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राजकीय संग्रहालय: मानव पुतलों का होगा कायाकल्प
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Thu, 15 Oct 2015 12:55 AM IST
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झांसी। राजकीय संग्रहालय के पार्क में लगभग दो वर्ष पूर्व मानव जीवन की
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प्रगति को दर्शाने वाले पुतले लगाए गए थे, लेकिन रंग-रोगन एवं संरक्षण के
अभाव में यह पुतले खराब हो रहे हैं। इनके कायाकल्प के लिए राजकीय संग्रहालय
निदेशक ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि लगभग एक दर्जन से ज्यादा पुतलों के माध्यम से पर्यटकों को मानव की शारीरिक संरचना की प्रगति बताई गई है। उक्त पुतले बंदर से मानव में परिवर्तित होने की कहानी दर्शाते हैं। इनके माध्यम से आदिम युग में पशुओं का शिकार कर उसे भून कर खाने समेत कई अन्य तथ्यों को खूबसूरती से दर्शाया गया है। इन्हें देखने के लिए अकसर संग्रहालय में बच्चों की भीड़ भी जुटती रहती है। लेकिन संरक्षण एवं रंग-रोगन के अभाव में यह पुतले आकर्षण खोने लगे हैं, जिससे संग्रहालय की गरिमा को धक्का लग रहा है, वहीं पर्यटकों को भी निराशा होती है।
इस संदर्भ में राजकीय संग्रहालय निदेशक डॉ. एके पांडेय ने बताया कि मानव पुतलों के वार्षिक अनुरक्षण के लिए शासन ने एक लाख रुपये का बजट निर्गत किया है। इस धनराशि से जल्द पुतलों का रंग-रोगन कराया जाएगा। वहीं, इन्हें सुरक्षित करने के लिए स्टील की जाली भी बनवाई जाएगी। यह कार्य जल्द ही शुरू कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि लगभग एक दर्जन से ज्यादा पुतलों के माध्यम से पर्यटकों को मानव की शारीरिक संरचना की प्रगति बताई गई है। उक्त पुतले बंदर से मानव में परिवर्तित होने की कहानी दर्शाते हैं। इनके माध्यम से आदिम युग में पशुओं का शिकार कर उसे भून कर खाने समेत कई अन्य तथ्यों को खूबसूरती से दर्शाया गया है। इन्हें देखने के लिए अकसर संग्रहालय में बच्चों की भीड़ भी जुटती रहती है। लेकिन संरक्षण एवं रंग-रोगन के अभाव में यह पुतले आकर्षण खोने लगे हैं, जिससे संग्रहालय की गरिमा को धक्का लग रहा है, वहीं पर्यटकों को भी निराशा होती है।
इस संदर्भ में राजकीय संग्रहालय निदेशक डॉ. एके पांडेय ने बताया कि मानव पुतलों के वार्षिक अनुरक्षण के लिए शासन ने एक लाख रुपये का बजट निर्गत किया है। इस धनराशि से जल्द पुतलों का रंग-रोगन कराया जाएगा। वहीं, इन्हें सुरक्षित करने के लिए स्टील की जाली भी बनवाई जाएगी। यह कार्य जल्द ही शुरू कराया जाएगा।