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344 करोड़ रुपये से महानगर में रफ्तार पकड़ेगा विकास
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झांसी। महानगर में थमा विकास का पहिया अब तेजी से दौड़ेगा। तीन दिन चली मैराथन बैठक के बाद मंगलवार को कार्यकारिणी समिति ने 344 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी। इस दौरान तमाम मुद्दों पर पार्षद मुखर हुए तो महापौर रामतीर्थ सिंघल और नगर आयुक्त ने मोर्चा संभाला। उन्होंने जल्द से जल्द स्थितियों में सुधार का आश्वासन देते हुए सहयोगात्मक रवैये के साथ काम करने का आश्वासन दिया।
नगर निगम में बीते सप्ताह शुरू हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक तीन दिन तक सवालों में उलझी रही। बीते बुधवार और गुरुवार को बैठक में पार्षदों के सवालों को लेकर बैठक स्थगित कर दी गई थी। मंगलवार को फिर से बैठक बुलाई गई, तो महापौर और नगर आयुक्त ने मोर्चा संभाला। पार्षद विमल किशोर ने कहा कि अधिकारी महापौर की बात का सम्मान नहीं करते, तो पार्षदों की बात का क्या सम्मान करेंगे? पार्षद अरविंद बबलू ने कहा कि अधिकारी सुनते नहीं हैं। उपसभापति राजेश त्रिपाठी ने कुटेशन के कामों को पार्षदों की संस्तुति के बिना करने का मुद्दा उठाया। पार्षदों के सवालों पर जांच और कार्रवाई का निर्णय होने पर बजट पर चर्चा शुरू हुई। इसके बाद देर रात पार्षदों ने 344 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी। इस मौके पर पार्षद विकास खत्री, महेश गौतम, दिनेश सिंह दीपू, इंदु वर्मा, किशोरी रायकवार, बंटी सोनी, प्रदीप नगरिया, सुनील नैनवानी, एसीएम वान्या सिंह, अपर नगर आयुक्त अरुण गुप्त, शादाब असलम, रोहन सिंह समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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झांसी की जनता की सेवा करेंगे: महापौर
महापौर रामतीर्थ सिंघल ने कहा कि बैठक को लेकर तीन दिन से चर्चा हो रही है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर नगर निगम के खिलाफ कमेंट्स आ रहे हैं। लेकिन नगर निगम ने कुछ अच्छे काम भी किए हैं। उन्होंने कहा कि झांसी को कचरा मुक्त शहरों में एक स्टार मिला, ये प्रदेश के छह शहरों में शामिल है। टेंडर की दरों पर निर्णय सदन के अनुसार होगा। उन्होंने कहा कि हर इंजीनियर डायरी बनाएगा। जिसमें काम की स्थिति दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि पहले हाथ से एस्टीमेट बनते थे, लेकिन अब सब कंप्यूटराइज्ड हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनता ने सेवा के लिए चुना है और इसमें कोई कमी नहीं होगी। इस दौरान महापौर ने अपने राजनीतिक जीवन की उपलब्धियां भी गिनाईं।
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हर काम की होगी जांच: नगर आयुक्त
पार्षदों के सवालों को लेकर नगर आयुक्त ने गौर करते हुए कहा कि जितने काम जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों की संस्तुति के बिना कुटेशन से हुए हैं, उनकी तीन दिन में अपर नगर आयुक्त जांच करेंगे। इस दौरान एक काम के दो वर्क ऑर्डर होने पर जेई के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर मुख्य अभियंता एलएन सिंह को फटकार लगाई। नगर आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने कहा कि गलत होने पर कार्रवाई होगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय की है।
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ये रहे प्रमुख बिंदु
- 10 जून तक हर वार्ड में नए सिरे से सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
- सैनेटरी इंस्पेक्टर को पार्षद के घर के सामने से फोटो भेजनी होगी।
- मार्ग प्रकाश व्यवस्था कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होगी।
- कूड़ा कलेक्शन, आउटसोर्सिंग की एजेंसियों के अनुबंध में सुधार होगा।
- संपत्तियों के रखरखाव की जिम्मेदारी तय होगी।
- प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अब नगर निगम चलाएगा।
- टाउन प्लानर के लिए एजेंसी से अनुबंध जल्द होगा।
- हर वार्ड में पार्षद की संस्तुति पर दो हैंडपंप लगेंगे।
- टेंडरों में पार्षदों से भी चर्चा होगी।
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कूड़ा कलेक्शन में लागू होगा इंदौर मॉडल
