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Jhansi News: एक साथ तीन अर्थी उठने से कांप उठा कलेजा
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। फतेहपुर में सड़क हादसे में एक परिवार के तीन लोगों की मौत ने मोहल्ले में हर किसी को दहला दिया। रविवार तड़के तीनों के शव के दीनदयाल नगर स्थित आवास पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बेटी निधि पति पराग, पिता रामकुमार एवं मां कमलेश के शव से लिपटकर बिलख उठी। बेटा शैलेंद्र भी मां-बाप एवं जीजा का शव देखकर सदमे में आ गया। चार दिन के भीतर ही उसने छोटे भाई आदित्य समेत मां कमलेश, पिता रामकुमार एवं जीजा पराग को खो दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार में उनको संभालने वाला भी कोई नहीं बचा। किसी तरह पड़ोसियों ने उसे संभाला। रविवार सुबह रामकुमार एवं कमलेश का अंतिम संस्कार नंदनपुरा मुक्ति धाम में, जबकि पराग का अंतिम संस्कार श्याम चौपड़ा स्थित श्मशान घाट पर किया गया। दीनदयाल नगर से ही तीनों की अर्थी निकली। जिसने भी एक साथ तीन अर्थियों को उठते देखा, उसका कलेजा दहल उठा।
दीनदयाल नगर निवासी सेवानिवृत्त सीटीआई रामकुमार भार्गव के छोटे पुत्र आदित्य की ओंकारेश्वर में नर्मदा में नहाते समय डूब जाने से मौत हो गई थी। 16 अप्रैल को उसका शव बरामद हुआ था। आदित्य के अंतिम संस्कार करने के बाद पिता रामकुमार, मां कमलेश, आदित्य की पत्नी चारू, जीजा पराग कार से प्रयागराज अस्थि विसर्जन के लिए जा रहे थे। फतेहपुर के खागा के पास डंपर में पीछे से घुस जाने पर चारू के सिवाय सबकी मौत हो गई। चारू भी हादसे में घायल हो गई। उसे अभी अस्तपाल में भर्ती कराया गया है।
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