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जारी है कूड़ा कलेक्शन कंपनियां का अत्याचार, नगर निगम लाचार
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झांसी। नगर निगम अमला कूड़ा कलेक्शन कंपनियों की मनमानी के आगे बौना बना हुआ है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के नाम पर ये कंपनियां पांच साल तक नियमों को ताक पर रखकर शहरवासियों को छलती रहीं। इस दौरान निगम को करोड़ों की चपत लगी। जिम्मेदार अफसर यह सब होता देखते रहे। मार्च 2019 में अनुबंध खत्म होने के बाद भी चार कंपनियां बेरोकटोट काम कर रही हैं। जिम्मेदार अफसर कह रहे हैं कि नोटिस जारी किया जा चुका है। अभी तक जवाब नहीं आया है। कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी की बात भी कह रहे हैं।
नगर निगम ने पांच साल पहले महानगर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए पांच कंपनियों ने अनुबंध किया था। अनुबंध के मुताबिक कंपनियों को महानगर में 40 फीसद घरों से यूजर चार्ज वसूलने के साथ 100 फीसद घरों से कूड़ा लेना था, लेकिन कंपनियों ने इसमें जमकर मनमानी की। इसके बाद झांसी में अनुबंधित कंपनियों के खिलाफ नगर निगम आगरा ने कूड़ा कलेक्शन में खेल करने पर मनमानी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई, तो झांसी में कारगुजारी सामने आने लगी। जांच में पता चला कि चार कंपनियों का अनुबंध मार्च 2019 में खत्म हो चुका था।
नगर आयुक्त अवनीश राय ने कंपनियों की मनमानी को देखते हुए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। लेकिन दो महीने से कंपनियों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। इसे लेकर अब नगर निगम कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। वहीं पार्षदों में कंपनियों की मनमानी को लेकर रोष है। पार्षद उमेश जोशी का कहना है कि कूड़ा कलेक्शन कंपनियां नगर निगम पर हावी हैं। नगर निगम आज तक कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सका। पार्षद भरत सेन का कहना है कि कूड़ा कलेक्शन कंपनियों ने नोटिस का जवाब न देकर निगम के आदेश को धता साबित कर दिया है। पार्षद जुगलकिशोर का कहना है कि कंपनियों ने नगर निगम को पांच साल में 25 करोड़ रुपये का चूना लगाया, लेकिन निगम कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
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कंपनियों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अब तक कंपनियों की ओर से जवाब नहीं मिला है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई की जाएगी। शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त
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नगर निगम ने पांच साल पहले महानगर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए पांच कंपनियों ने अनुबंध किया था। अनुबंध के मुताबिक कंपनियों को महानगर में 40 फीसद घरों से यूजर चार्ज वसूलने के साथ 100 फीसद घरों से कूड़ा लेना था, लेकिन कंपनियों ने इसमें जमकर मनमानी की। इसके बाद झांसी में अनुबंधित कंपनियों के खिलाफ नगर निगम आगरा ने कूड़ा कलेक्शन में खेल करने पर मनमानी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई, तो झांसी में कारगुजारी सामने आने लगी। जांच में पता चला कि चार कंपनियों का अनुबंध मार्च 2019 में खत्म हो चुका था।
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नगर आयुक्त अवनीश राय ने कंपनियों की मनमानी को देखते हुए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। लेकिन दो महीने से कंपनियों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। इसे लेकर अब नगर निगम कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। वहीं पार्षदों में कंपनियों की मनमानी को लेकर रोष है। पार्षद उमेश जोशी का कहना है कि कूड़ा कलेक्शन कंपनियां नगर निगम पर हावी हैं। नगर निगम आज तक कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सका। पार्षद भरत सेन का कहना है कि कूड़ा कलेक्शन कंपनियों ने नोटिस का जवाब न देकर निगम के आदेश को धता साबित कर दिया है। पार्षद जुगलकिशोर का कहना है कि कंपनियों ने नगर निगम को पांच साल में 25 करोड़ रुपये का चूना लगाया, लेकिन निगम कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
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कंपनियों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अब तक कंपनियों की ओर से जवाब नहीं मिला है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई की जाएगी। शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त