महानगर में कूड़ा कलेक्शन और उसके परिवहन की स्थिति में सुधार करने के लिए नगर निगम रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) सिस्टम को आधार बनाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम ने इंदौर मॉडल को अपनाने की तैयारी की है। कूड़ा कलेक्शन के लिए नए सिरे से अनुबंध हो रहा है। जिसमें इंदौर मॉडल की तरह आरएफआईडी तकनीकी अपनाई जाएगी। लोग कूड़ा न उठने की जानकारी दे सकेंगे और इसकी निगरानी की जाएगी। साथ ही कंपनी की जवाबदेही तय होगी। दो-तीन जून में टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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नगर निगम में बीते सप्ताह शुरू हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक तीन दिन तक सवालों में उलझी रही। बीते बुधवार और गुरुवार को बैठक में पार्षदों के सवालों को लेकर बैठक स्थगित कर दी गई थी। मंगलवार को फिर से बैठक बुलाई गई, तो महापौर और नगर आयुक्त ने मोर्चा संभाला। पार्षद विमल किशोर ने कहा कि अधिकारी महापौर की बात का सम्मान नहीं करते, तो पार्षदों की बात का क्या सम्मान करेंगे? पार्षद अरविंद बबलू ने कहा कि अधिकारी सुनते नहीं हैं। उपसभापति राजेश त्रिपाठी ने कुटेशन के कामों को पार्षदों की संस्तुति के बिना करने का मुद्दा उठाया। पार्षदों के सवालों पर जांच और कार्रवाई का निर्णय होने पर बजट पर चर्चा शुरू हुई। इसके बाद देर रात पार्षदों ने 344 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी। इस मौके पर पार्षद विकास खत्री, महेश गौतम, दिनेश सिंह दीपू, इंदु वर्मा, किशोरी रायकवार, बंटी सोनी, प्रदीप नगरिया, सुनील नैनवानी, एसीएम वान्या सिंह, अपर नगर आयुक्त अरुण गुप्त, शादाब असलम, रोहन सिंह समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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झांसी की जनता की सेवा करेंगे: महापौर
महापौर रामतीर्थ सिंघल ने कहा कि बैठक को लेकर तीन दिन से चर्चा हो रही है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर नगर निगम के खिलाफ कमेंट्स आ रहे हैं। लेकिन नगर निगम ने कुछ अच्छे काम भी किए हैं। उन्होंने कहा कि झांसी को कचरा मुक्त शहरों में एक स्टार मिला, ये प्रदेश के छह शहरों में शामिल है। टेंडर की दरों पर निर्णय सदन के अनुसार होगा। उन्होंने कहा कि हर इंजीनियर डायरी बनाएगा। जिसमें काम की स्थिति दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि पहले हाथ से एस्टीमेट बनते थे, लेकिन अब सब कंप्यूटराइज्ड हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनता ने सेवा के लिए चुना है और इसमें कोई कमी नहीं होगी। इस दौरान महापौर ने अपने राजनीतिक जीवन की उपलब्धियां भी गिनाईं।
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हर काम की होगी जांच: नगर आयुक्त
पार्षदों के सवालों को लेकर नगर आयुक्त ने गौर करते हुए कहा कि जितने काम जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों की संस्तुति के बिना कुटेशन से हुए हैं, उनकी तीन दिन में अपर नगर आयुक्त जांच करेंगे। इस दौरान एक काम के दो वर्क ऑर्डर होने पर जेई के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर मुख्य अभियंता एलएन सिंह को फटकार लगाई। नगर आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने कहा कि गलत होने पर कार्रवाई होगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय की है।
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ये रहे प्रमुख बिंदु
- 10 जून तक हर वार्ड में नए सिरे से सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
- सैनेटरी इंस्पेक्टर को पार्षद के घर के सामने से फोटो भेजनी होगी।
- मार्ग प्रकाश व्यवस्था कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होगी।
- कूड़ा कलेक्शन, आउटसोर्सिंग की एजेंसियों के अनुबंध में सुधार होगा।
- संपत्तियों के रखरखाव की जिम्मेदारी तय होगी।
- प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अब नगर निगम चलाएगा।
- टाउन प्लानर के लिए एजेंसी से अनुबंध जल्द होगा।
- हर वार्ड में पार्षद की संस्तुति पर दो हैंडपंप लगेंगे।
- टेंडरों में पार्षदों से भी चर्चा होगी।
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कूड़ा कलेक्शन में लागू होगा इंदौर मॉडल
महानगर में कूड़ा कलेक्शन और उसके परिवहन की स्थिति में सुधार करने के लिए नगर निगम रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) सिस्टम को आधार बनाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम ने इंदौर मॉडल को अपनाने की तैयारी की है। कूड़ा कलेक्शन के लिए नए सिरे से अनुबंध हो रहा है। जिसमें इंदौर मॉडल की तरह आरएफआईडी तकनीकी अपनाई जाएगी। लोग कूड़ा न उठने की जानकारी दे सकेंगे और इसकी निगरानी की जाएगी। साथ ही कंपनी की जवाबदेही तय होगी। दो-तीन जून में टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।