फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   mutton and chicken meat shops are also closed

बकरे और मुर्गे के गोश्त की दुकानें भी बंद रहीं

Sat, 25 Mar 2017 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 25 Mar 2017 12:24 AM IST
विज्ञापन
mutton and chicken meat shops are also closed
बकरे और मुर्गे के गोश्त की दुकान - फोटो : demo
शुक्रवार को शहर की मटन और चिकिन ( बकरे और मुर्गे का मांस) की दुकानें भी बंद रहीं। कार्रवाई के डर से दुकानें नहीं खोलीं गईं। इस दौरान संयुक्त टीम ने जांच के दौरान सीपरी बाजार क्षेत्र में खुली एक दुकान को सील कर दिया और दूसरी को बंद करा दिया। उधर, मांस कारोबारियों ने अपर नगर आयुक्त से भेंट कर अपनी समस्याएं बताईं, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी।
विज्ञापन

नगर निगम ने बुधवार को आदेश जारी कर कहा था कि मांस का अवैध कारोबार करने वाले दुकानें बंद कर दें, यदि जांच में कोई पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश का शुक्रवार को भी असर दिखा। शुक्रवार को स्थिति यह रही कि ओरछा गेट स्थित कसाई मंडी में भैंसा मांस के अलावा शहर के अन्य स्थानों पर संचालित मटन और चिकिन की भी अधिकांश दुकानें बंद रहीं। दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। शुक्रवार को नगर निगम, खाद्य सुरक्षा, तहसील और पुलिस की संयुक्त टीम ने सीपरी बाजार क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान आदिल कुरैशी की मीट की दुकान बगैर लाइसेंस के चलती पायी गई, जिसे सील कर दिया गया। लाइसेंस न होने के कारण अखलाक दुकान भी बंद करवा दी गई। टीम में नगर निगम की ओर से पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर के निरंजन, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील सचान, कर अधीक्षक आनंद सिंह, सफाई निरीक्षक अनिल आजाद, लिपिक जहीर अब्बासी शामिल थे। 
विज्ञापन

मांस कारोबारियों ने अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह से मुलाकात कर अपनी समस्याओं को रखा। कारोबारियों का कहना था कि जब उनके पास मांस बेचने का लाइसेंस है तो उनको जानवर काटने का विकल्प दिया जाए। इस पर अपर नगर आयुक्त ने जिलाधिकारी से बात करने की बात कही। देर रात तक समस्या का कोई हल नहीं निकल सका था।    
विज्ञापन
विज्ञापन


 विकल्प तो दें 
नगर निगम मांस बेचने का लाइसेंस तो दे रहा है, लेकिन हमें जानवर काटने का कोई विकल्प नहीं दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में हम कारोबार कैसे करें? 
गफ्फार कुरैशी, मांस कारोबारी।

बेरोजगार हो गए
मांस की हर दुकान में तीन से चार श्रमिक काम करते हैं। रोज कमाने वाले मजदूरों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरकार को इस समस्या का जल्द हल निकालना चाहिए। 

अफजाल कुरैशी, मांस कारोबारी। 

बासी मांस परोस रहे 
महानगर के मांसाहारी होटल और दुकानों में शुक्रवार को फ्रिज में रखा एक दिन बासी मांस की पकाकर परोसा गया। कई होटलों में भी मांस नहीं पका। मांस के शौकीन लोग परेशान रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed