेकर मुद्दा उठाया।
स्मार्ट सिटी में हो बेहतर काम
मनोनीत पार्षद मनु सिंह ने कहा कि स्मार्ट सिटी से तिरंगा लग गया, पिंक टॉयलेट बन गए, लेकिन उनकी कोई उपयोगिता नहीं है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी में वाटर रियूज, सब्जी मंडी के निर्माण, ट्रैफिक सुधारने पर काम किए जाएं। उन्होंने महानगर में नगर निगम के तीन सब ऑफिस बनाने का सुझाव भी दिया।

नगर आयुक्त बोले, धैर्य रखें सब काम होंगे
नगर आयुक्त अवनीश राय ने कहा कि तीन करोड़ की सड़क बनाने के मामले दोबारा न हों इसके लिए निर्माण से पहले सड़क पर ट्रैफिक लोड का सर्वे किया जाएगा। मप्र रोडवेज बंद होने के बाद से अब तक हाल का किराया वसूला जाएगा। स्मार्ट सिटी में पार्षदों के प्रस्ताव भी शामिल किए जाएंगे। जल निगम को मार्च तक सड़कों को सही करने का समय दिया गया है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। पीपीपी मॉडल पर पार्किंग बनाई जाएंगी। पार्षदों के काम प्राथमिकता के आधार पर होंगे।
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