{"_id":"5e7123db8ebc3ea4c97b9416","slug":"murder-suspect-rajesh-pal-jhansi-news-jhs162673897","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोमवार को ही करौली माता के दर्शन करके लौटे थे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोमवार को ही करौली माता के दर्शन करके लौटे थे
विज्ञापन
सुजवाहा की राजघाट नहर के पास से तापता ग्रामीण राजेश का घटना में नहर के पास जमा भीड़। अमर उजाला
झांसी। रक्सा क्षेत्र के मवई निवासी डेयरी संचालक राजेश पाल (29) सोमवार की सुबह ही राजस्थान स्थित करौली माता मंदिर के दर्शन करके लौटे थे। वे गांव के ही कुछ लोगों और दोस्तों के साथ चार पहिया वाहन से राजस्थान गए थे। उनके लापता होने से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। उनके तीन बच्चे, पत्नी व अन्य परिजन उनके सुरक्षित लौटने की राह देख रहे हैं।
रक्सा थाना क्षेत्र के मवई गांव निवासी श्रीपद पाल के तीन पुत्र राजेश, महेंद्र व सुरेंद्र हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। राजेश अपने छोटे भाई सुरेंद्र के साथ पिछले आठ साल से सिजवाहा मुख्य सड़क पर राजेश दूध डेयरी का संचालन कर रहे हैं। राजेश की शादी बरुआसागर के सादकपुरा निवासी जयदेवी के साथ हुई थी। उनके तीन संतानें हैं। अंबिका(08), अंशिक (06) व मनीष (04) हैं। बीच वाले भाई महेंद्र परिवार के साथ गांव से एक किलोमीटर दूर स्थित खेत वाले घर पर रहते हैं। वे प्रतिदिन सुबह नौ बजे घर से निकल आते हैं और दिन भर डेयरी पर रहने के बाद रात में नौ से दस बजे के बीच ही घर पहुंचते हैं। अपने मृदुभाषी स्वभाव के कारण राजेश को क्षेत्र के लोग भलीभांति जानते हैं।
मंगलवार की सुबह राजघाट नहर के किनारे से सिजवाहा से मवई गांव वाले रास्ते पर राजेश की चप्पल मिलने और आसपास खून के धब्बे लगे होने का पता लगने के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। दोपहर में घटनास्थल से दो सौ मीटर दूर नहर में उनकी बाइक मिलने से परिजन और दुखी हो गए। परिजनों का कहना है कि राजेश की न तो किसी से रंजिश है और न ही किसी से विवाद चल रहा है। 13 मार्च को वे गांव के कुछ लोगों और दोस्तों के साथ राजस्थान स्थित करौली माता मंदिर दर्शन करने गए थे। सोमवार की सुबह ही वह लौटकर आए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रक्सा थाना क्षेत्र के मवई गांव निवासी श्रीपद पाल के तीन पुत्र राजेश, महेंद्र व सुरेंद्र हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। राजेश अपने छोटे भाई सुरेंद्र के साथ पिछले आठ साल से सिजवाहा मुख्य सड़क पर राजेश दूध डेयरी का संचालन कर रहे हैं। राजेश की शादी बरुआसागर के सादकपुरा निवासी जयदेवी के साथ हुई थी। उनके तीन संतानें हैं। अंबिका(08), अंशिक (06) व मनीष (04) हैं। बीच वाले भाई महेंद्र परिवार के साथ गांव से एक किलोमीटर दूर स्थित खेत वाले घर पर रहते हैं। वे प्रतिदिन सुबह नौ बजे घर से निकल आते हैं और दिन भर डेयरी पर रहने के बाद रात में नौ से दस बजे के बीच ही घर पहुंचते हैं। अपने मृदुभाषी स्वभाव के कारण राजेश को क्षेत्र के लोग भलीभांति जानते हैं।
विज्ञापन
मंगलवार की सुबह राजघाट नहर के किनारे से सिजवाहा से मवई गांव वाले रास्ते पर राजेश की चप्पल मिलने और आसपास खून के धब्बे लगे होने का पता लगने के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। दोपहर में घटनास्थल से दो सौ मीटर दूर नहर में उनकी बाइक मिलने से परिजन और दुखी हो गए। परिजनों का कहना है कि राजेश की न तो किसी से रंजिश है और न ही किसी से विवाद चल रहा है। 13 मार्च को वे गांव के कुछ लोगों और दोस्तों के साथ राजस्थान स्थित करौली माता मंदिर दर्शन करने गए थे। सोमवार की सुबह ही वह लौटकर आए थे।
विज्ञापन